नई दिल्ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
अगले सप्ताह तक सिविल लाइन्स के फ्लैग रोड स्थित बंगला नंबर-6 में रहने जा
सकते हैं। पीडब्ल्यूडी ने बंगले को पूरी तरह तैयार कर दिया है। लेकिन
सीएम के एक निर्देश ने पीडब्ल्यूडी की परेशानी बढ़ा दी है। सीएम ने कहा है
कि बंगले से सारे एसी हटा दिए जाएं।
करीब आठ एकड़ में फैले बंगले में पांच बेडरूम, एक ड्रांइग रूम और ऑफिस
रूम के अलावा दो बड़े लॉन, एक गार्डन, तीन सर्वेंट क्वार्टर और पार्किंग
है। पांचों बेडरूम, ड्राइंग रूम और ऑफिस रूम में एयर कंडीशनर लगे हुए हैं।
बंगला तैयार करने में लगे एक अधिकारी ने कहा, "उन्होंने हमसे घर से सभी एसी
हटाने को कहा है जो हमारे लिए कठिन काम है, क्योंकि इसका मतलब एक तरह से
घर का डिजाइन बदलना होगा। हमें दीवारों में बन गई खाली जगहों को भरने के
लिए खिड़कियां बनानी होंगी या कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। हमने उनसे
इस मांग पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है, लेकिन अगर वह अपनी बात पर
कायम रहे तो हमें जरूरी बदलाव करना होगा।"
अधिकारी के अनुसार, इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उनसे कहा था कि घर की
मरम्मत में ज्यादा समय और पैसा नहीं लगाया जाए और इसकी नए सिरे से पुताई की
भी जरूरत नहीं है। अधिकारी के मुताबिक, "हालांकि, हमने घर की फिर से पुताई
और साफ-सफाई कराई है, क्योंकि एक साल से अधिक समय से इसका उपयोग नहीं हो
रहा था।"
पूरे बंगले में इंटरनेट
पूरे बंगले में वाई-फाई और ब्रॉडबैंड के जरिए हाईस्पीड इंटरनेट की
सुविधा है। गार्डन में कौन-से फूल के पौधे लगाए जाने हैं, इस बारे में
मुख्यमंत्री कार्यालय से पूछा गया था। लेकिन अब तक जवाब नहीं आया। अब
मुख्यमंत्री और उनके परिवार के आने पर ही गार्डन का काम पूरा होगा।
बेडरूम में सुविधाओं के बारे में पूछे जाने पर पीडब्ल्यूडी के
कर्मचारी ने कहा कि बेडरूम में सिर्फ बेड और एसी की व्यवस्था है। अन्य
व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री और उनके परिवार के अनुरूप उनके आने पर होंगी।
अधिकारी ने बताया कि कि पूरे घर में फर्नीचर लकड़ी का है और सिर्फ एक लॉकर
लोहे का है।
फ्लैग रोड का 6 नंबर बंगला दिल्ली के मुख्य सचिव के लिए बनाया गया था।
इसमें पूर्व मुख्य सचिव जयकृष्णन रहे थे, उसके बाद कोई मुख्य सचिव नहीं
रहा। विस अध्यक्ष चौधरी प्रेम सिंह लंबे समय तक रहे और फिर यह बंगला
कांग्रेस के 2008-13 के कार्यकाल में विस उपाध्यक्ष अमरीश सिंह गौतम को
आवंटित हुआ था।
पहली बार सीएम बनने के बाद केजरीवाल तिलक लेन रोड पर रहे थे। उस बार
उन्होंने कहा था कि उन्हें बड़ा बंगला नहीं चाहिए। हालांकि, बाद में एक
टीवी चैनल ने एक चिट्ठी दिखाते हुए दावा किया था कि सीएम ऑफिस से
मुख्यमंत्री के लिए बड़ा घर मांगा गया था। लेकिन इस बार खुद केजरीवाल ने
ही शपथ लेने के बाद दिए गए भाषण में कहा था कि उनका बंगला कम से कम इतना
बड़ा तो हो, जहां वह जनता से मिल सकें और दफ्तर का काम कर सकें। दिल्ली के
मुख्यमंत्री को टाइप-6 मकान मिलता है, लेकिन केजरीवाल ने केंद्रीय शहरी
विकास मंत्रालय के अधीन आने वाले मकानों में से घर दिए जाने की मांग की थी।
वहीं, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मथुरा रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री
शीला दीक्षित का पुराना बंगला एबी-17 आवंटित है।
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