Saturday, 22 August 2015

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इंडस्ट्रियलिस्ट ने कहा-65 की उम्र में भी आप यंग हैं, प्रोग्राम छोड़ चली गईं शबाना

 
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस शबाना आजमी को एक अवॉर्ड सेरेमनी में अपनी उम्र पर किया गया कमेंट इतना बुरा लगा कि वह प्रोग्राम बीच में ही छोड़कर चली गईं। घटना गुरुवार को गुड़गांव में एनसीआर चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के प्रोग्राम में हुई। यहां NCCI एक्सीलेंस अवॉर्ड 2015 दिए जाने थे। इस प्रोग्राम के चीफ गेस्ट केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर थे।
इंडस्ट्रियलिस्ट ने किया कमेंट
जानकारी के मुताबिक, एक इंडस्ट्रियलिस्ट ने अपने भाषण के दौरान कहा कि 65 साल उम्र होने के बावजूद शबाना यंग दिखती हैं और उन्हें अपनी इस ब्यूटी सीक्रेट का खुलासा करना चाहिए। इस कमेंट के बाद शबाना स्टेज से उतरीं और सामने ऑडियंस के साथ जाकर बैठ गईं। इसके बाद कुछ और कारोबारियों ने भी ऐसे ही कमेंट किए। इससे नाराज होकर शबाना प्रोग्राम छोड़कर चली गईं। इस दौरान मीडिया ने उनसे बात करनी चाही, लेकिन एक्ट्रेस ने कोई जवाब नहीं दिया।
ऑर्गनाइजर बोले- एक घंटे के लिए ही आई थीं शबाना
इस घटना के बार में जब एनसीआर चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट एच.पी. यादव से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “शबाना ने इस प्रोग्राम के लिए हमें केवल एक घंटे का टाइम दिया था। उन्हें कहीं बाहर जाने के लिए फ्लाइट पकड़नी थी, इसलिए वह प्रोग्राम बीच में ही छोड़कर चली गईं। अगर यह कह भी दिया गया कि बढ़ती उम्र के बावजूद वह यंग दिखती हैं, तो इसमें गलत क्या है। यह तो उनकी तारीफ हुई। उन्हें इस बात के सही मायने समझने चाहिए थे।” इस प्रोग्राम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी शामिल होना था, लेकिन वह नहीं आए।

