नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर और झारखंड विधानसभा चुनावों के नतीजे आने जारी हैं। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी,
जबकि झारखंड में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इन राज्यों में
सत्ता पर कौन काबिज होगा, इस सवाल का जवाब तो भविष्य के गर्भ में छिपा है,
लेकिन चुनाव के नतीजों में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
1. जम्मू-कश्मीर में बीजेपी का प्रदर्शन
मुस्लिम बहुल आबादी वाले राज्य में बीजेपी अब दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कहना गलत नहीं होगा कि उसे अपनी अल्पसंख्यक विरोधी पार्टी की छवि बदलने में इन नतीजों से काफी मदद मिलेगी। बीजेपी अगर सरकार न भी बना पाए तो भी घाटी के इतिहास में उसका पहली बार विपक्ष में आना तय माना जा रहा है।
मुस्लिम बहुल आबादी वाले राज्य में बीजेपी अब दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कहना गलत नहीं होगा कि उसे अपनी अल्पसंख्यक विरोधी पार्टी की छवि बदलने में इन नतीजों से काफी मदद मिलेगी। बीजेपी अगर सरकार न भी बना पाए तो भी घाटी के इतिहास में उसका पहली बार विपक्ष में आना तय माना जा रहा है।
2. सीएम उमर अब्दुल्ला का हारना
जम्मू-कश्मीर के वर्तमान सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला दो जगहों बीरवाह और सोनावार से मैदान में उतरे थे। अब्दुल्ला दोनों ही सीटों से चुनाव हार गए। उन्हें पीडीपी प्रत्याशी अशरफ मीर ने शिकस्त दी। सत्ता पर काबिज अब्दुल्ला का अपनी सीट हार जाना बेहद अप्रत्याशित रहा। हालांकि, अब्दुल्ला ने ट्वीट करके अशरफ को एमएलए बनने की बधाई दी।
जम्मू-कश्मीर के वर्तमान सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला दो जगहों बीरवाह और सोनावार से मैदान में उतरे थे। अब्दुल्ला दोनों ही सीटों से चुनाव हार गए। उन्हें पीडीपी प्रत्याशी अशरफ मीर ने शिकस्त दी। सत्ता पर काबिज अब्दुल्ला का अपनी सीट हार जाना बेहद अप्रत्याशित रहा। हालांकि, अब्दुल्ला ने ट्वीट करके अशरफ को एमएलए बनने की बधाई दी।
3 मधु कोड़ा की हार
निर्दलीय विधायक रहते हुए कभी झारखंड के सीएम बने और अब जय भारत समानता पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरे मधु कोड़ा मझगांव सीट से चुनाव हार गए। उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा के निरल पूर्ति ने करीब 11 हजार वोटों से हराया। खास बात यह है कि आदिवासी नेता मधु कोड़ा का अपने क्षेत्र में काफी प्रभाव माना जाता है। हालांकि, कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा जगन्नाथपुर सीट से जीत गईं।
निर्दलीय विधायक रहते हुए कभी झारखंड के सीएम बने और अब जय भारत समानता पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरे मधु कोड़ा मझगांव सीट से चुनाव हार गए। उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा के निरल पूर्ति ने करीब 11 हजार वोटों से हराया। खास बात यह है कि आदिवासी नेता मधु कोड़ा का अपने क्षेत्र में काफी प्रभाव माना जाता है। हालांकि, कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा जगन्नाथपुर सीट से जीत गईं।
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