Wednesday, 7 October 2015

भारत से ज्यादा ब्राजील में कहर बरपा रहा है डेंगू, 693 की मौत

डेंगू का कहर भारत से भी ज्यादा ब्राजील में देखने को मिल रहा है. आपको जानकर हैरानी होगी कि ब्राजील में इस साल डेंगू की चपेट में आने से अभी तक 693 लोगों की मौत हो चुकी है.
ज्यादातर मौत साओ पाउलो में
ब्राजील में स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी. संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अधिकतर लोगों की मौत साओ पाउलो राज्य में हुई. अधिकारियों ने 1990 से इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का रिकॉर्ड रखना शुरू किया है. मंत्रालय के अनुसार तब से अब तक इस बीमारी से सर्वाधिक लोग इस साल मारे गए हैं.
मृतकों का असल आंकड़ा और ज्यादा
मृतकों की असल संख्या संभवत: और ज्यादा है क्योंकि आधिकारिक आंकड़ों में डेंगू से मरने वाले उन लोगों का ही रिकॉर्ड शामिल किया गया है जिनकी मौत इस वर्ष की शुरूआत से अगस्त के अंत तक के समय में हुई है.

ओड़िशा के CM ने दिए कटक टी20 घटना के जांच के आदेश

टी20 मैच के दौरान दर्शकों के उत्पात से निपटने के तरीके पर नाराजगी जताते हुए ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को गृह सचिव द्वारा इस घटना की जांच के आदेश दिए.
मुख्यमंत्री के कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने गृह सचिव को उस मामले की जांच के आदेश दिए है जिसके बाद दर्शक मैदान पर पानी की बोतलें फेंकने लगे थे. गृह सचिव को एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.’ पटनायक ने ओड़िशा क्रिकेट संघ और पुलिस के अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा जिससे कि भविष्य में बाराबती स्टेडियम में ऐसी कोई घटना नहीं हो जिसके कारण खेल में व्यवधान पड़े. इस प्रकरण पर चर्चा के लिए बैठक करने वाले पटनायक ने पुलिस और ओसीए दोनों से स्पष्टीकरण मांगा कि आखिर किन हालात में दर्शकों की गैलरी में पानी की बोतल ले जाने की इजाजत दी गई.
पटनायक ने राज्य सचिवालय में आपात बैठक बुलाई जिसमें डीजीपी संजीव मारिक, पुलिस आयुक्त आरपी शर्मा, खेल सचिव शाश्वत मिश्रा और ओड़िशा क्रिकेट संघ के सचिव आशीर्वाद बेहड़ा ने हिस्सा लिया. बेहड़ा ने कहा, ‘हमने मुख्यमंत्री को उन हालात के बारे में बता दिया है जिसमें हमने दर्शक दीर्घा में पानी की बोतल ले जाने की स्वीकृति दी. मैं बाहर इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.’ मुख्यमंत्री ने क्या सुझाव दिया यह पूछने पर बेहड़ा ने कहा, ‘उन्होंने हमें बाराबती स्टेडियम का नाम और प्रतिष्ठा बरकार रखने को कहा.’

अंतिम टी-20 में सम्मान बचाने उतरेगी भारतीय क्रिकेट टीम

कोलकाता। धर्मशाला और कटक में बेहद खराब प्रदर्शन से सीरीज गंवा चुकी महेन्द्र सिंह धोनी की सेना कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान में गुरुवार को जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में खेलने उतरेगी तो उसका एकमात्र लक्ष्य अपना खोया सम्मान बचाना होगा।

भारतीय टीम को अपने मैदान में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज की शुरूआत से पहले भारत-ए के खिलाफ अभ्यास मैच गंवा दिया था लेकिन उसके बाद उसने धर्मशाला में भारतीय टीम को सात विकेट से और फिर कटक में छह विकेट से धो दिया।

सीरीज से पहले भारत का टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रिकॉर्ड 6-2 था जो अब घटकर 6-4 रह गया है। सीरीज में 0-2 से पिछडऩे के कारण भारतीय टीम टी-20 रैंकिंग में भी दो स्थान गिरकर छठे नंबर पर खिसक गयी है।

भारत को अब यदि कोलकाता में क्लीन स्वीप से बचना है तो उसे इन दोनों पराजयों को पीछे छोड़ते हुए नए सिरे से बेहतर प्रदर्शन करना होगा। भारत ने ईडन गार्डन मैदान पर एकमात्र टी-20 मैच चार साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ 2011 में खेला था जहां टीम इंडिया को छह विकेट की पराजय मिली थी।