78 हजार रीडर्स मंदिर में दान के खिलाफ, 21 हजार ने कहा दान ना देना भगवान का अपमान

मंदिर में दान के सवाल और देश के 3 नामी धर्मगुरुओं (बाबा रामदेव, श्रीश्री रविशंकर और स्वामी अग्निवेश) की राय पर dainikbhaskar.com के एक लाख 20 हजार रीडर्स ने कमेंट्स दिए हैं। इन कमेंट्स में हर दूसरा रीडर मंदिर में दान के खिलाफ नजर आ रहा है। दिलचस्प है कि एक लाख से ज्यादा रीडर्स की प्रतिक्रिया dainikbhaskar.com की उस एक्सक्लूसिव खबर पर आई है, जिसमें मंदिरों से जुड़ी 9 हजार से ज्यादा पेज की अलग-अलग रिपोर्ट की स्टडी की गई। इसमें से देश के 4 बड़े मंदिरों में आपके दान के इस्तेमाल के बारे में कई खुलासे किए गए। ये सभी रिपोर्ट्स भास्कर के पास मौजूद है।
हर दूसरा रीडर मंदिर में दान के खिलाफ, 15% ने मंदिर को आधार बना सभी धर्मों पर किया कमेंट-
- 65% से ज्यादा रीडर्स ने मंदिर में दान न करने की अपील की है। इन पैसों को जरूरतमंदों पर खर्च करने के अलग-अलग तरीके भी बताए हैं।
- 18% से ज्यादा रीडर्स मंदिर में दान ना देने को भगवान के अपमान से जोड़ रहे हैं।
- करीब 15% रीडर्स ने मंदिर को आधार बना सभी धर्मों पर कमेंट किए हैं।
- बचे हुए 2% कमेंट्स में विषय से हटकर या अन्य तरह की प्रतिक्रिया आई है।
1.70 लाख रीडर्स ने मंदिर से जुड़ी हमारी स्पेशल रिपोर्ट को पसंद करते हुए इसे एफबी पर लाइक किया है। इनमें से 36 हजार रीडर्स ने अपने-अपने एफबी पेज पर इसे शेयर भी किया है।
नीचे पढ़ें, 1.20 लाख रीडर्स की प्रतिक्रिया में से चुनिंदा कमेंट्स...
द्वारिका यादव पब्लिक ही बेवकूफ है, क्या करे, भगवान को चढ़ावे की जरूरत नहीं इंसान को है । ये बात अलग है कि सभी अपनी अपनी श्रद्धा है लेकिन मंदिर में चढ़ाव न देकर किसी जरुरतमंद की सहायता करे भगवन उस चढ़ावे से ज्यादा किसी की मदद करने पर खुश होंगे।
ssd मंदिर - भगवन के नाम पर, धर्म की आड़ में साधु संत ऐश कर रहे हे. पैसा - मॉल कम रहे हे . अय्यशी करते हे . सब नाटक - नौटंकी हे . गरीब -जरूरत मंद की मदत करो , आप का भला होगा
Akhilesh Kumar Yadav मदिंरो में थोड़ा चढ़ावा {दान} तो जरुरी हैं। पर बहुत ज्यादा चढ़ावा किसी भी दृष्टि से ठीक नहीं हैं। यदि दान ही करना हैं तो अनाथ, असहाय, बिमारी से जूझते हुए किसी गरीब,बेजुबान पशु , पंछी,को दान करके देखिए आपकी आत्मा को बहुत शांति मिलेगी, आपको बहुत आशीर्वाद मिलेगा ।
Sonu Khera अब जनता को जगाने का कोई फायदा नही, अब तो शायद भगवान् खुद नीचे आ कर अपने अंध भक़तो को कहे की भक़तो अपनी अपनी आँखों से अंध भक्ति की पट्टी उतार दो और आस्था अपने अपने दिलो में रखो तब शायद ये पट्टी उतर जाए और भक्त जाग जाए
ashok kumar वैसे तो जो गलत है वो गलत है, लेकिन अग्निवेश, रामदेव व रविशंकर समाज के क्या ठेकेदार हैं, क्या ये लोग समाज के लोगों के पैसे से मौज नहीं उड़ा रहे हैं | सब जानते हैं इन्हें | अग्निवेश का चरित्र अन्ना के अनशन के समय पता चल गया था, रामदेव को रुरकी हरिद्वार वाले सब जानते हैं |
Pradhanji भगवान को रिश्वत देने की मंशा यही होती है की जितना दिया उस से बहुत ज्यादा का फायदा हो जाय. गरीब के पास रिश्वत देने के लिए कुछ भी नहीं होता इसी लिए हमेशा गरीब ही रहता है . वैसे गलती से भी कोई गरीब इन प्रसिद्ध मंदिरो में चला जाये तो मंदिर के पण्डे इनको भगवान का डर दिखा कर जेब में बच खुचा भी लूट लेता है. हर धर्म का आदमी अज्ञात शक्ति से डरता है.
Ramdeo Mahto हम इनके फैन हैं , पर यहाँ सहमत नहीं हैं। दान सुखी लोग करते हैं । ऐसे नेक कार्यो के लिए प्रोत्साहन की आवश्यकता है न कि बंद करने की। हां सरकार का इस धन पर नियंत्रण हो , बिशेष निगरानी कमेटियों के द्वारा। कमीटी में सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, पीएम , लोक सभा मे बिपक्ष के नेता, लोक सभा के स्पीकर, संबंधित राज्यों के हाईकोर्ट के न्यायाधीश, संबंधित राज्यों के सीएम , मंदिर से संबंधित कोई एक व्यक्ति इत्यादि। यह सम्पत्ति भारत सरकार का हो। इसे जरूरत मंदों के वेलफेयर , गरीब बच्चों की शिक्षा जैसे कामों में लगाने चाहिए । कडकी के दिनो में देश के भी काम आएगा।
Manoj Khurana भारत के रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने 2008 के अमेरिकी अर्थव्यवस्था के संकट की भविष्यवाणी 2005 में ही कर दी थी। उनकी ताज़ा भविष्यवाणी है कि अमेरिका उससे भी बड़े संकट की ओर अग्रसर है। यदि यह भविष्यवाणी सत्य हुई तो अमेरिका समस्त विश्व को ले डूबेगा। डॉलर आदि सभी कर्रेंसी की नैया डूब जायेगी। मेरा मानना है कि ऐसे में विश्व पुनः स्वर्ण केंद्रित अर्थव्यवस्था की ओर आएगा। और यदि ऐसा हुआ तो इस बदले परिप्रेक्ष्य में विश्व की आर्थिक महाशक्ति कौन होगा .... ??? यह मंदिर ही भारत को महाशक्ति बनाएंगे।

