Saturday, 1 October 2016

दोपहर में सोने की आदत है तो ये जरूर पढ़े

वीकेंड में अगर आप भी दोपहर का समय सोकर गुजारते हैं या फिर दोपहर के वक्त मिले फुरसत के पलों में साना आपका पसंदीदा शगल है तो जरा हाल ही में हुए इस शोध पर ध्यान दें. एक शोध के मुताबिक दिन में एक घंटे से ज्यादा सोने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 45 फीसदी तक बढ़ जाता है.
यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो के अनुसंधानकर्ताओं ने तीन लाख से अधिक लोगों की भागीदारी वाले 21 अध्ययनों से के डाटा के जरिए इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने पाया कि 60 मिनट से ज्यादा समय तक नींद नुकसानदेह हो सकती है और ज्यादा सोने से इसका खतरा बढ़ता है. बहरहाल, 40 मिनट से कम समय तक दिन में नींद लेने का संबंध डायबिटीज के खतरे से नहीं है.
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि दिन में लंबी नींद का परिणाम रात में नींद बाधित होने के रूप में निकल सकता. यह नींद से जुड़ी बीमारियों जैसे, दिल का दौरा, ब्रेन हेमरेज, दिल की बीमारियों और टाइप-2 डायबिटीज सहित अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है.
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि काम और सामाजिक जीवन शैली के चलते नींद पूरी नहीं होने का परिणाम ज्यादा भूख लगने के रूप में निकल सकता है जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है.