भारतीय टीम नौ विकेट पर 120 रन ही बना पाई थी जबकि इंग्लैंड ने चार विकेट पर 121 रन बनाकर जीत हासिल की थी। यानि हाल का खराब प्रदर्शन और पिछला इतिहास दोनों ही भारत के पक्ष में नहीं हैं और धोनी की सेना को इस इतिहास से बाहर निकलकर मैच विजयी प्रदर्शन करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता पर रोक जारी रखी, मामला संविधान पीठ को सौंपा

नई दिल्ली। बुधवार को केन्द्र सरकार को आधार की अनिवार्यता मामले से सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा । सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता पर रोक जारी रखी है। सरकार सिर्फ एलपीजी सब्सिडी और पीडीएस मे आधार का उपयोग कर सकती है और किसी लाभ देने के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा। इसके अलावा नए बैंक खाता खोलने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने कहा कि मामला पहले ही संविधान पीठ को भेजा जा चुका है ऐसे मे अंतरिम आदेश मे बदलाव की मांग पर भी संविधान पीठ ही विचार करेगी। इसके अलावा केन्द्र सरकार और याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायधीश से इस मामले में जल्द से जल्द संविधान पीठ गठन करने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट में इस विषय पर कल सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आधार कार्ड पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम यह देखेंगें कि निजता का अधिकार किस हद तक प्रभावित होता है। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।

कोर्ट में यह अपील की गई थी कि, आधार को लेकर अंतरिम आदेश में संशोधन किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पीडीएस व्यवस्था में आधार कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने पर दिया था। कोर्ट ने केरोसीन और एलपीजी में आधार लागू करने की इजाजत दे दी थी।

केंद्र सरकार की तरफ से अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि देश में 92 करोड़ आधार कार्ड बनाए गए। आधार कार्ड देश के करोड़ों गरीबों तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। वहीं, कोर्ट का मानना है कि आधार के जरिए किसी के बेडरूम में जासूसी नहीं की जा सकती है।

वही सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री की जनधन योजना की सफलता में 'आधार' की भूमिका रही है। आधार की वजह से सरकार के एलपीजी सब्सिडी में एक साल में 15 से 20 हजार करोड़ बचाए गए। जिस कारण बूढ़े और लाचारों तक घर पर ही पेंशन पहुंच रही है। आधार नहीं होगा तो गरीब परिवार के लिए मुसीबत बढ़ जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाएं ठप हो गई हैं, अगर कोई खुद से आधार इस्तेमाल करना चाहता है। तो उसे इजाजत दी जाए। कोर्ट की इजाजत के बिना आधार के डाटा शेयर नहीं किए जाएगा।
वही आधार के समर्थन में सेबी ने अपना तर्क दिया है सेबी ने कहा है कि, हवाला और काले धन को काबू करने के लिए आधार जरूरी है। मार्केट पर नजर रखने के लिए ये प्रभावशाली रास्ता है।

आधार के समर्थन में ट्राई ने भी अपना तर्क दिया है ट्राई ने अपनी ओर से कहा, मोबाइल सिम जारी करने के लिए आधार की अनिवार्यता की जाए। इससे आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम में मदद मिलेगी।

आधार के समर्थन में आरबीआई ने कहा है कि एलपीजी, केरोसिन और पीडीएस में आधार को लिंक करने के कोर्ट ने आदेश दिए थे। ऐसे में क्या कोई अपनी मर्जी से आधार कार्ड के जरिए एकाउंट खोलना चाहता है, तो क्या करे? खास कर तब जब उसके पास आधार के अलावा कोई और दूसरा पहचान पत्र न हो उसे ऐसी परिस्थिती में क्या करना चाहिए।

दरअसल आधार की अनिवार्यता प्रतिबंधित करने से हो रही परेशानी को लेकर आरबीआई, ट्राई, सेबी और गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है।

सुप्रीम कोर्ट से आधार कार्ड के आदेश में संशोधन करने की मांग की गई है। 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए केवल एलपीजी, केरोसिन और पीडीएस के लिए ही आधार कार्ड का इस्तेमाल की बात कहीं थी।