पुलिस-नेताओं के लिए सिरदर्द बनीं TIMES SQUARE पर टॉपलेस घूमती महिलाएं

न्यूयॉर्क। अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के मशहूर टाइम्स स्क्वेयर पर इन दिनों बॉडीपेंट कराए या फिर ऐसे ही टॉपलेस घूमतीं कुछ महिलाएं पुलिस और नेताओं के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं।
कौन हैं ये महिलाएं?
बीते कुछ महीनों से टाइम्स स्क्वेयर पर ये महिलाएं दिख रही हैं। ये टूरिस्ट्स से कुछ टिप के बदले उनके साथ फोटो खिंचवाती हैं। ये खुद को 'डेस्नुडास' (desnudas) कहती हैं। यह एक स्पेनिश शब्द है, जिसका मतलब है 'नग्न'। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टूरिस्ट्स के साथ फोटो खिंचवाकर ये महिलाएं हर रोज सैकड़ों डॉलर कमा रही हैं।
क्यों रोकने में नाकाम है पुलिस?
पुलिस महिलाओं के इस तरह घूमने पर रोक लगाना चाहती है, लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा कि क्या किया जाए? दरअसल, इन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, क्योंकि टॉपलेस या बॉडीपेंट कराकर घूमना न्यूयॉर्क में अपराध नहीं है। 1992 में न्यूयॉर्क की टॉप कोर्ट ने महिलाओं के टॉपलेस घूमने पर रोक लगाने को भेदभावपूर्ण बताया था। कोर्ट ने कहा था कि अगर पुरुष टॉपलेस घूम सकते हैं तो महिलाओं को भी यह अधिकार है।
नेताओं को क्या है आपत्ति?
न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने महिलाओं के इस तरह घूमने को 'अवैध गतिविधि' करार दिया है। उनका मानना है कि इससे टाइम्स स्क्वेयर की छवि खतरा में है। वहीं, शहर के मेयर बिल दे ब्लैसियो ने इस मामले को लेकर टास्क फोर्स बनाने का आदेश दिया है। यह टास्क फोर्स इन महिलाओं को रोकने का रास्ता ढूंढेगी। मेयर ने कहा, "टाइम्स स्क्वेयर पर टॉपलेस महिलाओं की बढ़ती तादाद की वजह से लाखों टूरिस्ट्स को खराब अनुभव हो रहे हैं। ये कई बार लोगों को परेशान करते हैं। उनकी हरकतों के कारण फैमिलीज को शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है।"
क्या है टाइम्स स्क्वायर?
न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में टाइम्स स्क्वेयर एक प्रमुख कॉमर्शियल चौराहा है। इसे पैदल यात्रियों वाला दुनिया का सबसे व्यस्त चौराहा माना जाता है, जो सेंटर ऑफ यूनिवर्स के नाम से भी मशहूर है। यहां सालाना 5 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट्स पहुंचते हैं। रोजाना टाइम्स स्क्वेयर से गुजरने वाले लोगों की संख्या तकरीबन 3 लाख से ज्यादा है।

