नई दिल्ली। दूरसंचार
सेवा क्षेत्र में रिलायंस जियो की धमा केदार एंट्री के बाद प्रतिस्पर्धी
कंपनियां अपने पहले से बने उपभोक्ताओं को बनाये रखने और नए उपभोक्ताओं को
जोड़ने की कवायद में जुट गई हैं। इसका उदाहर धरातल पर भी दिखने लगा है।
रविवार
को सरकारी दूरसंचार सेवा प्रदाता बीएसएनएल ने इसी क्षेत्र की निजी कंपनी
वोडाफोन इंडिया के साथ हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों के बीच हुए इस करार
के तहत दोनों कंपनी अपने 2जी उपभोक्ताओं को रोमिंग के दौरान एक-दूसरे के
नेटवर्क से कनेक्टिविटी दे सकेंगी।
वोडाफोन
ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इससे उसे अपने 2जी नेटवर्क के विस्तार
में मदद मिलेगी, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में। शहरी इलाकों में बीएसएनएल
अपना नेटवर्क मजबूत कर सकेगी। देश भर में वोडाफोन के एक लाख 37 हजार से
अधिक टावर हैं जबकि बीएसएनएल के पास एक लाख 14 हजार से ज्यादा टावर हैं।
बीएसएनएल के अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने इस करार पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा, '' हम देश भर में नये साइट स्थापित कर तथा दूसरी दूरसंचार कंपनियों के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने के समझौते कर अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। वोडाफोन के साथ इस करार से हमारा नेटवर्क कवरेज बेहतर होगा, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में।''
वोडाफोन इंडिया के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनिल सूद ने कहा, '' हम चाहते हैं कि हमारे लाखों ग्राहक लगातार बेहतर डाटा एवं वॉयस सुविधा का लाभ उठाते रहें। बीएसएनएल के साथ इस समझौते से देश के अंदरूनी हिस्सों में हमारी पहुंच बनेगी। '
No comments:
Post a Comment