दस दिनों तक होगी घरों में नौ देवियों की पूजा-अर्चना

 शनिवार से पावन शारदीय नवरात्र के साथ अधिकांश हिंदू घरों में मां दुर्गा का वास होगा। मां इन घरों में साख (खेत्री)के रूप में वास करेंगी। नौ दिनों तक भक्त मां के विभिन्न स्वरूपों का ध्यान कर उनकी पूजा-अर्चना करेंगे।
शारदीय नवरात्र के नौ दिनों का ¨हदू समुदाय के लिए विशेष महत्व है। इस बार एक अक्टूबर शनिवार से पावन शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहा है। शनिवार को हिंदू परिवारों में लोग विधिवत रूप से अपने घरों में मां का आह्वान कर साख लगाएंगे। नौ नवरात्र विभिन्न नौ देवियों को समर्पित होते हैं और प्रत्येक नवरात्र पर लोग उस दिन की देवी स्वरूप का ध्यान कर पूजा-अर्चना व उपासना करते हैं। नवरात्र पूजन के साथ उपवास का भी विशेष महत्व होता है, जिसके चलते लोग अपनी शारीरिक क्षमता के मुताबिक पूरे नवरात्र में उपवास करते हैं, या फिर शुरू और अंत में एक से दो नवरात्र रखते हैं।
साख लगाने के लिए पूरा दिन शुभ
ज्योतिष वाचस्पति के मुताबिक शनिवार से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहा है। इस बार प्रतिपदा यानि पहला नवरात्र दो दिन पहली व दो अक्तूबर को है। पहली अक्टूबर को सूर्योदय से लेकर पूरा दिन व दो अक्तूबर को सुबह 7:40 तक प्रतिपदा है। उन्होंने कहा कि पहली अक्टूबर को साख लगाने के लिए पूरा दिन शुभ है। मगर अभिजित मुहुर्त सुबह 11:15 से लेकर 12 बजे तक साख लगाने का अति शुभ मुहूर्त है।
अष्टमी रविवार और नौवीं सोमवार को
ज्योतिष वाचस्पति के मुताबिक नवरात्र में तिथि वृद्धि शुभ होती है। इस बार एक नवरात्र की वृद्धिअष्टमी नौ अक्टूबर रविवार को है। इस दिन सुबह 9:45 बजे तक भद्राकाल है। उसके बाद पूरा दिन अष्टमी पूजन व साख विसर्जन के लिए शुभ है। हालांकि साख विसर्जन में वार का विचार नहीं करते हैं, लेकिन यदि कोई विचार करता है तो वह नवमीं के दिन साख विसर्जन कर सकता है। नवमी दस अक्टूबर सोमवार को है। सूर्योदय के बाद से सारा दिन नवमी पूजन व साख विसर्जन के लिए शुभ है।
कलश स्थापित करने व साख लगाने की विधि
धार्मिक कार्यो में कलश (घट) स्थापना का विशेष महत्व है। नवरात्र पूजन के लिए साख व कलश ईश्वर के स्थान माने जाने वाली उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, में स्थापित किया जाना चाहिए। कलश को साख वाले पात्र के मध्य में या उसके बाहर दोनों विधि से स्थापित किया जा सकता है। साख वाले पात्र में कलश स्थापना को अधिक शुभ माना जाता है। मां नवदुर्गा का ध्यान कर मिंट्टी के बर्तन या तांबा, पीतल, चांदी या अन्य किसी धातु के पात्र में साख लगाएं। कलश रखें व मौली बांध कर तिलक लगाएं। फिर कलश में जल, गंगाजल, तिलक, दुर्वा, सुपारी, पंचरत्नी, चुटकी भर तुलसी की मिंट्टी, कुशा का टुकड़ा, धातु का कोई सिक्का डालें। समस्त देवी-देवताओं का आह्वान कर उसमें आम के नौ पत्ते डालें। इन पत्तों पर चावल से भरा डूना रखें। नारियल को मौली बांध कर और तिलक लगा कर डूने पर रखें। साख वाले बर्तन में कलश स्थापना न करने वाले साख के पात्र व जोत जलाने वाले स्थान के बीच दुर्वा और फूलों का आसन बना कर कलश को उक्त विधि से स्थापित करें।
नारियल का मुख रखें सामने
ज्योतिष वाचस्पति ने बताया कि नारियल को कलश पर सही तरह से स्थापित करना चाहिए। अक्सर लोग नारियल का नुकीला भाग ऊपर रख कर उसे कलश पर स्थापित करते हैं। पूजन में नारियल की सही स्थापना न होने से वह अशुभ फल कारक होता है। ज्योतिष शास्त्रों में वर्णित है कि नारियल का मुख पूर्व की ओर रखने से धन की हानि होती है। ऊपर की ओर रखने से रोग लगते हैं, नीचे की तरफ करने से शत्रु बढ़ते हैं। इसलिए नारियल का मुख सदैव अपनी तरफ रख कर उसे कलश पर स्थापित करना चाहिए। जिस तरफ से नारियल पेड़ से जुड़ा होता है, वह नारियल का मुख होता है।
किस दिन है कौन सा नवरात्र
नवरात्र तारीख वार
प्रतिपदा 1 व 2 अक्टूबर (शनिवार व रविवार)
द्वितीया 3 अक्टूबर (सोमवार)
तृतीया 4 अक्टूबर (मंगलवार)
चतुर्थी 5 अक्टूबर (बुधवार)
पंचमी 6 अक्टूबर (वीरवार)
षष्ठी 7 अक्टूबर (शुक्रवार)
सप्तमी 8 अक्टूबर (शनिवार)
अष्टमी 9 अक्टूबर (रविवार)
नवमी 10 अक्टूबर (सोमवार)

