Saturday, 10 October 2015

मोदी से मिले हरभजन, किया इनवाइट, 29 अक्टूबर को गीता बसरा से है शादी

नई दिल्ली. टीम इंडिया के क्रिकेटर हरभजन सिंह ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान हरभजन सिंह ने पीएम को इनवाइट करते हुए शादी का कार्ड दिया। बता दें कि हरभजन सिंह 29 अक्टूबर को गर्लफ्रेंड गीता बसरा से शादी करने जा रहे हैं। शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। शादी जालंधर से 20 किमी दूर फगवाड़ा रोड पर एक होटल में होने वाली है।
दिल्ली में होगा रिसेप्शन
जानकारी के मुताबिक, हरभजन-गीता की शादी के इवेंट्स पांच दिनों तक चलेंगे। इसमें चूड़ा सेरेमनी (चूड़ा पहनाने की रस्म), शादी, संगीत सेरेमनी और रिसेप्शन होगा। एक नवंबर को दिल्ली में रिसेप्शन होगा। सूत्रों की मानें तो संगीत सेरेमनी में विराट कोहली और युवराज सिंह जैसे क्रिकेटर नजर आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि फिलहाल भारत के दौरे पर आई साउथ अफ्रीकी टीम के खिलाड़ियों को भी भज्जी ने रिसेप्शन के लिए इनवाइट किया है।
कौन हैं गीता बसरा?
हरभजन की गर्लफ्रेंड गीता बसरा बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। उनकी फैमिली लंदन में रहती है। 31 साल की गीता कई मौकों पर हरभजन के साथ देखी गई हैं। हालांकि, दोनों ने कभी खुलेआम अपना रिश्ता कबूल नहीं किया। 3 जुलाई को गीता बसरा की फिल्म 'सेकंड हैंड हसबैंड' रिलीज हुई थी। उस दौरान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर ने ट्वीट कर उन्हें बधाई भी दी थी। गीता 'भैय्याजी सुपरिहट', 'द ट्रेन', 'दिल दिया है' जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। गीता के पेरेंट्स भी पंजाबी हैं, लेकिन वे शुरू से ही इंग्लैंड में रहते हैं। हालांकि, गीता कुछ सालों से मुंबई शिफ्ट हो चुकी हैं।
कैसा है शादी का कार्ड?
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, कार्ड लाल रंग का है, जिस पर गोल्डन कलर से डिजाइन किया गया है। कार्ड खोलते ही सबसे पहले इनविटेशन है, जिस पर गोल्डन कलर से लिखा है 'G and H' (गीता वेडिंग हरभजन)। साथ में ही एक स्लिप भी है, जिसे हर गेस्ट के लिए ले जाना मैंडेटरी है। जैसे ही कार्ड को फ्लैप करते हैं, नीचे मिठाई है। कार्ड के अंदर सुनहरे कलर से देवनागिरी लिपि में 'ऊं' लिखा है। बाकी सभी मैटर इंग्लिश में है। ये कार्ड लिमिटेड वीआईपी गेस्ट्स को ही भेजे गए हैं।

