Saturday, 22 August 2015

सुषमा ने कहा- अजीज हुर्रियत से मिले, कश्मीर पर बोले तो बात नहीं होगी

नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान के बीच 23-24 अगस्त को होने वाली बातचीत से पहले शनिवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- अगर पाकिस्तान आतंकवाद पर बात करना चाहे तभी उनका स्वागत है। अगर पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज हुर्रियत के नेताओं से मिले और आतंकवाद के इतर कश्मीर जैसे मुद्दों पर बोले तो बात नहीं होगी।
सुषमा ने कहा, ‘शिमला समझौते की स्पिरिट को समझना होगा। वार्ता होगी तो केवल दो देशों के बीच। कोई भी तीसरी पार्टी (हुर्रियत) बीच में नहीं आएगी। शिमला समझौते की भावना को बनाए रखते हुए हुर्रियत या किसी और से बात मत कीजिए। अगर आप आना चाहते हैं तो किसी तीसरे को पक्षकार मत बनाइए। आतंकवाद के दायरे से बाहर इस बातचीत को मत ले जाइए। चूंकि, ये टॉक ऑन टेरर है, इसलिए हम इसे चालू रखना चाहते हैं। अगर आप आतंकवाद पर बात करना चाहते हैं, तभी आपका स्वागत है।’
इससे पहले क्या हुआ?
- इससे पहले, पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज ने पीएम नवाज शरीफ इस्लामाबाद में मुलाकात की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजीज ने कहा, ‘'भारत ने बातचीत रद्द नहीं की है। इसलिए मैं दिल्ली जाऊंगा। भारत ने उफा में हुए एग्रीमेंट को गलत समझा। कश्मीर ही सबसे बड़ा मुद्दा है। मैं अपने साथ 3 डोजियर यानी सबूतों के दस्तावेज लेकर जाऊंगा। ये तीनों डोजियर पाकिस्तान में रॉ की भूमिका पर रहेंगे। अगर मैं ये डोजियर में दिल्ली में अजीत डोभाल को नहीं सौंप पाया तो अगले महीने अमेरिका में उनसे मुलाकात पर उन्हें दूंगा। वहां भी ऐसा नहीं हो पाया तो यूनाइटेड नेशंस के चीफ को सौंप दूंगा।'’ पाकिस्तान का आरोप है कि उसके मुल्क के अंदर अशांति फैलाने में भारत की खुफिया एजेंसी रॉ का हाथ है।
- उधर, दिल्ली में हमारे एनएसए अजीत डोभाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि अजीज ने जहां दिल्ली आने से पहले पाकिस्तान की स्ट्रैटजी पर शरीफ से बात की, वहीं डोभाल ने शुक्रवार से अब तक हुए डेवलपमेंट्स पर मोदी से चर्चा की। इस बीच, दिल्ली एयरपोर्ट पर कश्मीरी अलगाववादी शब्बीर शाह को हिरासत में ले लिया गया।
दिल्ली आया अलगाववादी एयरपोर्ट पर लिया गया हिरासत में
शनिवार को दिल्ली पहुंचे कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को हिरासत में ले लिया गया है। वह पाकिस्तानी एनएसए से मिलने के लिए दिल्ली आया था। गृह मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि दिल्ली आने वाले किसी भी कश्मीरी अलगाववादी नेता को एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया जाएगा। खुफिया एजेंसियां इन नेताओं को सेफहाउस भी ले जाने की तैयारी कर रही है।
आज क्या हो सकता है?
* दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।
* पाकिस्तान का फाइनल स्टैंड देखने के बाद भारत एनएसए लेवल की मीटिंग कैंसल कर सकता है। पिछले साल भी अगलाववादियों से पाकिस्तान की बातचीत के कारण भारत ने फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की बातचीत कैंसल कर दी थी। शुक्रवार शाम पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय भारत की वॉर्निंग को दरकिनार कर चुका है। पाकिस्तान का कहना है कि इन हालात में बातचीत का कोई महत्व नहीं है। शनिवार को विदेश मंत्रालय बयान जारी कर सकता है।
आगे क्या-क्या हो सकता है?

