Monday, 13 July 2015

जाति के आंकड़े न जारी होने पर लालू का मार्च, धूप लगी तो बेटे ने लगाई छतरी

पटना. जाति आधारित जनगणना के आंकड़े जारी करनी की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को राजभवन तक मार्च किया। खुली जिप्सी पर जब लालू को धूप लगी तो बेटे ने छाते से उन्हें राहत दी। मार्च के दौरान राजधानी के आर ब्लॉक पर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए लालू ने कहा कि 90 फीसदी पिछड़ों पर 10 फीसदी अगड़े राज कर रहे हैं। लालू ने कहा कि मंडल के लोग उठो और कमंडल को फोड़ दो। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े जारी होने पर पिछड़े वर्ग के लिए स्पेशल बजट बनाया जाता, लेकिन भाजपा सरकार गरीबों का हित नहीं चाहती।
मार्च के दौरान लालू यादव ने कहा कि भाजपा सरकार पिछड़ों और दलितों की विरोधी है। मोदी सरकार के खिलाफ सभी पिछड़ी जाती के लोगों, दलितों और मुस्लिमों को एकजुट हो जाना चाहिए।
जिप्सी के आगे आने वालों को लालू ने कहा-हटो-हटो, पीछे लगते रहे नारे
राजभवन मार्च के दौरान लालू सफेद रंग की खुली जिप्सी में सवार हुए। जिप्सी के सामने आने वाले मीडियाकर्मी और समर्थकों को लालू बोल रहे थे, 'हटो, हटो, हटो सामने से, हटो।' लालू की गाड़ी के सामने लगी भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। समर्थक पीछे-पीछे 'लालू प्रसाद जिंदाबाद' के नारे लगाते आगे बढ़ते रहे। एक समर्थक टमटम से पहुंचा तो कोई ढोल नगाड़े के साथ वहां मौजूद रहा।
'बिहार बंद भी कराएंगे'
इस दौरान समर्थकों को संबोधित करते हुए लालू ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैकवर्ड विरोधी हैं। वह जातीय जनगणना लागू नहीं करना चाहते। राजद सड़क इसे लेकर सदन तक आंदोलन करेगा। जातीय जनगणना को लागू करवाने के लिए किसी हद तक जाएंगे। ठान लिया है कि समाज के सबसे निचले पायदान पर रहने वालों को असल आजादी दिलाकर रहेंगे। 13 जुलाई को राजभवन मार्च से आंदोलन का आगाज कर रहे हैं। शीघ्र ही बिहार बंद का एलान करेंगे।'
विशेष संवाददाता इन्द्र भूषण से बातचीत में राजद अध्यक्ष ने कई बातें कहीं। पेश है मुख्य अंश-

जातीय जनगणना की जरूरत क्यों? 
लालू : क्या अंग्रेज बेवकूफ थे, जिन्होंने 1931 में जातीय जनगणना करवाई? उनकी मंशा सही थी। किस जाति के लोगों की सामाजिक और आर्थिक हैसियत क्या है, संपूर्ण विकास के लिए जानना जरूरी है। वैसे ही देश की आजादी के 64 साल में हुए विकास से किस जाति को कितना फायदा मिला, इसकी सही परख वर्तमान जातीय-सामाजिक-आर्थिक जनगणना से ही संभव है। इस सर्वेक्षण से जातियों के आरक्षण के प्रतिशत पर भी असर पड़ना तय है।
ऐसा है तो इसे रोका क्यों गया है? 
लालू : भाजपा पिछड़ों-दलितों-आदिवासियों की शुरू से ही विरोधी रही है। मंडल आयोग की सिफारिशों को दबाने के लिए कमंडल रथ निकाला था। उसी कमंडल रथ के पायलट रहे आज के पीएम नरेंद्र मोदी अब जातीय जनगणना को लागू नहीं करना चाहते हैं। वे बैकवर्ड विरोधी हैं। वे चाहते हैं कि जो पहले से आगे हैं, वे ही और आगे जाएं। वे जानते हैं कि जातीय जनगणना से आम जनता जान जाएगी कि समाज में किस तबके के कितने लोग हैं और उनके हालात कैसे हैं।
इसका समाज को क्या फायदा मिलेगा? 
लालू : जातियों की असल संख्या सामने आएगी तो देश के बजट में उनकी हिस्सेदारी मिलेगी। उत्थान के लिए बजटीय प्रावधान करना ही पड़ेगा। यह पता चलेगा कि देश के 51 फीसदी दिहाड़ी मजदूर में किन जातियों के लोग है। गांवों में रहने वाली हर तीन में एक फैमिली के पास जमीन नहीं है और मजदूरी करके पेट भरते हैं। 2.37 करोड़ गांवों में रहने वाले परिवार कच्ची दीवार वाले एक कमरे के घर में रहते हैं। 24.39 करोड़ परिवार में से 17.91 करोड़ गांवों में रहते हैं। यह पता चल जाएगा कि ये सब किन जातियों के हैं। यह हकीकत भी सामने जाएगी किन जातियों के 14% घर सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों के कारण चल रहे हैं।
तो राजद की रणनीति क्या है? 
लालू : राजद ने सड़क से आंदोलन की शुरुआत कर दी है। लागू करवाने के लिए सदन तक लड़ाई होगी। सोमवार को राजभवन मार्च होगा। गांव-गांव में धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम बनाया जा रहा है। बिहार बंद करेंगे। जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी करेंगे। भाजपा को जातीय जनगणना लागू करना ही होगा। वह चाहकर भी इसे रोक नहीं पाएगा। विधानसभा के चुनावी प्रचार में एक-एक व्यक्ति को बताएंगे कि भाजपा कितनी शातिर है। वे कोई कृपा नहीं करेंगे। अब सिर्फ 2-3 रुपए किलो गेहूं-चावल देकर जनता को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता।

