Monday, 26 September 2016

2020 तक बड़ी आबादी की मौत का कारण बनेगी दिल की बीमारियां

दिल का ख्याल रखें दिल से। ये बात जितनी सुनने में अच्छी लगती है, उतनी ही जरूरी भी है। आज अगर किसी बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है तो वो है दिल से जुड़ी हुई बीमारियां। जरूरी नहीं है कि वो हार्ट अटैक हो, लेकिन दिल से ही हर बीमारी जुड़ी हुई होती है। दिल हमारे शरीर का अहम हिस्सा है, लेकिन आज हम दिल के प्रति ही सबसे ज्यादा लापरवाह हो गए हैं।
29 सितंबर को हम वर्ल्ड हार्ट डे मनाने जा रहे हैं, लेकिन क्या हमें पता है कि हमारा दिल कितना कमजोर होता जा रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन कुछ ऐसे आंकड़े बता रहा है, जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। अमेरिका में 42 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत केवल दिल का दौरा पड़ने से होती है। वहीं, भारत में भी दिल की बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।


साल 2020 तक दिल की बीमारी से मरेंगे ज्यादातर लोग

साल 2001-2014 तक दिल की बीमारी से मरने वालों की संख्या 92 फीसद का इजाफा हुआ है। अगर आंकड़ों में बात करें तो 1.65 लाख लोग हर साल हार्ट अटैक से मरते हैं। सबसे बड़ी और चिंताजनक बात ये है कि वर्ल्ड हेल्थ ने चेतावनी जारी की है कि साल 2020 में जितने लोग मरेंगे, उनमें से ज्यादातर लोगों की मौत का कारण ये दिल की बीमारी ही होगी।

दिल की भी होती है उम्र
पहले उम्र के साथ-साथ दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता था, लेकिन अब बदलती जिंदगी और लाइफस्टाइल की वजह से हमें छोटी उम्र में ही दिल की बीमारियां हो जाती हैं। दिल की भी एक उम्र होती है। सुनकर आश्चर्य लग रहा होगा, लेकिन ये सच है। और इसकी उम्र हमारे हाथ में है। हमें अपने दिल का जितना ख्याल रखेंगे, उतनी ही इसकी उम्र लंबी होगी।
क्यों कमजोर हो गया दिल

युवाओं में दिल की बीमारी का खतरा इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि उनकी लाइफस्टाइल बदलते समय के साथ बहुत बदल रही है। स्मोकिंग, जंक फूड, ड्रिंकिंग की बुरी आदतें उनके दिल को कमजोर बना देती है। हाइपरटेंशन और तनाव की वजह से ही दिल की बीमारियों का खतरा ज्यादा बढ़ गया है।
दिल की बीमारी से जुड़े कुछ तथ्य

देश की कुल आबादी में 4.5 करोड़ लोग इस बीमारी से जुझ रहे हैं। साल 2030 तक 35.9 फीसद लोग इस बीमारी से मर सकते हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। वैसे तो 25 से 30 साल की उम्र के लोगों को ये बीमारी होती है। लेकिन हालिया रिसर्च बताती है कि ये बीमारी अब युवाओं में ज्यादा होने लगी है।
आईए इसके कारणों से रू-ब-रू होते हैं
कोलेस्ट्रल का खतरा बढ़ने से दिल की बीमारियां होती हैं। जैसे आप रोजाना अगर तेल और फ्राइड खाना खाएंगे तो आपको कई तरह की दिल की बीमारी हो सकती है।
फैट बढ़ने से
अगर आपका वजन बढ़ता जा रहा है तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। आपके दिल पर बोझ बढ़ता है। ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य का, वजन का पूरा ख्याल रखना होता है। रोजाना एक्सरसाइज और योग करते रहने से आपका दिल स्वस्थ्य रहता है।
बदलती लाइफस्टाइल
बदलती मॉर्डन लाइफस्टाइल आपके लिए खतरे की घंटी है। अभी आपको समझ नहीं आ रहा है, लेकिन आप जितना खाने पीने में लापरवाही करेंगे उतना ही आपका दिल कमजोर होता जाएगा।
स्मोकिंग और ड्रिंकिंग की बुरी आदतें
स्मोकिंग और ड्रिंकिंग से आपका फेफड़ां खराब हो जाता है। आपका लीवर और किडनी सड़ जाती है। शरीर के अंदर की आंते सूख जाती हैं।
टेंशन और तनाव है कारण
ज्यादा तनाव और स्ट्रेस लेने से आपकी दिमाग की नसें कमजोर हो जाती हैं। ब्लड प्रेशर और सुगर से भी दिल की शिकायतें हो सकती हैं।
ऐसे रखें दिल का ख्याल
विश्व हृदय दिवस के दिन हम आपको कुछ सलाह देंगे, आप अपने दिल का ख्याल कैसे रख सकते हैं। केवल जागरूकता फैलाने से नहीं होगा, बल्कि जरूरत है कुछ खास बातों पर ध्यान देने की।
हमें अपनी बनावट, जीवनशैली पर खास ध्यान देना होगा। खान-पान, सोना, नींद और भी कई चीजों का ख्याल रखना होगा। खुश रहना होगा, ज्यादा तनाव लेने से जीवन दुखी होता है और दिल कमजोर।
मोटापे का ख्याल रखें। आधे घंटे कम से कम वॉक पर जाएं। एक्सरसाइज करें और लाइफस्टाइल को बदलें।