* अजीज दिल्ली आ सकते हैं और हुर्रियत से मिलने की जिद कर सकते हैं। दिल्ली में भारत अगर हुर्रियत नेताओं को अरेस्ट करता है तो अजीज अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं।
* अजीज बातचीत को कैंसल करते हैं तो भारत इसका विरोध दर्ज करा सकता है। लेकिन ऐसा होने पर अजीज प्रोपेगैंडा का फायदा उठा सकते हैं।
* बातचीत के दौरान अजीज कश्मीर का मुद्दा भी उठा सकते हैं। डोभाल कश्मीर पर बातचीत करने से इनकार करेंगे और फिर अजीज आगे किसी मुद्दे पर बातचीत नहीं करना चाहेंगे और मीटिंग से उठ सकते हैं।
क्या है मामला?
भारत के एनएसए अजीत डोभाल और पाकिस्तानी एनएसए सरताज अजीज के बीच 23-24 अगस्त को दिल्ली में बातचीत होनी है। पाकिस्तानी हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने मंगलवार रात कश्मीरी अलगाववादियों को न्योता भेजकर 23 अगस्त को दावत पर बुलाया है। यानी पाकिस्तान उसी दिन कश्मीरी अलगाववादियों से मिलना चाहता है, जिस दिन डोभाल की अजीज के साथ मीटिंग होगी।
अजीत डोभाल पर ही आरोप लगाएगा PAK, बनाया डोजियर
आतंकवाद को लेकर होने वाली बातचीत में पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाने की तैयारी में है। यही नहीं, एनएसए अजीत डोभाल के खिलाफ भी पाकिस्तान डोजियर बना रहा है। अगर बातचीत होती है तो भारत के आरोपों को खारिज करने के लिए पाकिस्तान के एनएसए इसी तैयारी के साथ आ सकते हैं।
मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट देगा भारत
एनएसए की बातचीत में भारत पाकिस्तान को मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट सौंपेगा। इस लिस्ट में मुंबई धमाके के गुनाहगार दाऊद इब्राहिम का नाम पहले नंबर पर है। मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद का नाम दूसरे नंबर है। 
क्यों टारगेट पर हैं डोभाल?
दोनों देशों में बढ़ी खींचतान के बावजूद भारत की तरह पाकिस्तान बातचीत कैंसल करने को लेकर नहीं सोच रहा है। इस्लामाबाद के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान का फोकस एक ही बात पर है, डोभाल की बातों का काउंटर करना। डोभाल के पिछले बयानों को अजीज 'एंटी-पाकिस्तान' के तौर पर पेश करने की योजना रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान पर रणनीति को लेकर पूर्व में डोभाल कई बार खुलेआम बात कर चुके हैं। डोभाल के बयानों की पाकिस्तानी मीडिया में खूब चर्चा भी होती रही।

क्या है अजीत डोभाल का पुराना बयान?
* नेपोलियन कहता था-मरना एक बार है। चाहे तलवार से मरो या एटम बम से। एटमी युद्ध हुआ भी तो हम इतने बच जाएंगे कि दुनिया में पहचान बना लें। लेकिन पाकिस्तान एक देश के रूप में खत्म ही हो जाएगा।
* आप (पाकिस्तान) हम पर सौ पत्थर फेंकोगे तो शायद 90 पत्थरों से हम खुद को बचा लें। लेकिन 10 फिर भी हमें लगेंगे। आप इसी का फायदा उठा रहे हैं। हमें आक्रामक होना होगा। उन्हें साफ कर देना चाहिए कि आप एक और 26/11 करोगे तो बलूचिस्तान खो दोगे। (यह भी पढ़ेंः पाक टि्वटर यूजर्स ने डोभाल को बताया शैतान, ट्रेंड में आया #MeetingWithaDevil)
EXPERT VIEW : पाकिस्तान को अपने प्राइम एजेंडे से कश्मीर के बाहर होने का डर
विदेश मामलों के एक्सपर्ट डॉ. रहीस सिंह ने कहा- भारत की कूटनीतिक चाल में पाकिस्तान बुरी तरह फंस गया है। पहले उफा में कश्मीर के बिना बात को राजी हुआ। फिर सीजफायर तोड़े जाने और आतंकी हमले के बावजूद भारत ने बातचीत कैंसल नहीं की। आखिरकार, पाकिस्तान ने आखिरी कार्ड के रूप में हुर्रियत दांव चला। लेकिन अपने ही दांव में वो उलझ गया। अब अगर बातचीत टूटती है तो सारा दोष पाकिस्तान पर जाएगा। और बिना हुर्रियत की शर्त पर चर्चा करता है तो उसे आतंकवाद पर बात करनी होगी। यानी कश्मीर पाकिस्तान के प्राइम एजेंडे से बाहर। पाकिस्तान किसी सूरत में नहीं चाहेगा कि बातचीत का फोकस आतंकवाद हो, क्योंकि आतंकवाद पर बात करने का मतलब होगा खुद का चेहरा बेनकाब करना। आतंकी नावेद के कबूलनामे समेत भारत ने डोजियर के रूप में लंबा चिट्ठा इकट्ठा कर रखा है। इसलिए पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और कट्टरपंथी जमातें चाहती हैं कि किसी भी तरह बैठक रद्द हो जाए।