Friday, 9 October 2015

बदहाल पुजारी की मदद को आगे आया नावेद, मंदिर की देखरेख के लिए भी दिए पैसे

लखनऊ: हालिया वक्त में देश में सांप्रदायिक तनाव के कई मामले सामने आए हैं। इस बीच, यूपी की राजधानी में कौमी एकता की एक अनूठी मिसाल सामने आई है।
शहर के आलम नगर इलाके स्थित सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर के महंत श्याम सुंदर दास की माली हालत बेहद खराब है। इसे देखते हुए मंदिर के सामने आटा चक्की चलाने वाले नावेद अख्तर राशन और पैसे देकर उनकी मदद कर रहे हैं। महंत श्याम सुंदर दास ने बताया कि नावेद अख्तर उन्हें खाने के लिए आटा, तेल और जरूरी सामान मुहैया कराते हैं। इसके साथ ही मंदिर की देखभाल के लिए पैसे भी देते हैं।
क्या कहना है पुजारी का?
पुजारी श्याम सुंदर का कहना है कि मंदिर की बाउंड्री से लगी 30 दुकानें हैं। इन दुकानदारों ने अब अपनी यूनियन बना ली है। पिछले तीन साल से न तो किराया दे रहे हैं और न ही लोगों को मंदिर में पूजा करने देते हैं। ऐसे में, मंदिर में कोई चढ़ावा नहीं आता। इससे मंदिर के रख-रखाव का खर्च नहीं निकल पा रहा। साथ ही, खाने के भी लाले पड़ गए। पुजारी के मुताबिक, जब उन्होंने इस बात का विरोध किया तो दुकानदारों ने उनकी पिटाई कर दी। इस साल फरवरी में उन्होंने थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्या कहना है नावेद का?
नावेद अख्तर का कहना है कि वह अपनी क्षमता के मुताबिक, मंदिर और महंत की मदद करते रहेंगे। वह अपने जीते जी न तो मंदिर टूटने देंगे और न ही पुजारी को कुछ होने देंगे। नावेद अख्तर के मुताबिक, वह दिन में पांच बार नमाज अदा करते हैं। अपने मजहब से उन्होंने इंसानियत के फर्ज को जाना है और उसी को निभा रहे हैं। उनके पिता बाबू मियां भी इस मंदिर में भंडारा लगवाने में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते थे। उन्होंने ही सिखाया कि धर्म अहम है, लेकिन सबसे ऊपर इंसानियत और नेकी है। यही इंसान के साथ ऊपर जाती है।

अपने रिश्तेदारों के साथ PM से नहीं मिलेंगी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली नेताजी सुभाषचंद्र बोस की फैमिली की मीटिंग में नेताजी की बेटी अनीता बोस फॉफ नहीं शामिल होंगी। नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ ने बर्लिन में बताया कि अभी उनका इस मीटिंग में आने का कोई प्लान नहीं है। गौरतलब है कि पीएम के साथ नेताजी की फैमिली के 35 मेंबर्स की यह मुलाकात अगले हफ्ते 14 अक्टूबर को दिल्ली में होनी है।
सर्दियों में भारत आएंगी अनीता
अनीता बोस फॉफ ने साफ किया कि वे अपने पहले से तय प्रोग्राम के मुताबिक, सर्दियों में भारत आएंगी। अनीता ने बताया कि उन्होंने सर्दियों में होने वाली अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात करने की इच्छा जताई थी। इंडियन एंबेसी ने भी उन्हें बताया था कि पीएम भी उनसे मिलने की इच्छा रखते हैं। इसके बाद उन्होंने सर्दियों में भारत आने का कार्यक्रम तय किया है।
पीएम से मिलेंगे नेताजी के 35 रिश्तेदार
नेताजी के 35 रिश्तेदार और उनसे जुड़े लोग दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी से यह मांग की जाएगी कि नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक किया जाए। गौरतलब है कि पीएम के साथ होने वाली नेताजी के रिश्तेदारों की इस मीटिंग में नेताजी की बेटी ही नहीं, उनके भतीजे शिशिर बोस की पत्नी और पूर्व सांसद कृष्णा बोस भी शामिल नहीं होंगी। बताया जा रहा है कि वे अपने बेटे सौगत बोस के साथ फिलहाल लंदन में हैं और 15 अक्टूबर के बाद ही भारत लौटेंगी।
पीएमओ को भेजा बैठक का एजेंडा
नेताजी के भतीजे चंद्र कुमार बोस ने कोलकाता में कहा कि उन्होंने पीएमओ को बातचीत का एजेंडा भेज दिया है। उन्होंने बताया कि हमने नेताजी की रहस्यमय मौत से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक किए जाने और 1945 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े मामलों की फाइलें खोले जाने की मांग रखी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में जो इनपुट मिले हैं, उसे देखते हुए यूपी, बिहार और ओडिशा सरकार से भी नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की जाएगी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने नेताजी से जुड़ी 64 फाइलों को सार्वजनिक किया है।
कौन हैं अनीता बोस फॉफ?
अनीता बोस फॉफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एमिली की बेटी हैं। बताया जाता है कि 1934 में सुभाष चंद्र बोस जब ऑस्ट्रिया में अपना इलाज करा रहे थे, उस समय उन्होंने अपनी जीवनी लिखने के बारे में सोचा। इसके लिए उन्हें टाइपिस्ट की जरूरत थी। उनके ऑस्ट्रिया के एक फ्रेंड ने एमिली शेंकल को बतौर टाइपिस्ट वहां अप्वाइंट करा दिया। सुभाष एमिली को अपनी जीवनी डिक्टेट कराते थे। इसी दौरान दोनों में प्यार हो गया और 1937 में दोनों ने शादी कर ली। 29 नवंबर 1942 को विएना में एमिली ने एक बेटी को जन्म दिया। सुभाष ने अपनी बेटी का नाम अनीता बोस रखा। अनीता के मुताबिक, उनकी मां एमिली शेंकल ने सुभाष चंद्र बोस के साथ अपने रिश्तों को कभी सार्वजनिक नहीं किया। वह अपने पति का नाम गुप्त रखकर ही इस दुनिया से चली गई। अनीता के मुताबिक, उनकी मां ने उन्हें बताया था कि उनके पिता की ताइपे के पास एक प्लेन क्रैश में मौत हो जाने की खबर रेडियो से मिली थी।
डिप्टी मेयर रह चुकी हैं अनीता
पेशे से अर्थशास्त्री नेताजी की बेटी अनीता जर्मनी के फॉफ आउग्सबुर्ग जिले के स्टटबेर्गन शहर की डिप्टी मेयर भी रह चुकी हैं। अनीता कई बार भारत आ चुकी हैं। अनीता के मुताबिक, विमान हादसे में नेताजी की मौत के वक्त वह सिर्फ ढाई साल की थीं। भारत के बेंगलुरु में अनीता की मुलाकात मार्टिन फॉफ से हुई थी। ऑस्ट्रियाई मूल के मार्टिन यहां दृष्टिहीनों के लिए एक संगठन में काम कर रहे थे। कुछ समय बाद मार्टिन और अनीता ने ऑस्ट्रिया में शादी कर ली थी। अनीता फिलहाल जर्मनी के शहर बर्लिन में रहती हैं। उनके पति मार्टिन जर्मनी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े रहे हैं।

