पूरे वर्ल्डकप में टीम इंडिया के जिस गेंदबाज़ी अटैक की कप्तान धोनी तारीफ़
करते नहीं थक रहे थे वही गेंदबाज़ी अटैक सेमीफाइनल में हार की सबसे बड़ी
वजह बन गया. टीम का हर गेंदबाज़ पिटा, सबने रन लुटाए और ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा
बड़ा स्कोर खड़ा करने में कामयाब हो गया, जिसका तोड़ भारतीय बल्लेबाज़ों
के पास नहीं था.
लुटे रन, डूबी लुटिया
मोहम्मद शमी ने 10 ओवर में 68 रन दिए, मोहित शर्मा ने 10 ओवर में 75 रन, उमेश यादव ने 9 ओवर में 72 रन दिए और जडेजा ने 10 ओवर में 56 रन लुटाए. हालांकि उमेश को 4 और मोहित को 2 भी विकेट मिले, लेकिन इतने रन पिटवाने के बाद विकेट का जश्न मनता भी तो कैसे. टीम में केवल आर. अश्विन ही ऐसे गेंदबाज़ थे जिनका इकॉनमी रेट 5 से नीचे का था.
रिकॉर्ड भी गया पानी में
वर्ल्डकप 2015 के 7 मैचों में टीम इंडिया अपने गेंदबाज़ों के बूते एक नया इतिहास रच रही थी. वर्ल्डकप में ये पहली बार था कि टीम इंडिया अपनी विरोधी टीम को लगातार 7 मैचों में ऑलआउट करने में कामयाब हुई थी. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में भारतीय गेंदबाज़ बगले झांकते नज़र आए. ऑस्ट्रेलियाई टीम को ऑलआउट करना तो दूर उन्हें परेशान तक करने में भारतीय गेंदबाज़ नाकाम रहे.
लुटे रन, डूबी लुटिया
मोहम्मद शमी ने 10 ओवर में 68 रन दिए, मोहित शर्मा ने 10 ओवर में 75 रन, उमेश यादव ने 9 ओवर में 72 रन दिए और जडेजा ने 10 ओवर में 56 रन लुटाए. हालांकि उमेश को 4 और मोहित को 2 भी विकेट मिले, लेकिन इतने रन पिटवाने के बाद विकेट का जश्न मनता भी तो कैसे. टीम में केवल आर. अश्विन ही ऐसे गेंदबाज़ थे जिनका इकॉनमी रेट 5 से नीचे का था.
रिकॉर्ड भी गया पानी में
वर्ल्डकप 2015 के 7 मैचों में टीम इंडिया अपने गेंदबाज़ों के बूते एक नया इतिहास रच रही थी. वर्ल्डकप में ये पहली बार था कि टीम इंडिया अपनी विरोधी टीम को लगातार 7 मैचों में ऑलआउट करने में कामयाब हुई थी. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में भारतीय गेंदबाज़ बगले झांकते नज़र आए. ऑस्ट्रेलियाई टीम को ऑलआउट करना तो दूर उन्हें परेशान तक करने में भारतीय गेंदबाज़ नाकाम रहे.
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