Tuesday, 21 April 2015

''आप' बन गई है एक खाप पंचायत, उसमें है एक तानाशाह'

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से सोमवार को निकाले जाने के बाद संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे प्रशांत भूषण ने मंगलवार को 'आप' पर हमला किया।पार्टी से बाहर निकाले जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि उनके निष्कासन को लेकर जो पत्र उनको मिले हैं, उसमें इस बात की जिक्र ही नहीं है कि कारण बताओ नोटिस का जवाब देने वाला बातों में कौन से बिंदू विरोधाभाषी थे।उन्होंने कहा कि यह पूरा ड्रामा 2 महीने पूर्व शुरु हुआ था, जब उन लोगों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकालने का प्रयास किया गया था। भगवान का शुक्र है कि उस ड्रामे का अंत हो गया।भूषण ने कहा कि दुर्भाग्यवश सभी सपने बिखरे हुए प्रतीत होते हैं। एक तानाशाह आज पूरी पार्टी पर नियंत्रण स्थापित किए हुए है। कभी आप के राजनीतिक चाणक्य माने जाने वाले योगेंद्र यादव ने भी पार्टी से निकाले जाने पर कहा कि जब कोई आपको आपके घर से घसीटकर निकाल दे तो पहले गुस्सा आता है कि कौन लोग हैं ये? ये क्या कर रहे हैं? फिर दुख होता है कि आप पलटकर देखते हैं। फिर थोड़ी ममता होती है कि अच्छा चलो, इसके पास घर है। अब ठीक से रहे। 
उन्होंने कहा कि स्वराज संवाद के समय सबकी राय से यह तय हुआ था कि हम आप को नहीं छोड़ेंगे क्योंकि यह हमारा घर है।
गौरतलब है कि आप ने सोमवार को प्रशांत भूषण, योंगेद्र यादव, अजीत झा और प्रोफेसर आनंद कुमार को पार्टी से निकाल दिया था। आप की अनुशासन समिति के कारण बताओ नोटिस का यादव, भूषण सहित अन्य दो नेताओं ने जो जवाब दिया था, उसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना गया था। 

पढ़ने के लिए तपती रेत पर नंगे पांव चल रहे आदिवासियों के बच्चे

नया सानवाड़ा/सिरोही/जयपुर। गांव घाटीफली के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जाने का उबड़-खाबड़ कच्च्चा रास्ता। तपती दोपहर में सिर पर चमकता सूरज आौर तवे सी जलती जमीन। नंगे पैर पगडंड़ी पर चल रहे सात-आठ बच्चे आपको इस धुंधली सी तस्वीर में दिख रहे होंगे। इसी तरह से राजस्थान की गर्मी में नंगे पांव स्कूल आना-जाना इन बच्चों का रोज का काम है। लेकिन ये चाहते हैं कि ये पढ़ें ताकि भविष्य में इनके बच्चे इस तरह धूप में सिर पर किताबें रखकर स्कूल ना जाएं। आदिवासी परिवारों से आए ये बच्चे आर्थिक रूप से इतने कमजोर हैं कि मां-बाप से भी कभी चप्पलों की मांग नहीं करते।
गर्मी हो या बरसात, नंगे पांव करते सफर
दो से पांच किमी की दूरी तय कर रोजाना ये आदिवासी बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। इनको कॉपी-किताब तो स्कूल से मिल जाती है। पर, गर्मी-पानी से बचने के लिए जूतों की व्यवस्था करना उनके लिए टेढ़ी खीर है। इस स्कूल में पांचवीं तक दस-ग्यारह साल तक के बच्चे पढऩे के लिए आते है। स्कूल में विद्यार्थियों का नामांकन भी 72 है। पर, सिर्फ दस विद्यार्थी ही चप्पलें या जूते पहनें आ रहे है। यह बच्चे हर रोज इसी तरह नंगे पैर स्कूल आते है।
किसे बयां करे दर्द
आदिवासी क्षेत्रों में स्थित स्कूल तो होता है, लेकिन इन स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चे फलियों से आते हैं। विद्यार्थी बताते हैं कि घर पहुंचते-पहुंचते करीब आधे घंटे तक समय लग जाता है। ऐसे में पैरों के नीचे जलन होती है। इससे स्कूल आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्कूल अच्छा लगता है
स्कूल में पढऩे वाले तेजा व अन्य बच्चों ने कहा कि चप्पल भले ही नहीं है। पर, हम स्कूल रोज आते हैं और रोज आएंगे भी। इनमें से अधिकांश के अभिभावक मजदूरी और खेती का काम करते हैं।
बजट नहीं आता...
बच्चों के जूते, चप्पल के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कोई बजट नहीं आता है। जनसहयोग से विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था करवा देंगे।

