नंबर 50 पर इसलिए क्योंकि: वीडियो
के सोशल मीडिया पर वाइरल होने के बाद हरियाणा सरकार द्वारा दोनों बहनों को
सम्मानित करने की घोषणा की, लेकिन बाद में पता चला कि दोनों बहनें
जानबूझकर करके वीडियो बनवाती हैं तो बाद में मामले में नया मोड़ आ गया।
फैक्ट फाइल:
• 31 नवंबर को बीसीए फाइनल ईयर की छात्राएं आरती और पूजा कॉलेज से
गांव थानाखुर्द लौट रही थीं। तब हरियाणा रोडवेज की बस में लड़कों ने मोबाइल नंबर लिखकर चिट फेंकना शुरू कर दिया।
• कुछ देर तक तो ध्यान नहीं दिया। विरोध करने पर तीनों लड़कों ने हाथापाई शुरू कर दी। पूरी बस में सिर्फ एक गर्भवती महिला लड़कियों की तरफ से बोली।
• लड़कों ने उससे भी बदतमीजी की। तब दोनों बहनें उनसे भिड़ गई। हाथ-पैरों से तो मारा ही, बेल्ट से भी पीटा। बाकी यात्री तमाशा देखते रहे। एक महिला यात्री ने मोबाइल कैमरे से इसे शूट किया।
• वीडियो वॉट्सऐप और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मामला रविवार को सामने आया। तब आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। सरकार ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया।
• छेड़छाड़ करने के आरोपी तीनों युवकों- कुलदीप, मोहित और दीपक ने सेना में भर्ती होने के लिए अर्जी दी हुई है। लेकिन सेना ने कार्रवाई करते हुए कहा कि अब उनके लिए कोई जगह नहीं है।
• इस बीच, हरियाणा सरकार ने 26 जनवरी को दिए जाने वाले वीरता पुरस्कार के लिए दोनों बहनों के नाम की सिफारिश करने का एलान किया है, लेकिन बाद में जांच होने तक स्थगित कर दिया।
• दोनों बहनों का कहना है कि जींस पहनी थी इसलिए मनचलों को पीट पाए। इन लड़कों को सबक सिखाना बहुत जरूरी था।
• आरोपी लड़कों ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा, कि हमने ऐसा कुछ नहीं किया और ये सब इन दोनों लड़कियों का किया धरा है। हम तो मदद करना चाहते थे, लेकिन लड़कियों ने जबरन झगड़ा किया।
• आरती और पूजा के पिता राजेश बिजली निगम में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि यदि मेरी बेटियों की तरह समाज की हर लड़की डटकर मुकाबला करे तो कोई ऐसी वारदात नहीं कर सकेगा।
• घटना के दो दिन बाद बहनों का एक और वीडियो सामने आया जिसमें इन्हें एक और लड़के को पीटते हुए फिल्माया गया था। इसके बाद इनल लड़कियों के चरित्र पर सवाल उठने लगे।
• दिलचस्प बात यह है कि आरती और पूजा ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उनके साथ दो हजार बार छेड़छाड़ हो चुकी है और वे अब जवाब देना सीख चुकी हैं।
बकौल पूजा एवं आरती, बस में जो हुआ उस घटना की स्क्रिप्टः
बस रोहतक से थाना खुर्द के लिए चली। रोहतक बस स्टैंड से फब्तियों की शुरुआत हुई। अंदर उन्होंने जहां लड़कियां बैठीं थीं, उनसे सीट से उठने को कहा।
लड़केः ऐ छोरियों, सीट छोड़ो
जवाब: तुम्हारे पास कोई सीट नंबर तो है नहीं, कहीं और बैठ जाओ
लड़के बोलेः ‘थ्यारी औकात बस कै स्टैपनी पै बैठन को तै है नीं, तों सीट पर बैठी सै, खुद को पीएम समझै है..(बीच में अपशब्द कहे)
जवाब: ‘हम तै खुद नै पीएम नहीं समझती। तू अपने आप नै कै पीएम समझै है। हम सीट से नहीं उठेंगी।’
इसके बाद लड़कों ने गालियां देना शुरू कर दिया।
इस पर पीछे बैठीं गर्भवती महिला ने उन्हें टोका, ‘छोरों, थारा इन
लड़कियों ने क्या बिगाड़ा है। थारे घर में मां-बैन नहीं सै। इनतै परेशान न
करयो।’
महिला की बात सुनकर लड़के और बिगड़ गए। उन्होंने महिला से बदतमीजी करना
शुरू कर दिया। इस पर लड़कियों से रहा नहीं गया और उन्होंने उनसे मारपीट शुरू
कर दी।
बोली; ‘ छोरी बेशक सै, पर थारे ते डरै नहीं।’
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