विदेशों में 16 बार कपड़े बदलते हैं मोदी, मैंने कहा तो सूट पहनना छोड़ दिया: राहुल

पटना. विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए बिहार पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। शेखपुरा के बरबीघा में हुई चुनावी रैली में राहुल ने कहा कि मोदी विदेशों में 16 बार कपड़े बदलते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके टोकने के बाद ही मोदी ने सूट पहनना छोड़ दिया और इस बार अमेरिका दौरे पर कुर्ते में नजर आए।
मोदी के सूट पर ही फोकस किया
राहुल ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार की तारीफ की। राहुल ने उनकी तुलना मोदी से करते हुए कहा कि नीतीश सिर्फ सफेद रंग के कपड़ों में दिखते हैं। राहुल की स्पीच मोदी के सूट के इर्द-गिर्द रही। राहुल ने कहा, ''मोदी पीएम बने, 15 लाख रुपए का सूट पहन लिया। मैंने पार्लियामेंट में कहा कि यह सूट-बूट की सरकार है। मोदी जी सोचते हैं कि सिर्फ सूट-बूट वाले और अमीर लोग ही अच्छे सुझाव दे सकते हैं। एक चुटकुला बताता हूं, जिससे मोदी जी की सोच का पता चलेगा।''
यह चुटकुला सुनाया
राहुल ने कहा, ''एक सूट-बूट पहना व्यक्ति नदी के किनारे गया। उसने मल्लाह से कहा कि मुझे नदी पार करनी है। वह मल्लाह के साथ नाव में बैठ गया। पांच मिनट बाद उसने मल्लाह से पूछा कि तुमने विज्ञान सीखा है? मल्लाह इनकार कर देता है। सूट-बूट वाला कहता है कि तुम्हारी पच्चीस पर्सेंट जिंदगी बर्बाद हो गई। फिर सूट-बूट वाले ने पूछा कि तुमने यूनिवर्सिटी में गणित सीखा है? मल्लाह ने कहा कि गिनती जानता हूं, लेकिन गणित नहीं जानता। सूट-बूट वाले ने कहा कि तुम्हारी पचास पर्सेंट जिंदगी बर्बाद हो गई।...तभी पानी बढ़ने लगता है। मल्लाह ने सूट-बूट वाले से पूछा कि आपको तैरना आता है? सूटबूट वाले ने कहा- नहीं। इस पर मल्लाह बोला-तेरी 100 प्रतिशत जिंदगी बर्बाद हो गई।''
'झगड़े कराती है बीजेपी'
राहुल ने कहा, ''बिहार के लोगों को महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना वाले भगाते हैं। मोदी जी कुछ नहीं कहते। जहां भी चुनाव होते हैं, बीजेपी लोगों को लड़ाने का काम करती है। हिंदू को मुसलान से लड़ाने की, महाराष्ट्र में बिहारियों के प्रति गुस्सा भड़काने की कोशिश करती है।
राहुल ने कहा, सावधान रहे जनता
इससे पहले, बेगूसराय जिले के बछवाड़ा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "चुनाव जीतने के लिए भाजपा दंगा कराने का काम करती है। जबसे भाजपा की सरकार बनी है, उसने दंगा कराया है। भाजपा एक धर्म को दूसरे धर्म से और एक राज्य को दूसरे राज्य से लड़ाने का काम करती है। जहां भी चुनाव होने होते हैं, वहां भाजपा दंगा कराती है।" राहुल ने बिहार की जनता से सावधान रहने की अपील की।
'पीएम सिर्फ अपने मन की बात करना जानते हैं'
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, "पीएम मोदी सिर्फ अपने मन की बात करना जानते हैं। उन्हें गरीब जनता की तकलीफ से कोई वास्ता नहीं है। गरीबों का भला किए बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता। जब देश में कांग्रेस की सरकार थी तो किसानों के 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया था। मोदी को सरकार में आए एक साल से अधिक हो गया, लेकिन अभी तक उन्होंने किसानों के हित में कोई काम नहीं किया है।"
'पीएम के पास विदेश घूमने के लिए समय है, लेकिन गरीबों के लिए नहीं'
राहुल गांधी ने एक बार फिर सूट-बूट की सरकार का मुद्दा उठाया। राहुल ने कहा, "मोदी जी अमेरिका और यूरोप जाते हैं। खुद सूट-बूट पहनते हैं और सूट-बूट बालों के साथ फोटो खिंचवाते हैं। मोदी जी कभी किसी गरीब या मजदूर के साथ नहीं दिखे। मोदी के पास विदेशों में घूमने के लिए समय है, लेकिन गरीबों और मजदूरों के लिए वक्त नहीं है।"
'बिहार में गरीबों के लिए काम करने वाली सरकार चाहिए'
राहुल ने कहा कि बिहार में ऐसी सरकार नहीं चाहिए, जिसके पास गरीबों के लिए समय न हो और वह सिर्फ पूंजीपतियों के लिए काम करे। बिहार में ऐसी सरकार बननी चाहिए जो गरीबों, मजदूरों और पिछड़ों की बात सुने और उनके लिए काम करे। उन्होंने कहा कि बीजेपी को हिंदुस्तान के लोग बांटने वाली पार्टी के रूप जानते हैं। ये महाराष्ट्र के लोग को बिहार के लोगों से लड़ाने का काम करते हैं। नीतीश बिहार के सही रास्ते पर ले आए हैं। हमारा यह गठबंधन एनडीए और बीजेपी को हराएगा। राहुल गांधी रोहतास जिले के चेनारी में भी चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। राहुल गांधी इससे पहले भी रामनगर में अपनी पहली सभा को संबोधित कर चुके हैं।