तो यह है उमेश यादव की शानदार गेंदबाजी का राज

 नई दिल्ली
विश्वकप में जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद आईपीएल में अपनी गेंदबाजी का करिश्मा दिखा रहे कोलकाता नाइटराइडर्स के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने कहा है कि आईसीसी टूर्नामेंट से मिले अनुभव ने उन्हें परिपक्व बनाया है और अब वह अपनी लाइन और लेंथ पर पूरी मेहनत कर रहे हैं।
दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ सोमवार को मुकाबले में 18 रनों पर दो विकेट चटका केकेआर की जीत के हीरो और मैन ऑफ द मैच उमेश ने कहा कि मैं अभी अपना पूरा ध्यान अपनी लाइन और लेंथ को सुधारने पर लगा रहा हूं।
उन्होंने कहा कि विश्वकप में अपने प्रदर्शन के बाद मेरे अंदर बहुत आत्मविश्वास आया है और मेरे खेल में परिपक्वता आई है। दिल्ली के खिलाफ मैच में मैंने यहां की तेज और उछाल भरी पिचों का फायदा उठाने की कोशिश की।
उमेश ने पारी के 18वें और 20वें ओवर में लाजवाब यार्कर डालते हुए दो विकेट निकाले और दिल्ली की पारी को 146 रनों पर समेट दिया। इसके बाद केकेआर ने छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। 
27 वर्षीय उमेश ने पिछले महीने संपन्न हुए आईसीसी क्रिकेट विश्वकप के आठ मुकाबलों में 18 विकेट झटके और टूर्नामेंट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज रहे।

अचानक ग्रीन हो गए रेल सिग्नल, ब़़डी दुर्घटना टली

भोपाल। विदिशा-गंजबासौदा के बीच गुलाबगंज स्टेशन पर सभी रेल लाइन के सिग्नल अचानक ग्रीन हो गए। सिग्नल को कंट्रोल करने वाले पैनल (सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग) में खराबी की वजह से यह दिक्कत आई। ट्रेनों को रोकने के लिए फौरन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) बंद की गई।

सिग्नल ग्रीन होने की वजह से कई ट्रेनों की आपस में टक्कर होने की आशंका थी। सूत्रों ने बताया कि तीसरी लाइन के लिए पिछले साल अगस्त में यहां लगाए गए पैनल में सोमवार दोपहर 12:30 बजे गड़बड़ी आ गई। इस वजह से स्टेशन से गुजर रही सभी लाइनों के सिग्नल ग्रीन हो गए। इन्हें फिर से सही करने की कोशिश की गई, लेकिन पैनल के बटन काम नहीं कर रहे थे।

इसकी सूचना डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से दोनों ओर से आ रही ट्रेनों को रोकने के लिए 12:55 बजे ओएचई में बिजली की सप्लाई बंद करा दी गई। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। सिग्नल ग्रीन होने का संकेत मिलने पर ट्रेन को बिना किसी कॉशन आर्डर तय स्पीड से चलाया जाता है। ऐसे में पहले से खड़ी किसी ट्रेन से टक्कर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