पाकिस्तान में सभी भारतीय टीवी चैनलों के प्रसारण पर रोक

पाकिस्तान ने 15 अक्टूबर के बाद सभी भारतीय टीवी चैनलों के प्रसारण पर रोक लगा दी है. मीडिया की शनिवार की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्युलेटरी अथॉरिटी (पीईएमआरए) ने यह बात कही.
'द नेशन' के मुताबिक, पाकिस्तान के लोगों ने सभी भारतीय टीवी चैनलों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक्स के दावे के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर मीडिया रेग्युलेटरी का यह कदम सामने आया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, रेग्युलटरी के आदेश को अगर नहीं माना गया, तो केबल ऑपरेटरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में पाकिस्तानी कार्यक्रमों को प्रतिबंधित कर दिया गया है और भारतीय कलाकारों ने इस्लामाबाद की आलोचना की है, जिसके कारण लोगों ने पाकिस्तान में भारतीय चैनलों का प्रसारण बंद करने की मांग की थी.
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सिंधु का जवाब ब्रह्मपुत्र से, अपने 'बेस्ट फ्रेंड' पाकिस्तान के लिए भारत से पंगा लेगा चीन!

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और भारत की ओर से पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सिंधु जल समझौते पर सख्त रुख अपनाए जाने के बाद चीन का एक कदम मामले को और उलझा सकता है. खबर है कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर एक बांध बनाने जा रहा है. इससे भारत में ब्रह्मपुत्र के पानी के प्रवाह में रुकावट आएगी और इससे संबंधों में तल्खी आ सकती है.
गौरतलब है कि उरी आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु समझौते की समीक्षा की बात कही थी और दोनों देशों के बीच सिंधु नदी समझौते को लेकर नियमित बातचीत को भी रद्द कर दिया था. तब से अटकलें थी कि चीन भी भारत के साथ ऐसा ही रुख अपना सकता है. चीन-पाकिस्तान की दोस्ती भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. पीओके में घुसकर सर्जिकल ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान वैसे ही बौखलाया हुआ है.
खबर है कि चीन ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी की एक सहायक नदी का पानी रोक दिया है, इसका कारण बताया जा रहा है कि वह वहां एक हाईड्रो प्रॉजेक्ट लगा रहा है. भारत के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि चीन के इस कदम से भारत समेत कई देशों में ब्रह्मपुत्र के पानी के बहाव पर असर पड़ सकता है.
तिब्बत में यारलुंग जेंगबो नाम से जानी जाने वाली ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी पर चीन ने यह प्रॉजेक्ट लगाया है चीन ने इस पर करीब 750 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश किया है. यह प्रॉजेक्ट तिब्बत के जाइगस में है. यह जगह सिक्किम के नजदीक पड़ता है. जाइगस से ही ब्रह्मपुत्र नदी अरुणाचल प्रदेश में बहते हुए दाखिल होती है.

आय घोषणा योजना के तहत 65,250 करोड़ के कालेधन की घोषणा : जेटली

नई दिल्ली: देश के भीतर रखे कालेधन को कर दायरे में लाने के लिये शुरू की गई आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत कुल 65,250 करोड़ रुपये की संपत्ति की घोषणा की गई. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को यह जानकारी दी. योजना चार माह के लिये खुली थी जो कि 30 सितंबर को समाप्त हो गई.

जेटली ने बताया कि योजना के तहत कुल 64,275 घोषणाएं की गईं. उन्होंने कहा जैसे-जैसे ऑनलाइन और दस्तावेज के तौर पर जमा की गई जानकारी को संकलित किया जायेगा कुल राशि का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है. इन घोषणाओं में कुल 65,250 करोड़ रुपये की संपत्ति की जानकारी दी गई है. इसमें कर और जुर्माने के तौर पर सरकार को 45 प्रतिशत राशि मिलेगी.