Gurmeet Ram Rahim Singh JI to donate money for research

Gurmeet Ram Rahim Singh to donate money for research
Chandigarh: Gurmeet Ram Rahim Singh Insan says his share of earning from his upcoming film 'MSG The Warrior: Lion Heart' will be donated to be used for scientific research.
Gurmeet said the money will be put to use for plant stem cell and tissue culture research, read a statement. 
The film's trailer was launched with much fanfare at Shah Satnam
ji Dham at Sirsa on Friday. 
Gurmeet entered the world of entertainment in 2015 with the controversial 'MSG The Messenger'. In 2016, he came back with 'MSG-2 The Messenger'.
'MSG The Warrior: Lion Heart' is the fourth instalment, "Online Gurukul" being the third film.
'MSG The Warrior Lion Heart' is about a medieval warrior who fights aliens from outer space, to protect the dignity of womenfolk and his motherland. The film releases on October 7.

एमएस धोनी जिन 3 खिलाड़ियों को टीम से हटाना चाहते थे, उनका जिक्र बायोपिक में नहीं!

नई दिल्ली: टीम इंडिया के वनडे और टी-20 कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर बनी बायोपिक 'एम.एस. धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी' में उन तीन खिलाड़ियों के नाम शामिल नहीं है, जिन्हें कप्तान धोनी टीम से बाहर करना चाहते थे. निर्देशक नीरज पांडे का कहना है कि यह उनके तथा क्रिकेट खिलाड़ी के बीच का आपसी निर्णय था, क्योंकि दोनों का मानना था कि उनके नामों को दर्शाने से अच्छा होने के बजाए काफी कुछ बिगड़ सकता था.
फिल्म के ट्रेलर के एक दृश्य में धोनी के किरदार में नजर आने वाले सुशांत सिंह राजपूत को यह कहते देखा जा रहा है कि ये तीन खिलाड़ी वनडे टीम में फिट नहीं हो रहे हैं. इसके जवाब में एक चयनकर्ता कहता है कि धोनी उस इंसान को बाहर करना चाहता है, जिसने उसे आगे बढ़ाया. एक अन्य व्यक्ति कहता है कि यह इन तीनों को नहीं रोक सकता.
इस पर सुशांत कहते हैं, "हम सभी सेवक हैं और राष्ट्रीय कार्य कर रहे हैं."
फिल्म के इस दृश्य के बारे में पांडे का कहना है कि उन्होंने इसमें क्रिकेट खिलाड़ियों को नामों को छुपाने की कोशिश की है. पांडे ने आईएएनएस को बताया, "इस फिल्म के इस दृश्य के बारे में हमने तीनों खिलाड़ियों के नामों को छुपाने का फैसला किया है और इसका निर्णय एक बैठक के दौरान लिया गया. इसके काफी कुछ अच्छा होने के बजाए बिगड़ सकता था."
खिलाड़ियों के नामों को फिल्म में छुपाए जाने के पीछे किसी बड़े विवाद से बचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर निर्देशक ने कहा, "मुझे इसमें विवाद खड़ा होने का अंदेशा था, इसलिए लगा था कि यह फिल्म को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. इसके साथ ही ये वे तीन क्रिकेट खिलाड़ी हैं, जो देश के लिए खेले थे. इस कारण इसे गलत तरीके में भी लिया जा सकता था."