20 मिनट तक ओएचई लाइन बंद रही, जिससे अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। इसके पहले गंजबासौदा में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां पूरे सिग्नल बंद (ब्लैक) हो गए थे, लेकिन रेलवे ने किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। यहां भी तीसरी लाइन के निर्माण के बाद नया पैनल लगाया गया है। इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए डीआरएम आलोक कुमार को फोन किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का जवाब दिया
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भोपाल। विदिशा-गंजबासौदा के बीच गुलाबगंज स्टेशन पर सभी रेल लाइन के सिग्नल अचानक ग्रीन हो गए। सिग्नल को कंट्रोल करने वाले पैनल (सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग) में खराबी की वजह से यह दिक्कत आई। ट्रेनों को रोकने के लिए फौरन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) बंद की गई।
सिग्नल ग्रीन होने की वजह से कई ट्रेनों की आपस में टक्कर होने की आशंका थी। सूत्रों ने बताया कि तीसरी लाइन के लिए पिछले साल अगस्त में यहां लगाए गए पैनल में सोमवार दोपहर 12:30 बजे गड़बड़ी आ गई। इस वजह से स्टेशन से गुजर रही सभी लाइनों के सिग्नल ग्रीन हो गए। इन्हें फिर से सही करने की कोशिश की गई, लेकिन पैनल के बटन काम नहीं कर रहे थे।
इसकी सूचना डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से दोनों ओर से आ रही ट्रेनों को रोकने के लिए 12:55 बजे ओएचई में बिजली की सप्लाई बंद करा दी गई। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। सिग्नल ग्रीन होने का संकेत मिलने पर ट्रेन को बिना किसी कॉशन आर्डर तय स्पीड से चलाया जाता है। ऐसे में पहले से खड़ी किसी ट्रेन से टक्कर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
20 मिनट तक ओएचई लाइन बंद रही, जिससे अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। इसके पहले गंजबासौदा में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां पूरे सिग्नल बंद (ब्लैक) हो गए थे, लेकिन रेलवे ने किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। यहां भी तीसरी लाइन के निर्माण के बाद नया पैनल लगाया गया है। इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए डीआरएम आलोक कुमार को फोन किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का जवाब दिया
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भोपाल। विदिशा-गंजबासौदा के बीच गुलाबगंज स्टेशन पर सभी रेल लाइन के सिग्नल अचानक ग्रीन हो गए। सिग्नल को कंट्रोल करने वाले पैनल (सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग) में खराबी की वजह से यह दिक्कत आई। ट्रेनों को रोकने के लिए फौरन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) बंद की गई।
सिग्नल ग्रीन होने की वजह से कई ट्रेनों की आपस में टक्कर होने की आशंका थी। सूत्रों ने बताया कि तीसरी लाइन के लिए पिछले साल अगस्त में यहां लगाए गए पैनल में सोमवार दोपहर 12:30 बजे गड़बड़ी आ गई। इस वजह से स्टेशन से गुजर रही सभी लाइनों के सिग्नल ग्रीन हो गए। इन्हें फिर से सही करने की कोशिश की गई, लेकिन पैनल के बटन काम नहीं कर रहे थे।
इसकी सूचना डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से दोनों ओर से आ रही ट्रेनों को रोकने के लिए 12:55 बजे ओएचई में बिजली की सप्लाई बंद करा दी गई। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। सिग्नल ग्रीन होने का संकेत मिलने पर ट्रेन को बिना किसी कॉशन आर्डर तय स्पीड से चलाया जाता है। ऐसे में पहले से खड़ी किसी ट्रेन से टक्कर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
20 मिनट तक ओएचई लाइन बंद रही, जिससे अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। इसके पहले गंजबासौदा में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां पूरे सिग्नल बंद (ब्लैक) हो गए थे, लेकिन रेलवे ने किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। यहां भी तीसरी लाइन के निर्माण के बाद नया पैनल लगाया गया है। इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए डीआरएम आलोक कुमार को फोन किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का जवाब दिया
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सिग्नल ग्रीन होने की वजह से कई ट्रेनों की आपस में टक्कर होने की आशंका थी। सूत्रों ने बताया कि तीसरी लाइन के लिए पिछले साल अगस्त में यहां लगाए गए पैनल में सोमवार दोपहर 12:30 बजे गड़बड़ी आ गई। इस वजह से स्टेशन से गुजर रही सभी लाइनों के सिग्नल ग्रीन हो गए। इन्हें फिर से सही करने की कोशिश की गई, लेकिन पैनल के बटन काम नहीं कर रहे थे।