राष्ट्रपति ने दादरी की घटना पर जताई चिंता, होम मिनिस्ट्री ने PMO को दी रिपोर्ट

नई दिल्ली/नोएडा. यूपी के दादरी में गोमांस खाने की अफवाह के बाद मारे गए अखलाक के मर्डर की रिपोर्ट बुधवार को पीएमओ पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, होम मिनिस्ट्री ने यह रिपोर्ट तैयार की है। इसमें यूपी सरकार की रिपोर्ट का भी जिक्र है। उधर, न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से खबर है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दादरी की घटना के बारे में कहा, "देश के संस्कार खत्म होने नहीं दे सकते।"
साध्वी प्राची को अखलाक के गांव जाने से रोका
इधर, अखलाक के गांव जाने की कोशिश कर रहीं विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता साध्वी प्राची को हिरासत में ले लिया गया। धारा 144 और पुलिस के मना करने के बाद भी वह बुधवार को अखलाक के बिसहड़ा गांव जा रही थीं। हालांकि, पुलिस ने उन्हें कुछ देर बाद गांव से दूर छोड़ दिया। इस दौरान साध्वी ने कहा,''अगर हैदराबाद से ओवैसी आ सकते हैं, राहुल गांधी आ सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं? यह सब आजम खान करवा रहे हैं। आजम ने देश की इमेज खराब करने के लिए 1 करोड़ रुपए लिए हैं।'' (डिटेल खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)।
केजरीवाल के मैसेज में क्या है?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दादरी मामले पर एक रेडियो मैसेज जारी किया है। केजरीवाल ने दादरी को लेकर जारी किए अपने रेडियो मैसेज में कुछ नेताओं पर 'जहरीली राजनीति' करने का आरोप लगाया है। उन्होंने लोगों से इन चंद 'जहरीले नेताओं' की बातें न मानने की अपील की। (यह भी पढ़ेंः ISIS-अल कायदा के इंडियन फाइटर्स ने दी बदले की धमकी: रिपोर्ट)
केजरीवाल का रेडियो मैसेज- आम आदमी ही देश को बचा सकता है
नमस्कार,
मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूं।
अभी दादरी में कुछ लोगों ने एक मुसलमान को मार डाला। उसकी हत्या के आरोप में पुलिस ने उसी गांव के कई हिंदू परिवारों के बच्चों को अरेस्ट किया है। इससे किसका फायदा हुआ, न हिंदुओं का फायदा हुआ, न मुसलमानों का। फायदा हुआ तो सिर्फ कुछ नेताओं का, कुछ पार्टियों का।
इस गांव में 70 साल से हिंदू-मुसलमान एक साथ रह रहे थे, प्यार और मोहब्बत के साथ। कभी बच्चों तक में झगड़ा नहीं हुआ और अचानक एक रात में सब कुछ खत्म हो गया। 70 साल का विश्वास टूट गया। ये नेता तो अपने-अपने घर चले जाएंगे अगले चुनाव की तैयारी करने, लेकिन कई हिंदू और मुसलमानों के परिवार हमेशा-हमेशा के लिए बर्बाद हो गए और अब तो इन नेताओं के लिए दंगे कराने के तरीके भी पुराने होते जा रहे हैं। गाय कटवा दो तो हिंदू भड़क जाते हैं, सूअर कटवा दो तो मुसलमान भड़क जाते हैं। कितना आसान हो गया है इनके लिए दंगे कराना, नहीं, कैसे रुकेगा यह सब। एक ही तरीका है। अगर हम सब हिंदू और मुसलमान इन चंद जहरीले नेताओं की बातें मानना बंद कर दें तो इनकी गंदी राजनीति खत्म हो सकती है और हम इनकी बातें मानते रहेंगे तो न हिंदू बचेंगे, न मुसलमान बचेंगे और न देश बचेगा। इस देश को केवल एक ही आदमी बचा सकता है आम आदमी। चाबी आपके हाथ में है। प्लीज, इस देश को बचा लीजिए। मीडिया से भी अपील है कि इन चंद नेताओं के जहरीले बयान दिखाना बंद कीजिए।
जयहिंद।
एयरफोर्स कॉलोनी शिफ्ट हुई अखलाक की फैमिली
उधर, अखलाक की फैमिली ने बिसहड़ा गांव छोड़ दिया है। पूरा परिवार दिल्ली के सुब्रतो पार्क में एयरफोर्स कम्पाउंड में शिफ्ट हो गया है। अखलाक का बड़ा बेटा सरताज एयरफोर्स में तैनात है। बता दें कि एयरफोर्स चीफ मार्शल अरूप राहा ने इस घटना को दुखद बताया था। उन्होंने कहा था कि अखलाक की फैमिली चाहे तो एयरफोर्स कॉलोनी में शिफ्ट कर सकती है