Thursday, 20 August 2015

अब गूगल से आगे निकला Facebook

न्यूयार्क: अमेरिका में गूगल से आगे फेसबुक निकल गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार लोग इंटरनेट पर खबरों के लिए अब गूगल की बजाय फेसबुक का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा है। एनालिटिक कंपनी 'पार्स डॉट एल वाई' के ताजा विश्लेषण में फेसबुक और ट्विटर पर खबरों के लिंक खबरों के प्रसारित होने का मुख्य स्रोत बन चुके हैं और कुछ समय से नए पाठकों के लिए खबरें खोजने का नया माध्यम बनकर उभरे हैं।

बताया जा रहा है कि फार्च्यून पत्रिका ने 'पार्स डॉट एल वाई' के मुख्य तकनीकी अधिकारी एंड्र मोंटालेंटी ने कहा कि कंपनी के मुताबिक, पार्स डॉट एल वाई के नेटवर्क वाली मीडिया साइट्स पर आने वाले ट्रैफिक का 43 फीसदी सोशल मीडिया के जरिए आता है, जबकि गूगल के जरिए सिर्फ 38 फीसदी ट्रैफिक ही रहा। वहीं इस साल फेसबुक पर आने वाले लोगों की संख्या गूगल से ज्यादा रही और इस तरह से फेसबुक ने गूगल को पछाड़ दिया है।

मोंटालेंटी ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि फेसबुक ट्रैफिक जुटाने के मामले में गूगल से आगे निकल गया हो। उन्होंने कहा कि मीडिया कंपनियां ट्विटर जैसे विशेष सोशल चैनलों पर आने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन हमारा डाटा बताता है कि ट्विटर के बजाय फेसबुक कहीं बेहतर स्रोत है।

प्रशंसकों के लिए अनुष्का ने गाया एडीले का ‘रोलिंग इन द डीप’ गाना

मुंबई: अदाकारा अनुष्का शर्मा ने अपने प्रशंसकों के लिए ऑस्कर विजेता गायिका एडीले के मशहूर गीत ‘रोलिंग इन द डीप’ को अपने अंदाज में पेश किया । ‘बॉम्बे वेलवेट’ की अदाकारा ने ट्विटर पर 30 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया है। इसमें वह एक कुर्सी पर बैठकर गाना गुनगुना रही हैं और उनके फोन पर गाना बज रहा है।

उन्होंने क्लिप को नाम दिया है, ‘‘मजा आ गया..खराब गाने के बाद भी कोई डर नहीं कि कोई ताकझांक कर रहा है।’’ अदाकारा ने थॉमस एडिसन के प्रसिद्ध कथन को भी उद्धृत किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि लोगों को यह एहसास ही नहीं होता कि जब उन्होंने प्रयास करना छोड़ा उस वक्त वह सफलता के कितने करीब थे। इसी के साथ अनुष्का ने कहा कि वह गाना नहीं छोड़ेंगी।

उन्होंने लिखा है, ‘‘हां यही वजह है कि मैं गाना नहीं छोड़ने वाली हूं। यह एक संकेत है। इसके लिए मिस्टर एडिसन और बल्ब को शुक्रिया।’’