इसकी सूचना डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से दोनों ओर से आ रही ट्रेनों को रोकने के लिए 12:55 बजे ओएचई में बिजली की सप्लाई बंद करा दी गई। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। सिग्नल ग्रीन होने का संकेत मिलने पर ट्रेन को बिना किसी कॉशन आर्डर तय स्पीड से चलाया जाता है। ऐसे में पहले से खड़ी किसी ट्रेन से टक्कर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

20 मिनट तक ओएचई लाइन बंद रही, जिससे अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। इसके पहले गंजबासौदा में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां पूरे सिग्नल बंद (ब्लैक) हो गए थे, लेकिन रेलवे ने किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। यहां भी तीसरी लाइन के निर्माण के बाद नया पैनल लगाया गया है। इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए डीआरएम आलोक कुमार को फोन किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का जवाब दिया
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Monday, 20 April 2015

प्रोड्यूसर बनेंगी अनुष्का शर्मा

जिंग।
लगता है बॉलीवुड में अब सभी एक्टर के साथ-साथ प्रोड्यूसर बनने की ख्वाहिश रखते हैं, अब एक के बाद एक सेलेब्रिटी अच्छी फिल्मों पर खर्च करके रिस्क लेना चाहते हैं। फिल्म एनएच-10 की सफलता के बाद अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अब प्रोड्यूसर भी बनने की तैयारी कर रही हैं। यानी अब वो फिल्मों में एक्टिंग के अलावा उन पर बड़ी रकम लगाकार प्रोड्यूस भी करेंगी। आपको बता दें कि अनुष्का ने ये बातें विजिंग फेस्टिवल के दौरान कहीं, पर वे अपनी फिल्म एनएच-10 की स्क्रीनिंग के लिए गई थीं।
उन्होंने कहा कि जब उनके सामने इस फिल्म की स्क्रिप्ट आई तो उस समय उन्हें लगा कि उन्होंने जितनी फिल्में की हैं ये भी उन्हीं फिल्मों की तरह थी, लेकिन सही मायने में देखा जाए तो एनएच-10 काफी अलग है। इस फिल्म को लेकर अनुष्का काफी उत्साहित थीं, यही वजह है कि फिल्म को सराहा गया।
निर्देशक नवदीप सिंह और लेखक सुदीप शर्मा को इस बेहतरीन फिल्म के लिए श्रेय देते हुए अनुष्का ने कहा, अभिनेत्री से निर्माता बनना, मेरे अनुसार परिवर्तन की एक बेहतरीन प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा, भविष्य में भी हम ऐसी फिल्मों को समर्थन देना जारी रखेंगे, जिन्हें थोड़ा रिस्की माना जाता है क्योंकि उनमें नाच.गाना नहीं होता। हालांकि अनुष्का ही ये रिस्क नहीं उठा रही हैं, इसके पहले सलमान, आमिर, अरबाज, सनी देओल जैसे सुपरस्टार भी बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं।

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अभिषेक और ऐश्वर्या ने पूरे किए 8 साल का सफर, आज है सालगिरह

