कोटा। एआई ट्रिपल ई सेंटर बहाल करने की कोटावासियों की मांग और सीबीएसई निदेशक द्वारा आरटीआई के जवाब में की गई अपमानजनक टिप्पणी की शिकायत सोमवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक पहुंच गई। सांसद इज्यराज सिंह ने सोमवार को एमएचआरडी मंत्री कपिल सिब्बल और सीबीएसई उच्चाधिकारियों से मिलकर परीक्षा केंद्र बहाल करने का दबाव बनाया। इससे पूर्व सिंह ने शुक्रवार को भी सीबीएसई अधिकारियों से मिलकर एआई ट्रिपल ई विंग के निदेशक की कोटा में पेपरों की असुरक्षा संबंधी टिप्पणी पर शिकायत दर्ज करवाई थी।
सिंह ने दिल्ली से फोन पर ‘भास्कर’ को बताया कि एमएचआरडी के उच्चाधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि एआई ईईई,2012 के परीक्षा केंद्रों की सूची में कोटा का नाम फिर से शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही आईआईटी-जेईई,12 का परीक्षा केंद्र भी फिर से बहाल करने पर विचार किया जाएगा। वे पहले भी ध्यानाकर्षण के जरिए इस मुद्दे को लोकसभा में उठा चुके हैं।
सांसद ने अधिकारियों को बताया कि देश-विदेश में कोटा की ख्याति शैक्षणिक नगरी के रूप में है। वहां देश के कोने-कोने से लाखों छात्र-छात्राएं एआई ट्रिपल ई और आईआईटी-जेईई की तैयारी करने कि लिए आते हैं। ये विद्यार्थी पूरे साल कोटा में ही रहते हैं, इसलिए उन्हें यहां की अनुकूल परिस्थितियों में ही परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोटा के आम नागरिकों की आवाज है। पूर्व पार्षद बृजेश शर्मा नीटू ने बताया कि इस मुद्दे पर कोटा के नागरिक व छात्र शक्ति सांसद के साथ हैं।
महापौर व कांग्रेस प्रवक्ता भी आगे आए
इधर, एआई ट्रिपल ई का परीक्षा केंद्र बहाल करने की मुहिम में सोमवार को महापौर डॉ.रत्ना जैन ने भी हस्ताक्षर करके अपना समर्थन दिया। राजीव गांधी नगर में 500 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने परीक्षा केंद्र खोलने के समर्थन में बैनर पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर महापौर ने कहा कि कोटा देश में एजुकेशन सिटी के नाम से जाना जाता है, ऐसे में यहां प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के सेंटर न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आईआईटी,मुंबई के निदेशक को पत्र भेजकर यहां जेईई,2012 का सेंटर भी बहाल करने की मांग की। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने कहा कि वे प्रधानमंत्री, एचआरडी मंत्री और मुख्यमंत्री स्तर पर निरंतर इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं, सीबीएसई को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सिंह ने दिल्ली से फोन पर ‘भास्कर’ को बताया कि एमएचआरडी के उच्चाधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि एआई ईईई,2012 के परीक्षा केंद्रों की सूची में कोटा का नाम फिर से शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही आईआईटी-जेईई,12 का परीक्षा केंद्र भी फिर से बहाल करने पर विचार किया जाएगा। वे पहले भी ध्यानाकर्षण के जरिए इस मुद्दे को लोकसभा में उठा चुके हैं।
सांसद ने अधिकारियों को बताया कि देश-विदेश में कोटा की ख्याति शैक्षणिक नगरी के रूप में है। वहां देश के कोने-कोने से लाखों छात्र-छात्राएं एआई ट्रिपल ई और आईआईटी-जेईई की तैयारी करने कि लिए आते हैं। ये विद्यार्थी पूरे साल कोटा में ही रहते हैं, इसलिए उन्हें यहां की अनुकूल परिस्थितियों में ही परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोटा के आम नागरिकों की आवाज है। पूर्व पार्षद बृजेश शर्मा नीटू ने बताया कि इस मुद्दे पर कोटा के नागरिक व छात्र शक्ति सांसद के साथ हैं।
महापौर व कांग्रेस प्रवक्ता भी आगे आए
इधर, एआई ट्रिपल ई का परीक्षा केंद्र बहाल करने की मुहिम में सोमवार को महापौर डॉ.रत्ना जैन ने भी हस्ताक्षर करके अपना समर्थन दिया। राजीव गांधी नगर में 500 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने परीक्षा केंद्र खोलने के समर्थन में बैनर पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर महापौर ने कहा कि कोटा देश में एजुकेशन सिटी के नाम से जाना जाता है, ऐसे में यहां प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के सेंटर न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आईआईटी,मुंबई के निदेशक को पत्र भेजकर यहां जेईई,2012 का सेंटर भी बहाल करने की मांग की। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने कहा कि वे प्रधानमंत्री, एचआरडी मंत्री और मुख्यमंत्री स्तर पर निरंतर इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं, सीबीएसई को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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