5 साल की बच्ची ने बनाया करोडो लोगो को गुलाम

5 साल की एक बच्ची जिसे ठीक ढंग से अभी दुनिया की समझ नही है लेकिन उसने ऐसा कुछ किया की करोडो लोग उसके गुलाम हो गए. जानना चाहते है ऐसा क्या हुआ तो चलिए हम आपको बताते है. 5 साल की बच्ची हैवनली जॉय अमेरिका गॉट टैलेंट का ऑडिशन देनी आई थी. वहां उसने कुछ ऐसी परफॉरमेंस दी, कि सामने बैठे जजों के साथ-साथ वहां मौजूद पूरी पब्लिक उसकी तारीफ और तालियां बजाने पर मजबूर हो गई . हैवनली जॉय की परफॉरमेंस का वीडियो यूट्यूब पर खूब पसंद किया जा रहा है. यूट्यूब पर 50 लाख से अधिक लोग इस वीडियो को देख चुके हैं. इतना जानने के बाद अगर आपके दिल में बेचैनी हो रही है तो इस वीडियो को ज़रूर देखे - See more at: http://www.newstracklive.com/news/rodney-jerkins-heavenly-joy-america-got-talent-howard-stern-In-summer-frozen-1007454-2.html#sthash.TGfprqSe.dpuf

जब राजेश खन्ना हुए बेचैन और पंचम दा ने बनाया हवा में गाना!