पुणे: पत्नी के कैरेक्टर पर था शक, मर्डर के बाद 15 मिनट तक सिर लेकर घूमता रहा पति

पुणे. शहर के कात्रज इलाके में शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे एक शख्स ने अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसका सिर धड़ से अलग कर, उसे बाल से पकड़ कर 15 मिनट तक कात्रज के भीड़भाड़ वाले इलाके में घूमता रहा। पड़ोसियों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक हत्या करने वाले को पत्नी के कैरेक्टर पर शक था, इसलिए उसने पत्नी की जान ले ली। पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
सिर काट कर सड़कों पर घूम रहा था आरोपी
पुलिस सब इंस्पेक्टर एम बी चव्हाण के मुताबिक, चौकीदार का काम करने वाले रामू चव्हाण (60) का पत्नी सोनूबाई (55) से घरेलू विवाद चल रहा था। दोनों भारतीय विद्यापीठ इलाके में बनी ओशियन सोसाइटी के सर्वेंट क्वार्टर में रह रहे थे। शुक्रवार सुबह रामू घर पहुंचा तो उसकी सोनूबाई से फिर एक बार कहासुनी हो गई। दोनों के बीच बहस इस कदर बढ़ी कि रामू ने कुल्हाड़ी से पत्नी पर हमला बोल दिया और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। उसका मन इससे भी नहीं माना तो वह पत्नी का सिर लेकर सड़क पर आ गया और जोर-जोर से चिल्लाकर पत्नी की हत्या की कहानी लोगों से बताई।
जांच में जुटी पुलिस
यह नजारा देखकर पड़ोस के लोग घबरा गए और इस बारे में पुलिस को फोन से इन्फाॅर्म किया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पर पहुंचकर रामू को गिरफ्तार कर लिया। उसे कात्रज पुलिस स्टेशन ले जाया गया है।

नीतीश कटारा के हत्यारों को नहीं होगी फांसी, कोर्ट ने ऑनर किलिंग नहीं माना

नई दिल्ली: 2002 में हुए नीतीश कटारा मर्डर केस के दोषी विकास और विशाल यादव की फांसी की मांग से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दोनों को 25 साल की सजा सुनाई गई थी। नीतीश की मां नीलम कटारा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर अपील की थी कि दोषियों को फांसी हो, क्योंकि यह मर्डर ऑनर किलिंग से जुड़ा हुआ था। हालांकि, कोर्ट ने इसे ऑनर किलिंग मानने से इनकार कर दिया।
क्या कहा अदालत ने?

>सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि यह बस एक मर्डर का मामला है। यह जघन्य नहीं है। आरोपियों ने जो किया किया, वह निंदा किए जाने लायक है, लेकिन इसकी सजा डेथ पेनल्टी नहीं है।
>कोर्ट ने कहा कि नीतीश और भारती ने अपने कलीग की शादी में जिस तरह डांस किया, उसे देखकर ही शायद विकास और विशाल का गुस्सा भड़का। इसके बाद उन्होंने नीतीश को किडनैप करके उसकी हत्या कर दी। कोर्ट ने कहा कि इसे ऑनर किलिंग नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यादव परिवार को दोनों की दोस्ती पर एतराज नहीं था।
>जस्टिस जेएस खेहर और आर भानुमति की बेंच ने कहा कि यह हत्या का एक बड़ा मामला था। हालांकि, इसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर कैटेगरी में रखा जा सकता।
क्या है मामला?
25 साल के नीतीश कटारा को दिल्ली के करीब गाजियाबाद में जलाकर मार दिया गया। उसके रिश्ते बाहुबली नेता डीपी यादव की बेटी भारती यादव से थे। भारती और नीतीश एक प्रोग्राम में गए, जहां से नीतीश का अपहरण हो गया। कोर्ट में साबित हुआ कि नीतीश को अगवा करके उसकी जलाकर हत्या करने वाले भारती के भाई विकास और चचेरे भाई विशाल थे। लाश इतनी बुरी तरह जल गई थी कि उसकी पहचान ही नहीं हो पाई। बाद में डीएनए जांच में पता चला कि लाश नीतीश कटारा की ही थी।
क्या कहना है विक्टिम फैमिली का
कोर्ट के फैसले के बाद नीलम कटारा ने कहा कि वह इंसाफ की लड़ाई जारी रखेंगी। कटारा ने कहा, ''मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करती हूं। अगली बार हम और ज्यादा तथ्यों और तैयारी के साथ आएंगे। लड़ाई जारी रहेगी।''

Thursday, 8 October 2015

पीएम मोदी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- गरीबी से मिलकर लड़ें हिन्दू-मुस्लिम, एक-दूसरे के खिलाफ नहीं