स्पीकर्स की वजह से टकराव : धमकी के बाद नॉर्थ ने की साउथ कोरिया से बातचीत

सिओल. नॉर्थ और साउथ कोरिया में बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को पनमुजम में हाई लेवल मीटिंग की। शुक्रवार को प्योंगयांग ने साउथ कोरिया से बातचीत की पेशकश की थी। डीमिलिटराइज जोन स्थित पनमुंजोम में यह मीटिंग हुई। यह वही जगह है, जहां 1953 में कोरियन वॉर को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था। इससे पहले साउथ कोरिया द्वारा बॉर्डर पर स्पीकर लगाकर प्रोपेगैंडा मैसेज बजाए जाने बाद नॉर्थ कोरिया ने युद्ध की चेतावनी दी थी। बता दें कि साउथ कोरिया ने बॉर्डर पर 11 बड़े स्पीकर्स लगाए हैं। नॉर्थ कोरिया ने इन्हें 'एंटी प्योंगयांग साइकोलॉजिकल वारफेयर' बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
यूनाइटेड नेशंस में नॉर्थ कोरियन एंबेसडर एन योंग हुन ने कहा था, ''शनिवार दोपहर तक साउथ कोरिया स्पीकर्स बंद नहीं करता है तो वे जंग के लिए तैयार रहें। अगर साउथ कोरिया हमारी वॉर्निंग का जवाब नहीं देगा तो हम मिलिट्री एक्शन लेंगे और यह तगड़ा हमला होगा।" चेतावनी के बाद साउथ कोरिया ने पाजू में सिक्युरिटी फोर्सेज को अलर्ट कर दिया है।
कहां और क्यों लगाए गए हैं स्पीकर्स?
2004 के बाद पहली बार साउथ कोरिया ने डीमिलिटराइज जोन में स्पीकर्स लगाए हैं। यह जोन कोरियन प्रायद्वीप में 250 किलोमीटर लंबी और 4 किलोमीटर चौड़ी पट्टी वाला इलाका है, जो नॉर्थ व साउथ कोरिया को अलग करता है। हालांकि, नॉर्थ कोरिया की तरफ भी स्पीकर्स लगाए गए हैं। लेकिन साउथ के स्पीकर्स का शोर काफी ज्यादा है। इन मैसेजेस में साउथ की लाइफ को प्रमोट किया जा रहा है। सोप ओपेराज और फिक्शन स्टोरीज के जरिए इनसे नॉर्थ कोरियन डिफेक्टर्स का स्वागत भी किया जा रहा है।
जंग की तैयारी में जुटा नॉर्थ कोरिया
नॉर्थ कोरियन लीडर किम जोंग उन ने अपनी आर्मी को जंग के लिए तैयार रहने के ऑर्डर दिए हैं। इस बीच, सैटेलाइट इमेजेस से पता लगा है कि किम जोंग उन ने अपने सभी महलों के सामने ही रनवे बनवा लिए हैं। ये रनवे ऐसे हैं कि इन पर जेट प्लेन आसानी से लैंड और टेकऑफ कर सकते हैं। नॉर्थ कोरिया की ऑफिशियल न्यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, गुरुवार को किम जोंग उन ने आर्मी के टॉप अफसरों की एक स्पेशल मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में बॉर्डर पर तैनात यूनिट्स को ऑर्डर दिए गए कि वे शुक्रवार सुबह पांच बजे से (नॉर्थ कोरिया का लोकल टाइम) जंग का सामना करने के लिए तैयार रहे। दोनों देशों के बीच हालात पिछले शनिवार से बिगड़े हुए हैं। दोनों देशों के बीच रुक-रुककर फायरिंग भी हो रही है।
हर महल के सामने रनवे
किम जोंग उन के पिता किम जोंग को प्लेन में सफर करने से डर लगता था, लेकिन उन को जेट में सफर करना और यहां तक कि उन्हें उड़ाना बेहद पसंद है। नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में बने किम जोंग उन के पैलेस के बाहर रनवे तैयार किया गया है। इस पर जेट प्लेन लैंड कर सकते हैं। सैटेलाइट इमेजेस से पता लगता है कि नॉर्थ कोरिया में उन के जितने पैलेस हैं, उन सभी के सामने रनवे तैयार किए गए हैं। प्योंगयांग वाले पैलेस में रनवे बनाने का काम 2014 में ही शुरू कर दिया गया था। कुछ महीने पहले केसीएनए ने किम की कुछ फोटोज जारी की थी, जिनमें वे रनवे कंस्ट्रक्शन वर्क देखते नजर आ रहे थे।
यूएन के पास गया नॉर्थ कोरिया
नॉर्थ कोरिया ने यूनाइटेड नेशन सिक्युरिटी काउंसिल से अर्जेंट मीटिंग कर मामले में दखल देने की रिक्वेस्ट की है। लेकिन, डिप्लोमेट्स ने बताया कि चीन को छोड़कर सिक्युरिटी काउंसिल के किसी मेंबर ने इसका जवाब नहीं दिया है।

