संयुक्त राष्ट्र: विदेश
मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित
किया. उन्होंने वैश्विक आतंकवाद के मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा, आतंकवाद
व्यक्ति या देश का नहीं मानवता का अपराधी है. उन्होंने पाकिस्तान को
चेतावनी देते हुए कहा - ख्वाब देखना छोड़ दे पाकिस्तान, कश्मीर भारत का
अभिन्न हिस्सा है और रहेगा.
आतंकवाद पर बोलीं सुषमा
आतंकवाद पर बोलीं सुषमा
- सुषमा स्वराज ने कहा, इसी महीने 9/11 की बरसी थी और पिछले 15 दिनों में एक बार फिर एक आतंकी हमले में मासूमों को मारने की कोशिश की गई.
- हम पर भी उरी में इन्हीं आतंकी तत्वों ने हमला किया है.
- इस साल ढाका से उरी तक हुए हमले बताते हैं कि हम इन्हें रोकने में नाकाम रहे हैं.
- आतंकवाद व्यक्ति या देश का नहीं मानवता का अपराधी है.
- आतंकवादियों को कौन धन देता है, सहारा देता है?
- हमें पुराने समीकरण त्यागने होंगे, मिलकर आतंकवाद का सामना करना होगा.
- यदि कोई देश इस रणनीति में शामिल नहीं होता तो उसे अलग-थलग करना होगा.
- कुछ देश आतंकवाद ही बोते, उगाते, बेचते और निर्यात करते हैं.
- ऐसे देशों की पहचान सुनिश्चित करने और जिम्मेदारी तय करें.
- जिनके अपने घर शीशे के हों वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते.
- खुद के गिरेबान में झांके और देखें कि बलूचिस्तान में क्या हो रहा है, वहां जो हो रहा है वह यातना की पराकाष्ठा है.
- पाक प्रधानमंत्री किन शर्तों की बात कर रहे हैं, हमने कब रखी शर्त.
- हम शर्तं लगा रहे हैं या आप
- क्या पीएम मोदी कोई शर्त लेकर लाहौर गए थे?
- हमने मित्रता का पैमाना खड़ा किया और हमें पठानकोट व उरी मिले.
- हमारे पास बहादुर अली जिंदा सबूत हो कि वो सीमा पार से आया है.
- पाक का मंसूबा कभी पूरा नहीं होगा, जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा.
- सुषमा स्वराज ने कहा, सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के सदस्यों में बढ़ोतरी होनी चाहिए.
- उन्होंने कहा, मैं अपने और अपने देश की ओर से पीटर थॉमसन को इस बैठक की अध्यक्षता करने के लिए धन्यवाद देती हूं.
- इस मंच पर हम तमाम घटनाओं पर चर्चा करते हैं.
- साल भर पहले मैंने यहीं से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संबोधित किया था. एक साल में विश्व में काफी कुछ बदल गया है. कुछ बदलाव काफी चिंताजनक है.
- हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है गरीबी को मिटाना.
- हमने 'स्वच्छ भारत अभियान' छेड़ा और दो लाख विद्यालयों में 4 लाख शौचालय बनवाए गए.
- इसी तरह 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' में लाखों महिलाएं जुड़ी.
- 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' में कई कार्यक्रम चल रहे हैं.
- भारत की विकास यात्रा में नए आयाम जुड़े हैं.
- भारत में टिकाऊ विकास होगा तभी पूरी दुनिया में होगा.
- जलवायु परिवर्तन भी हमारे सामने गंभीर चुनौती है.
- प्रकृति के पास इतनी संपत्ति है कि सबकी जरूरत पूरी हो सकती है. लेकिन प्रकृति किसी का लालच पूरा नहीं कर सकती.
- ये जरूरी है कि विकसित देश सबकी भलाई के लिए तकनीक और धन दें.
- गांधी जयंती पर देश पेरिस जलवायु समझौते पर मुहर लगाएगा.
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