J&K विधानसभा अध्यक्ष को न्योते पर पाकिस्तान ने रद्द की कॉमनवेल्थ पार्ल्यामेंट्री कॉन्फ्रेंस

पाकिस्तान ने अपने यहां होने वाली कॉमनवेल्थ पार्ल्यामेंट्री कॉन्फ्रेंस को रद्द कर दिया है। पाकिस्तान ने ऐसा इस कॉन्फ्रेंस में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर कवींद्र गुप्ता को नहीं बुलाए जाने के मामले पर किया है। इस्लामाबाद में होने वाली कॉमनवेल्थ पार्ल्यामेंट्री मीटिंग में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को नहीं बुलाया गया था। इस मामले पर दोनों देशों के बीच खासा तनाव चल रहा था।


इस्लामाबाद में आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों के विधानसभा अध्यक्षों और संसद के स्पीकरों को शामिल होना था। नैशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने पत्रकारों से कहा, 'हमने राष्ट्रमंडल के लंदन सचिवालय को स्पष्ट बता दिया है कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और अब पाकिस्तान में राष्ट्रमंडल सम्मेलन का आयोजन नामुमकिन है।' उन्होंने कहा कि अब न्यू यॉर्क में यह आयोजन होगा।


सादिक ने कहा, 'कश्मीर विवाद को लेकर सीपीए के देशों को एक विस्तृत पत्र लिखा जाएगा और राष्ट्रमंडल के हर फोरम पर कश्मीर मुद्दा उठाया जाएगा।' उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे की किसी भी कीमत पर अनदेखी नहीं की जा सकती और वहां के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। सादिक ने कहा, 'पाकिस्तान में सम्मेलन कराने का फैसला इस आधार पर लिया गया था कि कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया जाएगा।'

भारत ने बैठक का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा था, 'सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि अगर जम्मू कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया जाता तो सीपीयू की बैठक का भारत बहिष्कार करेगा।'
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सम्मेलन में आमंत्रित करने से इनकार कर दिया था। इसके विरोध में भारत ने इस्लामाबाद में 30 सितंबर से 8 अक्टूबर तक होने वाले इस सम्मेलन का बहिष्कार करने का फैसला लिया था। अब पाकिस्तान ने इस कॉन्फ्रेंस को रद्द करने का फैसला कर लिया है।

भारत के उधमपुर और गुरदासपुर में हुए आतंकी हमलों के बाद से ही दोनों देशों के बीच खासा तनाव चल रहा है। तीन दिन बाद ही भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की नई दिल्ली में बैठक होनी है। इस बैठक से पहले भी दोनों देशों के बीच अच्छे-खासे राजनीतिक दांव-पेंच देखने को मिल रहे हैं।

पाकिस्तान ने 23 अगस्त को कश्मीरी अलगाववादियों को एनएसए सरताज अजीज से बात करने का न्योता दे दिया था। इसके बाद खबर आई थी कि भारत सरकार ने हुर्रियत के सबसे वरिष्ठ नेता सैयद अली शाह गिलानी को नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चयोग में सरताज अजीज के साथ बातचीत करने से मना किया था और वह मान भी गए थे। हालांकि, बाद में आवामी ऐक्शन कमिटी के चेयरपर्सन मीरवाइज उमर फारूक ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि वे 23 अगस्त को नई दिल्ली में सरताज अजीज से मिलने जाएंगे।

इस सिलसिले में गुरुवार को भी दिन भर पॉलिटिकल ड्रामा चलता रहा। गुरुवार सुबह हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाइज उमर फारुक, मौलाना मोहम्मद अब्बास अंसारी, मोहम्मद अशरफ सेहराई, शब्बीर अहमद शाह और अयाज अकबर सहित कई अलगाववादी नेताओं की गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी गई थी। पहले से ही नजरबंद हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के हैदरपुरा स्थित घर के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए थे।