पाकिस्तान में है दाऊद : 22 साल बाद सामने आई फोटो, 4 पासपोर्ट भी पता चले

नई दिल्ली: 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट का गुनहगार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में ही छिपा है। इस मोस्ट वॉन्टेड आतंकी की पड़ोसी मुल्क में मौजूदगी के पुख्ता सबूत एक बार फिर भारत के हाथ लगे हैं। 22 साल बाद दाऊद की कोई नई फोटो सामने आई है। फोटो के साथ ही उसके पाकिस्तानी पासपोर्ट की कॉपीज़ भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) ने जुटाई हैं। दो पासपोर्ट कराची से जारी किए गए हैं जबकि बाकी दो रावलपिंडी से। एक टीवी चैनल ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कराची के ही क्लिफ्टन इलाके में दाऊद ने एक और बंगला खरीदा है। यह बंगला यहां के मशहूर जियाउद्दीन हॉस्पिटल के पास है। बताया जाता है कि दाऊद और उसकी पत्नी मेहजबीन दोनों ही बीमार रहते हैं और इमरजेंसी के लिए यह बंगला लिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर जल्द हॉस्पिटल पहुंचा जा सके। 59 साल के हो चुके दाऊद की फैमिली से जुड़े ट्रेवल डॉक्युमेंट्स रॉ की अगुवाई में बाकी एजेंसियों ने हासिल किए हैं। 23-24 अगस्त को अगर भारत के एनएसए अजीत डोभाल और पाकिस्तानी एनएसए सरताज अजीज के बीच बात होती है तो भारत इन सबूतों को सौंपेगा।
दाऊद कब भारत से भागा था?
दाऊद कानूनी शिकंजे से बचने के लिए 1986 में ही दुबई चला गया था। वह शारजाह में होने वाले क्रिकेट मैच के दौरान भी स्टेडियम में दिखाई देता था। लेकिन 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद उसकी कोई तस्वीर सामने नहीं आई। वह पब्लिक फंक्शंस में भी जाने से बचने लगा। पाकिस्तान ने बाद में उसे अपने मुल्क में रहने की इजाजत दी। उसे आईएसआई से भी सिक्युरिटी मिली। पाकिस्तान 22 साल से ही इस आतंकी को अपने यहां पनाह देने की बात नकारता रहा है।
अब कैसा दिखता है दाऊद?

