Tuesday, 27 September 2011

वैशाली का विशाल कारनामा सुन कोई भी दंग रह जाएगा!


जयपुर.आर्किटेक्ट के प्रोफेशन में कई बार पुरुषों ने यह महसूस करवाया कि अकेली महिला कुछ नहीं कर सकती। यह अहसास सेक्टर 6 की वैशाली मास्टर के लिए प्रेरणा बन गया।

उन्होंने अकेले बाइक पर सफर करते हुए महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का संदेश देने का निश्चय किया। किंग्स रोड स्थित पद्मावती कॉलोनी-प्रथम में रहने वाली 41 वर्षीय वैशाली प्रोफेशन से आर्किटेक्ट हैं। 16 सितंबर को पहली बार वे मोटरसाइकिल से जयपुर से गुजरात के लिए सुबह 6.15 बजे रवाना हुईं।

जयपुर से भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, अहमदाबाद, वडोदरा फिर सूरत पहुंची। सूरत से वापस वड़ोदरा, अहमदाबाद, राजकोट, वीरपुर, मेहसाणा, सामलाजी, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा होते हुए वे 21 सितंबर को जयपुर पहुंचीं।

उन्होंने बताया कि 6 दिन में लगभग 2,600 किलोमीटर की यात्रा तय की। 2011 महिला सशक्तीकरण वर्ष होने के कारण उन्होंने यह संकल्प लिया था।

इस संकल्प को पूरा करते हुए इन्होंने गांव-गांव, छोटे कस्बों से होते हुए महिलाओं में जाग्रति, स्वावलंबी, आत्मनिर्भर और स्त्रियों को शिक्षित करने का संदेश देते हुए यह यात्रा तय की।

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