मुंबई।
क्या आप जानते हैं कि आज बॉलीवुड के सबसे डैशिंग कपल ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन के लिए आज का दिन खास क्यों है, तो हम बताते हैं। आज वो दिन है जिस दिन इन दोनों ने हमेशा के लिए एक दूसरे का दामन थामा था। जी हां आज इस डेशिंग कपल की आठवीं मैरिज एनीवर्सरी है, ये वो दिन है जिस दिन ऐश्वर्या राय से  ऐश्वर्या बच्चन बनी थीं। ये वो जोड़ी है जिसने बॉलीवुड सितारों से लेकर अपने प्रशंसकों के दिलों पर हमेशा ही राज किया है। कभी पिल्मों के जरिए तो कभी किसी इंवेट के जरिए। जब ये दोनों साथ में दिखते हैं तो मीडिया से लेकर हर किसी की निगाहें सिर्फ इन दोनों पर ही पड़ती है। तो क्यों आज इनके रील से मिले रियल सफरनामे पर चर्चा की जाए।
2000 में फिल्म ढाई अक्षर के सेट पर इन दोनों की पहली मुलाकात हुई, लेकिन सेट पर दोनों मिले थे, उस समय इनमें से किसी ने नहीं सोचा था कि ये दोनों कभी एक दूजे का दामन थामेंगे। उस दरमियान इन दोनों के बीच प्यार मोहब्बत जैसी कोई बात नहीं थी।  क्योंकि उस समय जहां ऐश सलमान और अभि करिश्मा के साथ रिलेशनशिप में थे। लेकिन कहते हैं जोड़ी तो रब ही ऊपर से बनाकर भेजता है फिर इन दोनों को एक होने से आखिर कौन सी दीवार रोक सकती थी।
ढाई अक्षरों प्रेम के फिल्म के बाद दोनों ने एक साथ कई फिल्में की। इनमें कुछ ना कहो, बंटी और बबली, उमरावजान, धूम टू, और रावन। इनमें से उन दोनों के बीच प्यार के किस्से मीडिया में सुनाई दिए। आखिरकार इस प्यार को दोनों अंजाम देने में भी लगे थे।
फिर क्या 20 अप्रैल 2007 को शादी के बंधन में हमेशा के लिए बंध गए। वैसे तो शहंशाह ने इन दोनों की शादी बेहद प्राइवेट तरीके से आयोजित की, लेकिन फिर भी इनकी शादी जितना कवरेज किसी दूसरी सेलिब्रटी में भी नहीं आया। आखरिकार ऐश शहंशाह की बहु जो बनने जा रही है।
शादी के बाद फिर दोनों की केमेस्ट्री एक बार सिल्वर स्क्रीन पर देखने को मिली। जब इन्होंने एक साथ सरकार राज, रावन, टाइम मशीन, लेडीज एंड जेंटलमेन जैसी फिल्मे दी है, हालांकि इन दोनों की रील लाइफ केमेस्ट्री को ज्यादा सराहना नहीं मिली लेकिन रियल लाइफ में इन डेशिंग कपल को काफी सरहाना मिलती हैं।
इसके बाद 16  नवंरबर 2011 में शहंशाह के घर में एक नन्हीं परी यानी आराध्या का जन्म हुआ, जिसके चर्चे अक्सर बिग बी अपने दोस्तों के साथ कभी अपने ऑफिशियल ब्लॉग पर तो कभी किसी इवेंट में। गौरतलब है कि आज भी अराध्या मीडिया की खबरों में अपनी जगह बनाए हुए है।

...तो सनी के बोल्डनेस से डर गए शाहिद!

मुंबई। फिल्म फेयर में "हैदर" के लिए बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीत चुके अभिनेता शाहिद कपूर ने एकता कपूर की फिल्म में काम करने से मना कर दिया है...तो सनी के बोल्डनेस से डर गए शाहिद!
और इसकी वजह हैं अभिनेत्री सनी लियोन। खबर है कि शाहिद कपूर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले है और ऎसे में वे ऎसा कुछ नहीं करना चाहते, जिससे उनकी गर्लफ्रेंड नाराज हो जाए। या फिर यूं कह सकते है कि क्या शाहिद सनी के बोल्डनेस से डर गए है।