नई फोटो और सबूत मिलने का खुलासा एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में हुआ है। एजेंसियों को डॉन की जो ताजा फोटो मिली है, उसमें दाऊद क्लीन शेव्ड नजर आ रहा है। उसके चेहरे पर झुर्रियां हैं। फोटो से यह भी पता चलता है कि दाऊद ने कोई प्लास्टिक सर्जरी नहीं कराई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि दाऊद ने सर्जरी से अपना चेहरा बदल लिया है। एजेंसियों के पास दाऊद के दुबई जाने की टिकट और फैमिली फोटोज भी हैं। उधर, एक और अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत सरकार खुद दाऊद इब्राहिम की ताजा फोटो जारी कर सकती है।
पुख्ता सबूतों में क्या-क्या मिला? दाऊद के किस एड्रेस का है जिक्र?
- भारत की खुफिया एजेंसी रॉ को दाऊद की 2012 की एक फोटो मिली है।
- दाऊद के 3 पाकिस्तानी पासपोर्ट मिले हैं।
- लेकिन तीनों में दाऊद ने अलग-अलग एड्रेस लिखवाया है।
- दाऊद की पत्नी मेहजबीन शेख के नाम पर बिजली का बिल मिला है। बिल अप्रैल 2015 का है।
- इस बिल पर D-13, ब्लॉक -4, कराची डेवलपमेंट अथॉरिटी, सेक्टर- 5, क्लिफ्टन का पता दर्ज है।
दाऊद की फैमिली के ट्रेवल डॉक्युमेंट्स में क्या मिला?,
- राॅ के अलावा भारत की बाकी खुफिया एजेंसियों के हाथ जो सबूत लगे हैं, उनके मुताबिक दाऊद का परिवार पाकिस्तान से दुबई के बीच कई बार ट्रेवल कर चुका है।
- डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, दाऊद की पत्नी मेहजबीन और बेटी माजिया इस साल 4 जनवरी को एमीरेट्स एयरलाइंस की फ्लाइट से कराची से दुबई गए थे।
- वहां से वे दाऊद की दूसरी बेटी माहरुख और दामाद जुनैद मियांदाद (पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद का बेटा) के साथ 11 जनवरी को वापस लौटे।
- इसके बाद, दाऊद की पत्नी एक बार फिर 19 फरवरी को दुबई गई और 26 फरवरी को वापस लौटी।
- दाऊद का बेटा मोइन, उसकी बीवी सानिया और उसके बच्चों ने भी मार्च से मई 2015 के बीच कई बार कराची से दुबई के बीच ट्रेवल किया।
- मोइन पत्नी सानिया और बच्चों के साथ 30 मई 2015 को दुबई से फिर कराची आया।
- भारतीय एजेंसियों के पास दाऊद की फैमिली के सभी लोगों के पासपोर्ट नंबर और एयर टिकट्स के डिटेल्स हैं।
क्या दाऊद के करीबी भी पाकिस्तान में हैं?
पाकिस्तान का दाऊद को लेकर झूठ इस बात से और पुख्ता हो जाता है कि इस माफिया डॉन के बेहद करीबी माने जाने वाले जाबिर सादिक, जावेद छोटानी और जावेद पटेल उर्फ चिकना भी पाकिस्तान में ही हैं। रिकॉर्ड्स से पता चला है कि ये भी पाकिस्तान से दुबई आते-जाते रहे हैं। जावेद चिकना वही शख्स है, जिसने टाइगर मेमन के साथ मिलकर मुंबई धमाकों की साजिश रची थी। वह हवाला कारोबार से जुड़ा रहा है। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी उसके रिश्ते रहे हैं।
एनएसए की बैठक में रखे जाएंगे सबूत

पाकिस्तान के अड़ियल रवैए की वजह से दोनों के बीच प्रस्तावित एनएसए लेवल की बैठक खटाई में पड़ती नजर आ रही है। हालांकि, अगर यह बैठक हुई तो इसमें भारत इन ताजा सबूतों को पाकिस्तान के सामने रखेगा। दाऊद एक इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित हो चुका है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा है।