इसके साथ ही जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासीन मलिक को मैसुमा स्थित उनके आवास से एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था और कोठीबाग थाने में बंद कर दिया गया था। करीब दो घंटे के बाद अधिकारियों ने यू-टर्न लेते हुए अलगाववादी नेताओं पर लगाई पाबंदियां कोई कारण बताए बिना हटा ली थीं।

एनएसए स्तर की वार्ता : भारत पाक अपने-अपने रुख पर कायम

नई दिल्ली: पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) सरताज अजीज से मुलाकात का आमंत्रण पाने वाले कश्मीर के अलगाववादी नेताओं की अचानक गिरफ्तारी और फिर कुछ देर बाद रिहाई के घटनाक्रम से भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अजीज की वार्ता को लेकर हालांकि कुछ अजीब स्थिति पैदा हुई लेकिन दोनों पक्ष वार्ता को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाने के रुख पर कायम हैं।

पाकिस्तानी उच्चायोग ने कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी और उमर फारूक सहित अन्य अलगाववादी नेताओं को अजीज से मिलने का आमंत्रण दिया है। इससे भारत नाराज है लेकिन पाकिस्तान आमंत्रण को यह कहकर सही ठहरा रहा है कि ऐसी बैठकें होना ‘सामान्य’ है।

पाकिस्तान के विदेश विभाग ने इस्लामाबाद में कहा कि (हुर्रियत नेताओं के साथ) विचार-विमर्श सामान्य मसला है और लंबे समय से ऐसा होता चला आ रहा है।

हुर्रियत नेताओं को अचानक नजरबंद किए जाने से वार्ता के परिदृश्य में नया मोड़ आया और अटकलें लगने लगीं कि पाकिस्तान इस पर क्या प्रतिक्रिया देगा। दो घंटे बाद ही हालांकि नेताओं पर लगाया गया प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लेना पाकिस्तान के लिए संदेश है कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच चर्चा में कोई तीसरा पक्ष नहीं होगा। ये इस बात का भी संकेत है कि अगर अलगाववादी नेताओं को अजीज से मुलाकात करने से रोकने की आवश्यकता पड़ी तो उन्हें फिर हिरासत में लिया जा सकता है।

फिलहाल भारत-पाक एनएसए स्तर की वार्ता निर्धारित कार्यक्रम के तहत होती दिख रही है लेकिन यदि अलगाववादियों को दिल्ली आकर अजीज से मुलाकात से रोका गया तो घटनाक्रम नया मोड़ ले सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि तब गेंद पाकिस्तान के पाले में होगी।

भारतीय पक्ष पाकिस्तान की ओर से अलगाववादियों को दिए गए आमंत्रण को उकसावे का एक और प्रयास मान रहा है। यह कदम भी सीमा पर लगातार संघर्षविराम के उल्लंघन और हाल में गुरदासपुर एवं उधमपुर में हुए दो आतंकी हमलों के बाद उठाया गया है, जिसे कई विश्लेषक भारत के साथ किसी भी वार्ता के पाकिस्तानी सेना के विरोध के रूप में देख रहे हैं। पाकिस्तान में कुछ वर्ग ऐसे हैं जो भारत-पाक वार्ता को बाधित करना चाहते हैं और इसीलिए भारत विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं ताकि भारत एनएसए स्तर की वार्ता रद्द करने को बाध्य हो जाए।

सूत्रों ने कहा कि आमंत्रण को उकसावे की कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए। हम मानते हैं कि आतंकवाद और बातचीत साथ साथ नहीं हो सकते लेकिन हम आतंकवाद पर बात करने के अनिच्छुक भी नहीं हैं।

पिछले साल दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच इस्लामाबाद में होने वाली बैठक से पहले पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा कश्मीर के अलगाववादियों से बातचीत किए जाने के बाद भारत ने विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी थी।


26/11 हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद की याचिका मंजूर, पाकिस्तान में 'फैंटम' पर बैन

पाकिस्तान की एक अदालत ने जमात-उद-दावा प्रमुख और 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता हाफिज सईद की याचिका पर आज बॉलीवुड फिल्म फैंटम के देश में प्रदर्शन पर रोक लगा दी। सईद ने आरोप लगाया था कि 26/11 के हमलों के बाद की परिस्थितियों पर बनी फिल्म में उसके तथा उसके संगठन के खिलाफ कुत्सित दुष्प्रचार है।

लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शाहिद बिलाल हसन ने सईद के वकील और सरकार के विधि अधिकारी की दलीलों को सुनने के बाद पाकिस्तान के सिनेमाघरों में सैफ अली खान अभिनीत इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।

आगामी 28 अगस्त को रिलीज होने जा रही फिल्म पर संक्षिप्त आदेश जारी करने से पहले न्यायाधीश ने कहा था कि भारतीय फिल्में और अन्य फिल्में रिलीज होने के बाद आसानी से बाजार में उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा, अगर सिनेमाघरों में फिल्म पर पाबंदी लगा भी दी जाती है तो इसे सीडी के रूप में बाजार में उपलब्ध होने से रोकने के लिए सरकार क्या कर सकती है।

उच्च न्यायालय में आठ अगस्त को दाखिल याचिका में सईद के वकील ए के डोगर ने आरोप लगाया, फिल्म के ट्रेलर की विषयवस्तु से याचिकाकर्ता और उसके साथियों की जान को सीधा खतरा है।

उन्होंने कहा, जाहिर है कि अनेक भारतीय अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के मुंह से निकले संवाद पाकिस्तान की जनता के दिमाग में जहर घोलेंगे और हाफिज सईद को आतंकवादी चित्रित करेंगे जबकि जमात-उद-दावा को प्रतिबंधित संगठन घोषित नहीं किया गया है। 

सरकार के विधि अधिकारी ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि किसी ने संघीय सरकार से पाकिस्तान में फिल्म के रिलीज के लिए एनओसी नहीं मांगा है, इसलिए यह याचिका बेकार है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, याचिकाकर्ता अनावश्यक रूप से सरकार को लपेटने का प्रयास कर रहा है।

लेखक हुसैन जैदी के उपन्यास मुंबई अवेंजर्स पर आधारित फैंटम 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद की स्थिति पर बनी है और वैश्विक आतंकवाद की बात करती है। पाकिस्तान सेंसर बोर्ड ने अभी तक देश में फिल्म को प्रदर्शन के लिए मंजूरी नहीं दी है।

पहले भी पाकिस्तान के सिनेमाघरों में सैफ अली खान अभिनीत एजेंट विनोद और सलमान खान की एक था टाइगर के प्रदर्शन पर रोक लगाई गयी थी। हालांकि पाकिस्तान में ये फिल्में सीडी और डीवीडी में आसानी से उपलब्ध हैं।

iPhone यूजर्स के लिए भी आया वॉट्सऐप का PC वर्जन, ऐसे करेगा काम



गैजेट डेस्क। आईफोन यूजर्स के लिए आखिरकार अब वॉट्सऐप वेब वर्जन कंपनी ने लॉन्च कर दिया है। एंड्रॉइड यूजर्स के लिए आठ महीने पहले लॉन्च हुआ वॉट्सऐप वेब वर्जन अभी तक आईफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं था। VentureBeat की एक रिपोर्ट के अनुसार ये फीचर अभी तक सभी आईफोन यूजर्स तक नहीं पहुंचा है। इसे सभी यूजर्स तक रोलआउट होने में अभी समय लगेगा। गौरतलब है कि एंड्रॉइड यूजर्स को वॉट्सऐप वेब की सुविधा देने के वक्त कंपनी की तरफ से स्टेटमेंट आया था कि ये सुविधा iOS ऑपरेटिंग सिस्टम की लिमिटेशन के कारण वॉट्सऐप वेब में नहीं आ सकती है।

क्या है नया वर्जन :

वॉट्सऐप का नया वर्जन दरअसल अपने आप में मोबाइल वर्जन का एक्सटेंशन है। इसके लिए आपको कोई सॉफ्टवेयर पीसी में डाउनलोड नहीं करना होगा। एक खास टेक्नोलॉजी की मदद से फोन के वॉट्सऐप वर्जन की एक कॉपी कम्प्यूटर में काम करने लगेगी। इससे सभी मैसेज फोन में तो लाइव रहेंगे ही इसी के साथ, कम्प्यूटर या लैपटॉप में भी दिखेंगे।