नई दिल्ली। बेमिसाल ख्याल अक्सर अजीबोगरीब समय पर आते है और यह बात राहुल देव बर्मन के लिए कई बार सही साबित हुई। उन्हें हिंदी फिल्मी संगीत के कुछ यादगार गीतों की प्रेरणा उस समय आई जब वह सफर कर रहे होते थे।
एक नई किताब में कहा गया है कि एक बार वह उस दौर के सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ बॉम्बे से दिल्ली जा रहे थे। इस सफर के दौरान उन्होंने शानदार गीत ‘ये जो मुहब्बत है’ बनाया और इसे वर्ष 1971 की फिल्म ‘कटी पतंग’ में शामिल किया गया।
‘आर डी बर्मन- द प्रिंस ऑफ म्यूजिक’ नामक इस किताब में आगे कहा गया कि हवा के बीचों बीच बर्मन द्वारा बनाए गए इस गाने को राजेश खन्ना ने खूब सराहा और फिल्म में इस गाने के लिए विशेष तौर पर जगह बनाई।
लेखक खगेश देव बर्मन ने कहा कि एकबार दिल्ली आने वाले विमान में राजेश खन्ना और बर्मन एकसाथ सफर कर रहे थे। तभी राजेश ने उनसे कहा कि वह कुछ ऐसा गुनगुना दें कि उनकी बेचैनी शांत हो जाए। बर्मन ने अपने साथी यात्री को खुश करने के लिए यह अनुरोध स्वीकार कर लिया।
उन्होंने कहा कि राजेश ने यह सुना तो उन्हें बहुत पसंद आया। उन्होंने अपने दोस्त और निर्माता-निर्देशक शक्ति सामंत से ‘कटी पतंग’ में एक ऐसी स्थिति बनाने के लिए कहा ताकि हवा में बने बर्मन के इस गीत को उसमें डाला जा सके। इस तरह ‘ये जो मुहब्बत है’ को ‘कटी पतंग’ में डाल दिया गया और यह एक यादगार गीत बन गया।
श्रोताओं द्वारा बेहद सराहे गए इस गीत के लिए किशोर कुमार को फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ गायक के पुरस्कार के लिए नामित भी किया गया था। हालांकि यह पुरस्कार राजकूपर अभिनीत ‘मेरा नाम जोकर’ के ‘ए भाई जरा देख के चलो’ के लिए मन्ना डे को मिला था।
एक ऐसा ही वाकया इसके अगले साल हुआ, जब बर्मन ने एक दूसरा बेमिसाल गाना ‘मुसाफिर हूं यारों’ आधी रात को बॉम्बे की सड़कों पर गुलजार के साथ कार में तैयार किया। यह गीत वर्ष 1972 की फिल्म ‘परिचय’ में डाला गया था।
एक बार गुलजार और बर्मन राजकमल स्टूडियो में मिले। वहां बर्मन इतने व्यस्त थे कि उन्हें बात तक करने का समय नहीं था। गुलजार ने अपनी जेब से कागज का एक टुकड़ा निकाला और कहा कि यह एक गाने का मुखड़ा है। इसकी धुन बन जाने के बाद मुझे सुना देना।
खगेश लिखते हैं कि अब आरडी की दीवानगी देखिए, आधी रात को वह गुलजार के घर जा पहुंचे। रात एक बजे उन्हें उठाया और अपनी कार में बैठाकर शहर में घूमने निकल पड़े। साथ-साथ उन्हें ‘मुसाफिर हूं यारों’ की धुन सुनाते रहे। उन्होंने इस धुन को पहले ही एक कैसेट में रिकॉर्ड कर लिया था।
गुलजार की नींद अब जा चुकी थी क्योंकि उन्हें अपनी पसंद की धुन मिल गई थी। वह बहुत खुश थे। यह गीत संगीत के क्षेत्र के दोनों महारथियों के लंबे जुड़ाव के शुरूआती गीतों में से एक था।
खगेश ने कहा कि आधी रात को लांग ड्राइव पर जाना पंचम का जुनून था। गुलजार को ऐसे कई मौकों पर उनका साथ देना पड़ता था। 'आर डी बर्मन- द प्रिंस ऑफ म्यूजिक' का प्रकाशन रूपा ने किया है और यह किताब महान संगीतकार की जिंदगी के कई पहलुओं को सामने लाती है। यह उनके दौर के दूसरे कलाकारों के साथ उनके रिश्तों को भी दर्शाती है।

जानिये शादी से लेकर रिस्‍पेशन तक शाहिद-मीरा से जुडी कुछ दिलचस्‍प बातें....

बॉलीवुड के चार्मिंग बॉय शाहिद कपूर अपनी शादी को लेकर काफी दिनों से चर्चा में थे. फैंस उनकी शादी से जुड़ी हर खबर के बारे में जानना चाहते थे. आखिरकार शाहिद 7 जुलाई को मीरा राजपूत के साथ विवाह बंधन में बंध गये. दोनों की शादी माता-पिता और करीबी रिश्‍तेदार की मौजूदगी में हुई. दोनों ने शादी के बाद कैमरे के सामने कई पोज दिये. जानिये शादी से लेकर रिस्‍पेशन तक जुड़ी कुछ दिलचस्‍प बातें...
1. मीरा राजपूत, शाहिद से 13 साल छोटी हैं और वह दिल्‍ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं. 
2. दोनों की शादी दिल्‍ली के एक फार्महाउस में पारंपरिक पंजाबी तरीके से हुई.
3. मशहूर अभिनेता पंकज कपूर और उनकी पूर्व पत्नी नीलिमा अजीम के 34 वर्षीय बेटे शाहिद ने फिल्म जगत के कई समकालीन अभिनेताओं के विपरीत परिवारों की इच्छा से 21 वर्षीय मीरा से शादी की. 
4. शाहिद ने अपनी आगामी फिल्‍मों की शूटिंग पूरी करने के लिए ओवरटइम भी दिया था. 
5. आमंत्रण पत्र के रंगों के चयन का सारा श्रेय शाहिद को जाता है क्योंकि रंगों को लेकर वह बहुत संजीदा हैं. 
6. मेहमानों को दिये जाने वाले तोहफे भी शाहिद के पसंद के ही थे. 
7. शाहिद का नाम कई अभिनेत्रि‍यों के साथ जोड़ा गया है लेकिन अभिनेता ने शादी के लिए पारंपरिक रास्ता अपनाकर सबको चौका दिया था.
8. शाहिद-मीरा की रिस्‍पेशन पार्टी में कई बॉलीवुड हस्तियां शामिल हुई. अमिताभ बच्‍चन ने दोनों को बधाई दी है. 
9. शाहिद बड़े पर्दे से निकलकर जल्‍द ही टीवी रियेलिटी शो 'झलक दिखला जा' को होस्‍ट करते दिखाई देंगे. 
10. खबरों के अनुसार शाहिद हनीमून पर नहीं जायेंगे और जल्‍द ही शूटिंग पर लौटेंगे. वे जल्‍द ही आगामी फिल्‍म 'उड़ता पंजाब' और 'शानदार' फिल्‍मों में नजर आयेंगे. 