सुषमा ने कहा- अजीज हुर्रियत से मिले, कश्मीर पर बोले तो बात नहीं होगी

नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान के बीच 23-24 अगस्त को होने वाली बातचीत से पहले शनिवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- अगर पाकिस्तान आतंकवाद पर बात करना चाहे तभी उनका स्वागत है। अगर पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज हुर्रियत के नेताओं से मिले और आतंकवाद के इतर कश्मीर जैसे मुद्दों पर बोले तो बात नहीं होगी।
सुषमा ने कहा, ‘शिमला समझौते की स्पिरिट को समझना होगा। वार्ता होगी तो केवल दो देशों के बीच। कोई भी तीसरी पार्टी (हुर्रियत) बीच में नहीं आएगी। शिमला समझौते की भावना को बनाए रखते हुए हुर्रियत या किसी और से बात मत कीजिए। अगर आप आना चाहते हैं तो किसी तीसरे को पक्षकार मत बनाइए। आतंकवाद के दायरे से बाहर इस बातचीत को मत ले जाइए। चूंकि, ये टॉक ऑन टेरर है, इसलिए हम इसे चालू रखना चाहते हैं। अगर आप आतंकवाद पर बात करना चाहते हैं, तभी आपका स्वागत है।’
इससे पहले क्या हुआ?
- इससे पहले, पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज ने पीएम नवाज शरीफ इस्लामाबाद में मुलाकात की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजीज ने कहा, ‘'भारत ने बातचीत रद्द नहीं की है। इसलिए मैं दिल्ली जाऊंगा। भारत ने उफा में हुए एग्रीमेंट को गलत समझा। कश्मीर ही सबसे बड़ा मुद्दा है। मैं अपने साथ 3 डोजियर यानी सबूतों के दस्तावेज लेकर जाऊंगा। ये तीनों डोजियर पाकिस्तान में रॉ की भूमिका पर रहेंगे। अगर मैं ये डोजियर में दिल्ली में अजीत डोभाल को नहीं सौंप पाया तो अगले महीने अमेरिका में उनसे मुलाकात पर उन्हें दूंगा। वहां भी ऐसा नहीं हो पाया तो यूनाइटेड नेशंस के चीफ को सौंप दूंगा।'’ पाकिस्तान का आरोप है कि उसके मुल्क के अंदर अशांति फैलाने में भारत की खुफिया एजेंसी रॉ का हाथ है।
- उधर, दिल्ली में हमारे एनएसए अजीत डोभाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि अजीज ने जहां दिल्ली आने से पहले पाकिस्तान की स्ट्रैटजी पर शरीफ से बात की, वहीं डोभाल ने शुक्रवार से अब तक हुए डेवलपमेंट्स पर मोदी से चर्चा की। इस बीच, दिल्ली एयरपोर्ट पर कश्मीरी अलगाववादी शब्बीर शाह को हिरासत में ले लिया गया।
दिल्ली आया अलगाववादी एयरपोर्ट पर लिया गया हिरासत में
शनिवार को दिल्ली पहुंचे कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को हिरासत में ले लिया गया है। वह पाकिस्तानी एनएसए से मिलने के लिए दिल्ली आया था। गृह मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि दिल्ली आने वाले किसी भी कश्मीरी अलगाववादी नेता को एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया जाएगा। खुफिया एजेंसियां इन नेताओं को सेफहाउस भी ले जाने की तैयारी कर रही है।
आज क्या हो सकता है?
* दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।
* पाकिस्तान का फाइनल स्टैंड देखने के बाद भारत एनएसए लेवल की मीटिंग कैंसल कर सकता है। पिछले साल भी अगलाववादियों से पाकिस्तान की बातचीत के कारण भारत ने फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की बातचीत कैंसल कर दी थी। शुक्रवार शाम पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय भारत की वॉर्निंग को दरकिनार कर चुका है। पाकिस्तान का कहना है कि इन हालात में बातचीत का कोई महत्व नहीं है। शनिवार को विदेश मंत्रालय बयान जारी कर सकता है।
आगे क्या-क्या हो सकता है?

