Monday, 12 September 2011

शाबाश कोच नोब्स! कंगारू कोच होकर भी बचा ली नाक

खेल डेस्क। चीन के आरडोस में हॉकी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम इंडिया ने न सिर्फ अपना नाम रोशन किया, बल्कि देश का भी नाम ऊंचाई पर पहुंचाया। वहीं, खिताबी भिड़ंत में प्रमुख प्रतिद्वंदी पाक को पटखनी देने के बाद यह जीत तो और भी खास हो जाती है। इस जीत के लिए जितना श्रेय खिलाड़ियों को जाता है, उतना ही उनके ऑस्ट्रेलियाई कोच माइकल नोब्स को जाता है।

यह जीत हमारे हिस्से में उस समय आई है, जब हॉकी इंडिया में जबरदस्त राजनीति हो रही है। हॉकी इंडिया और आईएचएफ के बीच अभी भी विवाद जारी है। इन मुश्किल परिस्थितियों में टीम इंडिया ने जिस तरह का अपना प्रदर्शन दिखाया है, वो काबिलेतारीफ है। कोच नोब्स ने खिलाड़ियों में जबरदस्त आत्मविश्वास भर दिया है।

एशियन चैंपियनशिप जीतने से पहले टीम इंडिया 2007 में कोई बड़ा टूर्नामेंट जीत पाई थी। 2007 में टीम इंडिया ने एशिया कप जीतकर देश का नाम रोशन किया था। लेकिन इसके बाद मानो सूखा ही पड़ गया था और लगा कि हॉकी इंडिया गर्त में जा चुकी है। लेकिन कोच नोब्स ने जो काम किया, उसकी जितनी तारीफ की जाए, वो कम है।

हॉकी में टीम इंडिया अबतक 15 बड़े टूर्नामेंट जीत चुकी है। इसमें आठ बार ओलंपिक, दो बार एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप, एफ्रोएशियन गेम्स, एशियन चैंपियनशिप 1-1 बार जीतने में कामयाब हुई है। उम्मीद यही है कि यह सिर्फ आगाज है और जीत का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।

No comments:

Post a Comment