बगदाद। इस्लामिक स्टेट (आईएस) इराक
के सिंजर में यजीदी समुदाय की महिलाओं और बच्चियों को किडनैप कर उनके साथ
जानवरों जैसा व्यवहार कर रहा है। आईएस के आतंकी 12 साल से भी कम उम्र की
बच्चियों और उनकी मांओं को गुलाम बनाते हैं। उनके बाल पकड़कर घसीटते हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट 'टॉर्चर, सेक्शुअल स्लेवरी इन इस्लामिक
स्टेट कैप्टिविटी इन इराक' में कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। इस रिपोर्ट में आतंकियों के चंगुल से भागकर कर आई लड़कियों ने अपना दर्द बयां किया है।
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खुले बाजार में लगाई जाती है बोली
रिपोर्ट के मुताबिक, बीते पांच महीने में इस्लामिक स्टेट ने हजारों
महिलाओं और किशोरियों का अपहरण किया है। इन्हें खुले बाजार में सेक्स स्लेव
के तौर पर बेचा भी जा रहा है। इनकी बोली 25 डॉलर यानी 1600 रुपए से शुरू
होती है। इतना ही नहीं, 12 साल से कम उम्र की लड़कियों और उनकी मांओं के बाल
घसीट कर जानवरों की तरह ट्रकों में डाला जाता है। फिर सॉर्टिंग ऑफिस में
जाकर उन्हें उनकी उम्र, शिक्षा और शादीशुदा होने के आधार पर बांटा जाता है।
महिलाओं की ऊंचे दामों पर बोली लगाई जाती है। इसमें आईएस के कमांडर या
बहादुर लड़ाके को जिहाद के के लिए उसकी सेवाओं के बदले में इनाम भी दिया
जाता है। खरीदने के बाद महिला पर उसका पूरा अधिकार होता है। महिला
मार-पिटाई, यौन प्रताड़णा और रेप की शिकार होती है या लड़ाके के दोस्तों के
बीच साझा की जाती है। रिपोर्ट में कहा गया कि यह क्रूरता का कोई नया उदाहण
नहीं हैं। यह शरिया कानून की क्रूर व्याख्या है।
धर्म परिवर्तन कर रहे हैं पश्चिमी देशों के लड़ाके
रिपोर्ट में बताया गया है कि पश्चिमी देशों के इस्लाम अपनाने वाले
जिहादी भी इस घृणित काम को अंजाम दे रहे हैं। पूर्व यजीदी सांसद अमेना सईद
ने बताया कि हमने एक लड़की को छुड़वाया था। उसका ऑस्ट्रेलियाई मूल के दो
भाइयों ने बंदी बनाकर रेप किया था। अमेना ने बताया कि वे लोग इस्लामी मूल
के नहीं थे। वे गोरी चमड़ी और सुनहरे बालों वाले ऑस्ट्रेलियाई थे, जिन्होंने
इस्लाम अपनाया था। चंगुल से छूटकर आई कई महिलाओं ने अपने साथ गैंगरेप होने
की बात कही है।
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