इसलिए शाहिद ऎसी फिल्मों से कन्नी काटने में लगे हुए है। सूत्रों के मुताबिक एकता कपूर ने शाहिद कपूर को अपनी फिल्म "ङग्ङग्ङग्" के लिए ऑफर दिया था, लेकिन शाहिद ने ये फिल्म करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि फिल्म ना करने की वजह हैं सनी लियोन का लीड रोल में होना। गौरतलब है कि बॉलीवुड में सनी की इमेज काफी बोल्ड है हाल ही में रिलीज हुई सनी की फिल्म "एक पहेली लीला" में सनी काफी बोल्ड अंदाज में नजर आई थीं। फिल्म ने कमाई भी खूब की। वहीं 8 मई को सनी की फिल्म "कुछ कुछ लोचा है" रिलीज होने वाली है। - 
मुंबई। फिल्म फेयर में "हैदर" के लिए बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीत चुके अभिनेता शाहिद कपूर ने एकता कपूर की फिल्म में काम करने से मना कर दिया है और इसकी वजह हैं अभिनेत्री सनी लियोन। खबर है कि शाहिद कपूर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले है और ऎसे में वे ऎसा कुछ नहीं करना चाहते, जिससे उनकी गर्लफ्रेंड नाराज हो जाए। या फिर यूं कह सकते है कि क्या शाहिद सनी के बोल्डनेस से डर गए है।

इसलिए शाहिद ऎसी फिल्मों से कन्नी काटने में लगे हुए है। सूत्रों के मुताबिक एकता कपूर ने शाहिद कपूर को अपनी फिल्म "ङग्ङग्ङग्" के लिए ऑफर दिया था, लेकिन शाहिद ने ये फिल्म करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि फिल्म ना करने की वजह हैं सनी लियोन का लीड रोल में होना। गौरतलब है कि बॉलीवुड में सनी की इमेज काफी बोल्ड है हाल ही में रिलीज हुई सनी की फिल्म "एक पहेली लीला" में सनी काफी बोल्ड अंदाज में नजर आई थीं। फिल्म ने कमाई भी खूब की। वहीं 8 मई को सनी की फिल्म "कुछ कुछ लोचा है" रिलीज होने वाली है। - See more at: http://www.aapkisaheli.com/news/ekta-kapoor-of-the-film-made-of-the-sunny-shahid-225-78382.html#sthash.1fl4I83c.dpuf
मुंबई। फिल्म फेयर में "हैदर" के लिए बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीत चुके अभिनेता शाहिद कपूर ने एकता कपूर की फिल्म में काम करने से मना कर दिया है और इसकी वजह हैं अभिनेत्री सनी लियोन। खबर है कि शाहिद कपूर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले है और ऎसे में वे ऎसा कुछ नहीं करना चाहते, जिससे उनकी गर्लफ्रेंड नाराज हो जाए। या फिर यूं कह सकते है कि क्या शाहिद सनी के बोल्डनेस से डर गए है।

इसलिए शाहिद ऎसी फिल्मों से कन्नी काटने में लगे हुए है। सूत्रों के मुताबिक एकता कपूर ने शाहिद कपूर को अपनी फिल्म "ङग्ङग्ङग्" के लिए ऑफर दिया था, लेकिन शाहिद ने ये फिल्म करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि फिल्म ना करने की वजह हैं सनी लियोन का लीड रोल में होना। गौरतलब है कि बॉलीवुड में सनी की इमेज काफी बोल्ड है हाल ही में रिलीज हुई सनी की फिल्म "एक पहेली लीला" में सनी काफी बोल्ड अंदाज में नजर आई थीं। फिल्म ने कमाई भी खूब की। वहीं 8 मई को सनी की फिल्म "कुछ कुछ लोचा है" रिलीज होने वाली है। - See more at: http://www.aapkisaheli.com/news/ekta-kapoor-of-the-film-made-of-the-sunny-shahid-225-78382.html#sthash.1fl4I83c.dpuf