दूसरी जीत के साथ सीरीज भी फतह की भारत ने

मुरली विजय और अंजिक्य रहाणे से बल्लेबाजी और बाद में भुवनेश्वर कुमार से गेंदबाजी में मिली अच्छी शुरुआत के दम पर भारत ने दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रविवार को यहां जिंबाब्वे को 62 रन से हराकर तीन मैचों की शृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल की। 

जिंबाब्वे के कप्तान एल्टन चिगुंबुरा ने टॉस जीतकर फिर से भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा जिसे मुरली विजय (95 गेंदों पर 72 रन) और कप्तान अंजिक्य रहाणे (83 गेंदों पर 63 रन) ने पहले विकेट के लिए 26 ओवरों में 112 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। अच्छी फार्म में चल रहे अंबाती रायुडु ने 50 गेंदों पर 41 रन बनाए। भारत ने आठ विकेट पर 271 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। (फ़ोटो-एपी) - See more at: http://www.jansatta.com/photos/entertainment-gallery/india-2nd-win-against-zimbabwe-win-odi-series/31946/#sthash.fEbXmN1R.dpuf

डब्समैश पर बॉलीवुड के देवदास का डेब्यू

जो देवदास असल जिंदगी में युवाओं के लिए प्यार की मिसाल बन गया, अब उस देवदास को इंडस्ट्री में पूरे 13 साल हो गए हैं। हम बात कर रहे हैं किंग खान की फिल्म देवदास की। अपनी इस ब्लॉकबस्टर फिल्म की यादें ताजा करने के बहाने हाल ही में शाहरुख ने डब्समैश में अपना डेब्यू किया। ट्विटर पर उनकी पहली वीडियो पोस्ट करते ही सबसे ऊपर ट्रेंड में चलने लगी, वहीं उनके फैंस ने भी इसे जमकर रिट्वीट किया।
बाबूजी ने कहां गांव छोड़ दो, सबने कहां पारो को छोड़ दो।’ यह लाइन आप जब भी टीवी पर सुनते हैं तो आपके दिमाग में बस एक ही फिल्म और किरदार सामने आता होगा, ‘देवदास’। डब्समैश वीडियो में भी शाहरुख अपना यही डायलॉग बोलते नजर आ रहे हैं, लेकिन एक नए अंदाज में। इसमें उन्होंने कैंडल का बड़ी ही खूबसूरती से इस्तेमाल किया है।
शाहरुख ने फिल्म में काम करने वाले कलाकार और निर्देशक संजय लीला भंसाली का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, ‘फिल्म की पूरी टीम निर्देशक, निर्माता और मेरे फेवरेट जग्गू दादा को मेरा स्पेशल थैंक्स। हम लाइलाज हो गए चुन्नी बाबू’। डब्समैश वीडियो के जरिए देवदास के सेलिब्रेशन का अनुभव शाहरुख के लिए शानदार साबित हुआ।
उनके विदेशी फैंस ने भी उनकी इस वीडियो की जमकर तारीफ की। किंग खान सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर हमेशा सक्रिय रहते हैं और अब उन्होंने लोकप्रिय एप डब्समैश में भी एंट्री कर ली। वैसे भी बॉलीवुड कुछ भी करे तो भारत में वह ट्रेंड बन जाता है और उस ट्रेंड में अगर बादशाह शामिल हो जाएं तो उसका लोगों के बीच नशा हो जाता है। तभी तो इन दिनों शाहरुख का यह ट्रेंड फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है। अगर आप भी शाहरुख के वीडियो को देखना चाहते हैं तो <https://www.youtube.com/watch?v=MAkEr8TUhIs> पर देख सकते हैं।
डब्समैश का बुखार
सलमान खान से लेकर सोनाक्षी सिन्हा और अलिया भट्ट तक डब्समैश में वीडियो शूट कर इंस्टाग्राम और ट्विटर पर शेयर कर चुके हैं।
दुनियाभर में चर्चे