सरकार ने इस योजना के जरिये अवैध आय और संपत्ति रखने वालों को इसकी घोषणा करने के बाद कर और जुर्माना चुकाकर पाक साफ होने का मौका दिया है. जेटली ने इस बात को दोहराया कि यह एकबारगी घोषणा योजना 1997 की योजना की तरह आम माफी योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि 1997 में घोषित स्वैच्छिक आय घोषणा योजना (वीडीआईएस) में केवल 9,760 करोड़ रुपये का कर मिला. इसमें औसतन प्रति व्यक्ति सात लाख रुपये की घोषणा की गई थी. वित्त मंत्री ने कहा कि आईडीएस 2016 के तहत मिलने वाले कर को भारत की संचित निधि में रखा जायेगा और इसका इस्तेमाल जन कल्याण की योजनाओं में किया जायेगा.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने प्रधान आयकर आयुक्तों को 30 सितंबर को मध्यरात्रि तक काउंटर खोलने के निर्देश दिए थे ताकि घरेलू आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत लोगों को अपने बेहिसाबी धन की घोषणा करने में सुविधा हो. घोषणा के आखिरी दिन कैबिनेट सचिवालय के नॉर्थ ब्लॉक स्थित सीबीडीटी के ऑफिस में देर रात तक काम चलता रहा.

समय सीमा समाप्त होने के दो घंटे पहले ही कर्मचारी घोषित कालेधन के आंकलन में जुट गए थे. सीबीडीटी चीफ रानी सिंह नायर और राजस्व सचिव हसमुख अधिया के निर्देशन में चार महीने में घोषित किए गए कालेधन के मूल्यांकन के लिए दिल्ली और मुंबई के वरिष्ठ इनकम टैक्स अधिकारी आधी रात के बाद तक काम करते रहे.

इस योजना को लेकर आशंका थी कि क्या इस बार 1997 में एचडी देवेगौड़ा के कार्यकाल में वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा चलाए गए घरेलु आय घोषणा योजना के तहत घोषित हुए 33 हजार करोड़ रुपए का आंकड़ा पार हो सकेगा. उस दौरान चार लाख से अधिक लोगों ने अपनी बेहिसाब संपत्ति का ब्योरा दिया था. इसकी तुलना में पिछले साल विदेशों में जमा कालेधन के रूप में केवल 4164 करोड़ रुपये की घोषणा हुई थी, जिससे टैक्स के रूप में केवल 2428 करोड़ रुपयों की प्राप्ति हुई थी.

पानी पीकर 10 दिन में घटाएं वजन, जानिए कैसे

हेल्थ डेस्क। नेचुरल मेडिसिन में वाटर थैरेपी के जरिए वजन कम करने का पूरा तरीका समझाया गया है। इसमें बताया गया है कि कैसे निश्चित मात्रा में पानी पीकर हम अपना वजन घटा सकते हैं। ब्रिटेन की वेलनेस एक्सपर्ट और फिटनेस कोच शाउना वॉकर ने भी वाटर थैरेपी को लेकर कई एक्सपेरिमेंट्स किए हैं। वॉकर का दावा है कि उनके द्वारा बताए गए तरीकों से व्यक्ति केवल 10 दिन में 4 से 5 किलो तक वजन घटा सकता है। हालांकि उनका कहना है कि हर व्यक्ति की खाने
और सोने की आदतें अलग-अलग होती हैं। ऐसे में रिजल्ट में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है। कैसे काम करता है पानी, जानिए इसका साइंस..
.पानी मेटाबॉलिज्म सुधार कर कम करता है वजन
> एक्सपर्ट के अनुसार बॉडी को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने से उसके सारे फंक्शन्स सही तरह से होते हैं। जब फंक्शन सही होंगे तो बॉडी का मेटाबॉलिज्म अच्छा रहेगा। मेटाबॉलिज्म जितना अच्छा होगा, उतना वजन कम होगा। इसके अलावा जब ज्यादा पानी (मेटाबॉलिज्म के बारे में विस्तार से पढ़िए अंतिम स्लाइड पर)।
> ज्यादा पानी पीने से कैलोरी बर्न करने की क्षमता बढ़ जाती है। साइंस की लैंग्वेज में इसे रेस्टिंग एनर्जी एक्पेंडिचर कहते हैं। स्टडीज के अनुसार पानी पीने के 10 मिनट के भीतर ही यह रेस्टिंग एनर्जी एक्पेंडिचर 24 से 30 फीसदी तक बढ़ जाता है। इस तरह जितना ज्यादा पानी पिया जाएगा, कैलोरी बर्न करने की क्षमता उतनी ही बढ़ती जाएगी।

