श्रीनगर. श्रीनगर की अमीराकदाल सीट से बीजेपी की उम्मीदवार हिना शफी
बट हार गई हैं। उन्हें पीडीपी कैंडिडेट ने अल्ताफ बुखारी ने शिकस्त दी है।
बट की यहां जमानत जब्त हो गई। बता दें कि बीजेपी को हिना से बहुत उम्मीदें
थीं। हिना विवादों में रही हैं। 14 दिसंबर को श्रीनगर में वोटिंग के दौरान
आरोप लगा था कि हिना ने पोलिंग बूथ में घुसकर पीठासीन अधिकारी को थप्पड़
जड़ दिया था।
क्यों हारी हिना
जम्मू-कश्मीर मामलों के जानकार और दैनिकभास्कर.कॉम के एक्सपर्ट पीयूष पंत के मुताबिक,
"राज्य में विनिंग कैंडिडेट और बीजेपी के चेहरा के रूप में देखी गईं हिना बट की हार की बड़ी वजह पार्टी का हिंदूत्वादी एजेंडा और धारा 370 का मुद्दा रहा। जनता ने इन दोनों मुद्दों को ध्यान में रखते हुए माना कि भाजपा को जिताना उसके लिए आत्मघाती कदम हो सकता है। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी साफ कहा था कि राज्य में धारा 370 को हटाएंगे, लेकिन पार्टी को इससे पीछे हटना पड़ा, क्योंकि उसे पता था कि उसे घाटी में चुनावों में इस बात पर जनता का आक्रोश झेलना पड़ेगा। यही वजह थी कि जम्मू रैली में भी मोदी ने कहा था कि धारा 370 को हटाएंगे, लिहाजा, घाटी के लोगों ने इसे मद्देनजर रखा। धारा 370 ने एक निर्णायक भूमिका खेली है जम्मू-कश्मीर के चुनावों में।"
"राज्य में विनिंग कैंडिडेट और बीजेपी के चेहरा के रूप में देखी गईं हिना बट की हार की बड़ी वजह पार्टी का हिंदूत्वादी एजेंडा और धारा 370 का मुद्दा रहा। जनता ने इन दोनों मुद्दों को ध्यान में रखते हुए माना कि भाजपा को जिताना उसके लिए आत्मघाती कदम हो सकता है। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी साफ कहा था कि राज्य में धारा 370 को हटाएंगे, लेकिन पार्टी को इससे पीछे हटना पड़ा, क्योंकि उसे पता था कि उसे घाटी में चुनावों में इस बात पर जनता का आक्रोश झेलना पड़ेगा। यही वजह थी कि जम्मू रैली में भी मोदी ने कहा था कि धारा 370 को हटाएंगे, लिहाजा, घाटी के लोगों ने इसे मद्देनजर रखा। धारा 370 ने एक निर्णायक भूमिका खेली है जम्मू-कश्मीर के चुनावों में।"
बीजेपी ने कश्मीरी पंडितों की कश्मीर वापसी की बात तो की, लेकिन उन कश्मीरी पंडितों की नहीं सोची, जो यहां बसे हुए हैं। उनकी सुध नहीं ली गई। स्थानीय कश्मीरी पंडित आज भी बहुत बुरे हालात में जी रहे हैं। कश्मीरियत को बचाए रखने वाले स्थानीय कश्मीरी पंडित इस बात से भी बेहद आहत थे।
अमित शाह ने किया था प्रचार
हिना को लेकर बीजेपी को कितनी उम्मीदें थीं, इस बात का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने खुद उनके लिए प्रचार किया था। वहीं, मोदी ने भी श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में रैली की थी।
हिना को लेकर बीजेपी को कितनी उम्मीदें थीं, इस बात का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने खुद उनके लिए प्रचार किया था। वहीं, मोदी ने भी श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में रैली की थी।
...तो उठा लूंगी एके-47
चुनाव प्रचार के दौरान हिना बट ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की कोशिश हुई तो वे खुद एके-47 उठा लेंगी।
चुनाव प्रचार के दौरान हिना बट ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की कोशिश हुई तो वे खुद एके-47 उठा लेंगी।
पेशे से डॉक्टर हिना नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व नेता और वकील मोहम्मद शफी बट की बेटी हैं। मोहम्मद शफी बट नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुख अब्दुल्ला के खास दोस्त भी हैं। जम्मू-कश्मीर की पार्टियों के बारे में हिना कहती हैं कि सभी ने 1947 से ही कश्मीरियों का शोषण किया है। कश्मीरियों के हक के लिए लड़ने की बात पर वे कहती हैं कि वह कश्मीर की बेटी हैं और उन्हें अल्लाह पर पूरा भरोसा है।
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