नवादा : दादरी हत्याकांड पर चुप्पी को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिहार के नवादा में देश में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की वकालत करते हुए कहा, 'हिन्दुओं और मुसलमानों को गरीबी के साझा दुश्मन से लड़ने के लिए साथ काम करना चाहिए और नेताओं के ‘गैरजिम्मेदाराना’ बयानों को नजरअंदाज कर देना चाहिए। अगर वह भी ऐसा कोई बयान दें तो वे उसे भी नजरअंदाज कर दें।'
नवादा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उद्धृत करते हुए कहा कि देशवासियों को विविधता, सहिष्णुता और बहुलता के मूल सभ्यता मूल्यों के संरक्षण को लेकर दिए गए उनके संदेश का पालन करना चाहिए। मोदी ने कहा, ‘मैंने ऐसा पहले भी कहा है। हिन्दुओं को फैसला करना चाहिए कि मुस्लिमों से लड़ें या गरीबी से। मुसलमानों को फैसला करना चाहिए कि हिन्दुओं से लड़ें या गरीबी से। दोनों को साथ मिलकर गरीबी से लड़ना चाहिए। इस देश को एकजुट रहना होगा।’
उन्होंने कहा, ‘एकता, सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारा और शांति ही देश को आगे ले जाएंगे।’ प्रधानमंत्री ने लोगों से नेताओं के ‘गैरजिम्मेदाराना’ बयानों को नजरअंदाज करने की अपील करते हुए कहा कि वे ऐसा राजनीतिक हितों के लिए कर रहे हैं और इसका अंत होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘कुछ नेता राजनीतिक हितों के लिए गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं..इस तरह के बयानों का अंत होना चाहिए। अगर मोदी भी इस तरह का बयान दे तो भी इस तरह के बयानों पर ध्यान ना दें।’ राष्ट्रपति के कल के बयान की ओर संकेत करते हुए मोदी ने कहा, ‘इससे बड़ा कोई मार्गदर्शन नहीं, कोई बड़ा संदेश नहीं है, कोई बड़ी दिशा नहीं है।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘छुटभैया नेता अपने राजनीतिक हितों के लिए गैरजिम्मेदाराना बयान देने पर आमादा हैं। आपको इन बयानों को नजरअंदाज करना चाहिए। अगर आप किसी चीज पर ध्यान देना चाहते हैं तो राष्ट्रपति के मार्गदर्शन पर दें।’ उन्होंने कहा, ‘कल राष्ट्रपति ने रास्ता दिखाया था। 125 करोड़ लोगों के देश के प्रमुख ने जो भी कहा उससे बड़ा कोई संदेश नहीं हो सकता, उससे बड़ी कोई दिशा नहीं हो सकती, उससे बड़ी कोई प्रेरणा नहीं हो सकती।’
मोदी ने कहा कि देश के लोगों को राष्ट्रपति के दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए और ‘तभी भारत दुनिया की अपेक्षाओं को पूरा कर सकता है।’ राष्ट्रपति ने कल एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, ‘मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि हम अपने समाज के बुनियादी मूल्यों को यूंही व्यर्थ जाने की मंजूरी नहीं दे सकते और ये बुनियादी मूल्य वही हैं जिन्हें वषरें से हमारे समाज ने विविधता के रूप में बुलंद रखा और सहिष्णुता, धर्य और बहुलवाद को बढ़ाया और उसकी वकालत की।’
उन्होंने कहा, ‘इन्हीं बुनियादी मूल्यों ने हमें सदियों तक एकसाथ बांधे रखा। कई प्राचीन स5यताएं खत्म हो गईं। लेकिन यह सही है कि एक के बाद एक आक्रामण, लंबे विदेशी शासन के बावजूद भारतीय स5यता अगर बची तो अपने बुनियादी नागरिक मूल्यों के कारण ही बची। हमें निश्चित तौर पर इसे ध्यान में रखना चाहिए। अगर इन बुनियादी मूल्यों को हमने अपने मन-मस्तिष्क में बनाए रखा तो हमारे लोकतंत्र को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।’ (एजेंसी इनपुट के साथ)

यूपी सरकार रहे या जाए दंगे बर्दाश्त नहीं: मुलायम

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने यूपी का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए साम्प्रदायिक ताकतों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। सपा मुखिया ने कहा कि दादरी मामले के पीछे एक पार्टी विशेष के तीन लोगों की भूमिका है।

उन्होंने यह भी कहा कि इन ताकतों से निपटने में भले ही सपा की सरकार कुर्बान हो जाए, पर साम्प्रदायिक ताकतों को सख्ती से कुचलेंगे। एक विशेष समुदाय को दबाने की कोशिश कामयाब नहीं होने देंगे। दादरी मामला एक साजिश है।

मुलायम सिंह यादव गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। सपा मुखिया ने कहा कि दादरी मामले के पीछे एक पार्टी विशेष के तीन लोगों की भूमिका है। यही लोग मुजफ्फरनगर कांड के लिए भी जिम्मेदार हैं।

इस मामले में इनकी भूमिका का परीक्षण कराकर जल्द ही इनके नामों का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें इन साम्प्रदायिक ताकतों से निपटने का पुराना अनुभव है। मुलायम ने कहा, यह जानना जरूरी है कि प्रदेश का माहौल बिगाड़ने में लगी इन साम्प्रदायिक ताकतों के पीछे कौन है? उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों में कहा जाता है कि चोर नहीं उनकी नानी ढूंढ़ो।

पीएम से मिलूंगा तो कहूंगा
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के काम की तारीफ करते हुए सपा मुखिया ने कहा कि सरकार साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में सफल रही है। यूपी में मेट्रो टे्रन, एक्सप्रेस वे सहित तमाम विकास के काम हो रहे हैं। एक केंद्रीय मंत्री ने खुद यूपी में हो रहे विकास कार्यों की तारीफ की है। हम सरकार की छवि बिगड़ने नहीं देंगे। मुलायम ने कहा कि पीएम सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं। पीएम यूपी से हैं, उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए। पीएम से मिलूंगा तो इस बारे में कहूंगा।

बिहार चुनाव गंभीरता से लड़ने की बात कहते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि वहां प्रचार करने के लिए वह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जल्द ही जाएंगे।