धोनी के बारे में वो 10 बातें, किसी को नहीं थी मालूम

स्पोर्ट्स डेस्क. एमएस धोनी की बायोपिक रिलीज हो चुकी है। फिल्म में धोनी की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में कई ऐसी बातें सामने आई हैं जिसके बारे में लोग पहले नहीं जानते थे, जैसे कभी रेलवे में जॉब करने वाले धोनी को ये जॉब कैसे मिली। धोनी की स्टार क्रिकेटर बनने से पहले की लाइफ कभी सामने नहीं आई। ऐसे मिली रेलवे में नौकरी...
- धोनी लोकल लेवल पर क्रिकेट खेल रहे थे। तब रेलवे के एक अधिकारी एके. गांगुली ने कहा था कि यदि ये लड़का मेरी बॉलिंग झेल लेगा तो इसे नौकरी मिल जाएगी। इसके बाद ही धोनी को रेलवे की नौकरी ऑफर हुई थी।
रेलवे की नौकरी क्यों छोड़ी
- धोनी जॉब के साथ ही क्रिकेट खेलते थे। तभी किसी ने उनके खिलाफ शिकायत की, कि वो जॉब पर नहीं आते फिर भी अटेंडेंस लग रही है। इस मामले पर इन्क्वायरी शुरू होने से पहले ही धोनी ने जॉब छोड़ दी थी।
 
कहां हुई प्रियंका से मुलाकात
- धोनी की पहली गर्लफ्रेंड रहीं प्रियंका झा से उनकी मुलाकात फ्लाइट में हुई थी। प्रियंका ने धोनी से उनके लिए सचिन का ऑटोग्राफ लेने की डिमांड की थी।
साक्षी नहीं पहचानती थीं धोनी को
- जब साक्षी और धोनी की पहली मुलाकात कोलकाता के ताज होटल में हुई, तब साक्षी स्टार बन चुके धोनी को नहीं पहचानती थीं। साक्षी ने धोनी से आईडी प्रूफ भी मांगा था।
1500 रु. मिला था स्टायफंड
- कभी रांची में सेंट्रल कोल लिमिटेड (CCL) टीम से खेल चुके धोनी को तब 1500 रु. स्टायफंड मिला था, जो उस समय सबसे ज्यादा था।
क्या था पापा का जॉब
- ये तो सभी जानते हैं कि धोनी के पिता पान सिंह स्टील कंपनी मैकॉन लिमिटेड में जूनियर मैनेजमेंट पोजिशन पर काम करते थे, लेकिन ये कोई नहीं जानता था कि वो पम्प ऑपरेटर थे।
मां करती थीं पूजा
- धोनी के हर मैच के दौरान उनकी मां पूजा करती थीं। वो आज भी ऐसा करती हैं।
गांगुली ने किया था सिलेक्ट
- पहली बार एमएस धोनी का टीम इंडिया में सिलेक्शन तब कप्तान रहे सौरव गांगुली के कहने पर हुआ था। गांगुली ने दो विकेटकीपर दीपदास गुप्ता और एमएस धोनी में से धोनी को चुना था।
कहां हुई साक्षी से दूसरी मुलाकात
- पहली बार ताज होटल में मिलने के बाद साक्षी से धोनी की दूसरी मुलाकात औरंगाबाद में हुई थी। तब साक्षी यहां धोनी से मिलने उनके होटल पहुंच गई थीं।
3 सीनियर्स को क्यों निकाला
- धोनी द्वारा तीन सीनियर्स को टीम से निकालने पर अब तक होती आई कॉन्ट्रोवर्सी का जवाब फिल्म में हैं। दरअसल, धोनी ने ऐसा वर्ल्ड कप 2011 की तैयारी के लिए किया था। वो टूर्नामेंट के लिए नई और युवाओं की टीम चाहते थे।