Wednesday, 30 September 2015

नए वीडियो में दावा-मोदी ने कैमरे के फ्रेम में लाने के लिए जुकरबर्ग को किया था साइड

नई दिल्ली. फेसबुक हेडक्वार्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। इसे उस वीडियो का जवाब माना जा रहा है जो बीते दो दिनों में वायरल हो चुका है। इस वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया के जरिए लोगों ने पीएम पर आरोप लगाया कि उन्‍होंने फेसबुक के सीईओ माक जुकरबर्ग को बांह पकड़ कर अपने सामने से हटा कर साइड कर दिया, ताकि वह उनके और कैमरे के बीच नहीं आ सकें। लेकिन नया वीडियो शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि असल में मोदी ने जुकरबर्ग को हाथ पकड़ कर अपने सामने से हटा कर बगल में खड़ा किया, ताकि कैमरे के फ्रेम में वह भी आ सकें।
अब शेयर किए जा रहे वीडियो में क्या है?
नया वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूट्यूब अकाउंट से अपलोड किया गया है। 1.53 मिनट का यह वीडियो वैसे तो 27 सितंबर को ही अपलोड हुआ है। लेकिन यह वायरल नहीं हो सका। इसे बुधवार शाम चार बजे तक केवल डेढ़ लाख लोगों ने ही देखा था।
इस वीडियो में मोदी द्वारा वॉल बोर्ड पर ऑटोग्राफ देने से लेकर फोटो खिंचवाने तक एक मिनट 53 सेकंड का फुटेज है। वीडियो में दिख रहा है कि फोटो सेशन के वक्त कैमरामैन दाएं से बाएं आया था। मोदी ने जुकरबर्ग को सामने से हटा कर बगल में खड़ा किया। इसके कुछ पल बाद जुकरबर्ग ने भी फोटोग्राफर्स के लिए पोज दिए और वहां मौजूद फोटोग्राफर्स ने पीएम मोदी के साथ उनकी तस्‍वीरें ली।
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक ब्‍लॉग में यह भी दावा किया गया है कि कैमरामैन ने जुकरबर्ग को 'साइड प्लीज' कहा था। हालांकि, वीडियो में कैमरामैन की आवाज क्लियर नहीं है। लेकिन वह दाएं से बाएं आता दिख रहा है। इसी आधार पर कहा जा रहा है कि मोदी ने जुकरबर्ग को फ्रेम में लाने के लिए उनकी बांह पकड़ कर साइड किया।
पहले वायरल हुए वीडियो में क्या दिख रहा है?
28 और 29 सितंबर को सोशल मीडिया पर चर्चित रहा और वायरल हुआ वीडियो कुछ सेकंड का है। इसमें फोटो सेशन के दौरान एक महिला मोदी को कुछ दिखा रही है। उसके बारे में में जानकारी देने के लिए जुकरबर्ग बीच में आ जाते हैं। कुछ सेकंड तो जुकरबर्ग मोदी के ठीक सामने रहते हैं। लेकिन फिर तुरंत मोदी उन्हें कैमरे के सामने से हटा देते हैं। एक हाथ नहीं, बल्कि मोदी जुकरबर्ग की बाहों को दोनों हाथ से पकड़ कर हटाते हैं। इस वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर कहा गया कि मोदी पब्लिसिटी के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इस वीडियो को 24 घंटे के भीतर यूट्यूब पर 100 से भी ज्यादा अकाउंट्स से शेयर किया गया। इसे बुधवार शाम तक करीब 6 लाख लोगों ने देखा।
इस वीडियो से जुड़ी खबर देते हुए वाशिंगटनपोस्‍ट.कॉम ने हेडिंग दी थी कि भारत के मोदी और टीवी कैमरा के बीच आकर मार्क जुकरबर्ग ने बहुत बड़ी गलती की