देवदास प्यार और प्यार के बाद की जुदाई पर आधारित थी। यह फिल्म सिर्फ बॉलीवुड को नहीं बल्कि दुनिया के कोने-कोने में बसे दर्शकों को भी पसंद आई। एक बहुचर्चित मैगजीन ने 2002 में बनी देवदास को 2011 तक दुनियाभर में बनी फिल्मों की सूची में आठवां स्थान दिया था। यह अपने समय की सबसे महंगी फिल्म थी।
इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तो धमाल मचाया ही साथ ही विदेशों में भी कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए। यह उस समय की फिल्म थी जब लोगों के दिमाग पर रोमांस और प्रेम का जुनून सवार था और कोई भी ट्रैजिक फिल्में देखना पसंद नहीं करता था। संजय लीला भंसाली ने एक इमोशनल स्टोरी अपनी फिल्म की कहानी चुनी और यह फिल्म हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में शुमार हो गई।
सलमान-सोना की जुगलबंदी
सलमान खान ने डब्समैश में अपनी फिल्म करन अर्जुन के उस डायलॉग का वीडियो बनाया, जिसमें वह चिल्ला-चिल्ला कर भाग अर्जुन भाग बोल रहे हैं।
हालांकि यहां अर्जुन (शाहरुख खान) की जगह सोनाक्षी सिन्हा अपने नाटकीय अंदाज में भागती नजर आती हैं। इसी तरह सोनाक्षी और सलमान की एक और वीडियो है, जिसमें दोनों शत्रुघ्न सिन्हा की फिल्म का डायलॉग बोलते नजर आ रहे हैं। 
इन पर भी चढ़ा खुमार
जैकलीन फर्नाडिज डब्समैश में अपने दोस्तों के साथ एक गाने में झूमती हुई नजर आई थीं, वहीं एक डब्समैश वीडियो में आलिया भट्ट की दोस्त स्वेटर पहने के लिए उनके कान खींचती नजर आईं। इसमें आलिया का ना. कहने का अंदाज देखने लायक था। श्रुति हसन भी डब्समैश की दीवानी हैं और उन्होंने भी कई डब्समैश वीडियो को इंस्टाग्राम पर डाला है।
एक में वह भूत बनकर डरा रहीं हैं तो दूसरे में श्रुति शोले के गब्बर का डायलॉग बोलती देखी जा सकती हैं। इसके अलावा रिचा चड्डा, अली फजल और टीवी एक्टर गौरव कपूर जैसे कई बॉलीवुड सितारे डब्समैश वीडियो बना चुके हैं। डेब्यू किया। ट्विटर पर उनकी वीडियो पोस्ट करते ही सबसे ऊपर ट्रेंड करने लगी, वहीं उनके फैंस ने भी इसे जमकर रिट्वीट किया।

2013 के BMW हिट एंड रन केस में विस्मय शाह को 5 साल की जेल

अहमदाबाद के बहुचर्चित बीएमडब्ल्यू हिट एंड रन मामले में मुख्य आरोपी विस्मय शाह को कोर्ट ने दोषी ठहराया और पांच साल कैद की सजा सुनाई है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीएम पटेल ने आरोपी, पीड़ित पक्षों व अभियोजन पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. विस्मय को मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने होंगे. इसके अलावा उसे 20 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना होगा. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बयान बदलने वालों को भी नोटिस दिया है.
24 फरवरी 2013 को शाह ने शहर के वस्त्रापुर स्थित लाड सोसायटी के पास अपनी बीएमडब्ल्यू कार से मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को टक्कर मार दी थी. घटना में शिवम दवे और राहुल पटेल की मौत हो गई थी. घटना के बाद शाह फरार हो गया था. कुछ दिनों बाद शाह ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था. शाह करीब एक साल तक जेल में रह चुका है, फिलहाल वह जमानत पर है.