* अजीज दिल्ली आ सकते हैं और हुर्रियत से मिलने की जिद कर सकते हैं। दिल्ली में भारत अगर हुर्रियत नेताओं को अरेस्ट करता है तो अजीज अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं।
* अजीज बातचीत को कैंसल करते हैं तो भारत इसका विरोध दर्ज करा सकता है। लेकिन ऐसा होने पर अजीज प्रोपेगैंडा का फायदा उठा सकते हैं।
* बातचीत के दौरान अजीज कश्मीर का मुद्दा भी उठा सकते हैं। डोभाल कश्मीर पर बातचीत करने से इनकार करेंगे और फिर अजीज आगे किसी मुद्दे पर बातचीत नहीं करना चाहेंगे और मीटिंग से उठ सकते हैं।
क्या है मामला?
भारत के एनएसए अजीत डोभाल और पाकिस्तानी एनएसए सरताज अजीज के बीच 23-24 अगस्त को दिल्ली में बातचीत होनी है। पाकिस्तानी हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने मंगलवार रात कश्मीरी अलगाववादियों को न्योता भेजकर 23 अगस्त को दावत पर बुलाया है। यानी पाकिस्तान उसी दिन कश्मीरी अलगाववादियों से मिलना चाहता है, जिस दिन डोभाल की अजीज के साथ मीटिंग होगी।
अजीत डोभाल पर ही आरोप लगाएगा PAK, बनाया डोजियर
आतंकवाद को लेकर होने वाली बातचीत में पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाने की तैयारी में है। यही नहीं, एनएसए अजीत डोभाल के खिलाफ भी पाकिस्तान डोजियर बना रहा है। अगर बातचीत होती है तो भारत के आरोपों को खारिज करने के लिए पाकिस्तान के एनएसए इसी तैयारी के साथ आ सकते हैं।
मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट देगा भारत
एनएसए की बातचीत में भारत पाकिस्तान को मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट सौंपेगा। इस लिस्ट में मुंबई धमाके के गुनाहगार दाऊद इब्राहिम का नाम पहले नंबर पर है। मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद का नाम दूसरे नंबर है। 
क्यों टारगेट पर हैं डोभाल?
दोनों देशों में बढ़ी खींचतान के बावजूद भारत की तरह पाकिस्तान बातचीत कैंसल करने को लेकर नहीं सोच रहा है। इस्लामाबाद के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान का फोकस एक ही बात पर है, डोभाल की बातों का काउंटर करना। डोभाल के पिछले बयानों को अजीज 'एंटी-पाकिस्तान' के तौर पर पेश करने की योजना रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान पर रणनीति को लेकर पूर्व में डोभाल कई बार खुलेआम बात कर चुके हैं। डोभाल के बयानों की पाकिस्तानी मीडिया में खूब चर्चा भी होती रही।

क्या है अजीत डोभाल का पुराना बयान?
* नेपोलियन कहता था-मरना एक बार है। चाहे तलवार से मरो या एटम बम से। एटमी युद्ध हुआ भी तो हम इतने बच जाएंगे कि दुनिया में पहचान बना लें। लेकिन पाकिस्तान एक देश के रूप में खत्म ही हो जाएगा।
* आप (पाकिस्तान) हम पर सौ पत्थर फेंकोगे तो शायद 90 पत्थरों से हम खुद को बचा लें। लेकिन 10 फिर भी हमें लगेंगे। आप इसी का फायदा उठा रहे हैं। हमें आक्रामक होना होगा। उन्हें साफ कर देना चाहिए कि आप एक और 26/11 करोगे तो बलूचिस्तान खो दोगे। (यह भी पढ़ेंः पाक टि्वटर यूजर्स ने डोभाल को बताया शैतान, ट्रेंड में आया #MeetingWithaDevil)
EXPERT VIEW : पाकिस्तान को अपने प्राइम एजेंडे से कश्मीर के बाहर होने का डर
विदेश मामलों के एक्सपर्ट डॉ. रहीस सिंह ने कहा- भारत की कूटनीतिक चाल में पाकिस्तान बुरी तरह फंस गया है। पहले उफा में कश्मीर के बिना बात को राजी हुआ। फिर सीजफायर तोड़े जाने और आतंकी हमले के बावजूद भारत ने बातचीत कैंसल नहीं की। आखिरकार, पाकिस्तान ने आखिरी कार्ड के रूप में हुर्रियत दांव चला। लेकिन अपने ही दांव में वो उलझ गया। अब अगर बातचीत टूटती है तो सारा दोष पाकिस्तान पर जाएगा। और बिना हुर्रियत की शर्त पर चर्चा करता है तो उसे आतंकवाद पर बात करनी होगी। यानी कश्मीर पाकिस्तान के प्राइम एजेंडे से बाहर। पाकिस्तान किसी सूरत में नहीं चाहेगा कि बातचीत का फोकस आतंकवाद हो, क्योंकि आतंकवाद पर बात करने का मतलब होगा खुद का चेहरा बेनकाब करना। आतंकी नावेद के कबूलनामे समेत भारत ने डोजियर के रूप में लंबा चिट्ठा इकट्ठा कर रखा है। इसलिए पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और कट्टरपंथी जमातें चाहती हैं कि किसी भी तरह बैठक रद्द हो जाए।