कानपुर में टीम इंडिया के 500वें टेस्ट में बने कुछ खास रिकॉर्डों पर एक नजर...

नई दिल्ली: टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत का सिलसिला बरकरार रखते हुए कानुपर में उसे 197 से करारी मात दी और 500वें टेस्ट को यादगार बना दिया. दोनों टीमों के बीच अब तक 55 टेस्ट मैच गए हैं, जिनमें टीम इंडिया ने 19 मैच जीते हैं, वहीं न्यूजीलैंड को 10 मैचों में जीत मिली हैं, जबकि 26 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं. कानपुर टेस्ट में कई रिकॉर्ड भी बने हैं. जिनमें से कुछ खास रिकॉर्ड इस प्रकार हैं...
भारतीय गेंदबाजों में अश्विन बने नंबर वन : भारतीय गेंदबाजों की बात करें, तो सबसे तेज 200 विकेट लेने के मामले में अब अश्विन नंबर वन बन गए हैं. उन्होंने 37वें टेस्ट में 200 विकेट हासिल कर लिए, जबकि उनसे पहले हरभजन सिंह ने 46 टेस्ट मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी. अश्विन ने उनसे 9 मैच कम खेले हैं. वह 200 विकेट लेने वाले नौंवें भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. इस मामले में अश्विन और हरभजन के बाद टीम इंडिया के मौजूदा कोच अनिल कुंबले ( 47), भगवत चंद्रशेखर (48 ) और कपिल देव ( 50 मैच) का नंबर आता है. अश्विन भारत की तरफ से 200 विकेट लेने वाले नौवें गेंदबाज और पांचवें स्पिनर बन गए हैं. भारत की तरफ से 200 या इससे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में अनिल कुंबले ( 619), कपिल देव ( 434 ), हरभजन सिंह ( 417), जहीर खान ( 311), बिशन सिंह बेदी ( 266), चंद्रशेखर (242), जवागल श्रीनाथ (236), इशांत शर्मा ( 209) और अश्विन (200 ) शामिल हैं.
सबसे तेज 200 विकेट में अश्विन वर्ल्ड नंबर दो : सबसे तेज 200 टेस्ट विकेट लेने के मामले में ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर क्लेरी ग्रिमेट वर्ल्ड नंबर वन हैं. ग्रिमेट ने 1936 में 36वें टेस्ट मैच में यह उपलब्धि हासिल की थी. कानपुर टेस्ट से पहले अश्विन 200 विकेट से 7 विकेट दूर थे. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मैच में टीम इंडिया के 500वें टेस्ट मैच में 7 विकेट लेकर यह रिकॉर्ड बना दिया और दूसरे नंबर पर काबिज हो गए. हालांकि इस मैच में उन्होंने कुल 10 विकेट लिए हैं. अब उनके नाम 37 टेस्ट में 203 विकेट हो गए हैं. इस समय सबसे तेज विकेट के मामले में तीसरे नंबर पर संयुक्त रूप से पाकिस्तान के वकार यूनुस और ऑस्ट्रेलिया के तूफानी तेज गेंदबाज रहे डेनिस लिली हैं. इन दोनों ने 38 मैचों में 200 विकेट लेने का कारनामा किया था. वकार यूनुस ने साल 1995 में यह कारनामा किया था.
8 साल बाद ऊपरी 3 बल्लेबाजों का 30 से अधिक स्कोर : 2008 के बाद पहली बार ऊपर के 3 भारतीय बल्लेबाजों ने 30 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं. केएल राहुल, मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा ने 8 साल का रिकॉर्ड तोड़ा. कानपुर टेस्ट की दोनों पारियों को देखें तो राहुल ने 32 और 38, मुरली विजय ने 65 और 76, वहीं पुजारा ने 62 और 78 रन बनाए. इस मैच से पहले टीम इंडिया के ऊपरी 3 बल्लेबाजों ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मोहाली टेस्ट में यह कारनामा किया था.
घर में लगातार 10वीं जीत : टीम इंडिया 2013 से घर में कोई मैच नहीं हारी है. इस दौरान 11 मैच खेले गए, जिनमें से उसे 10 में जीत मिली है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा. इस प्रकार वह 3 साल से घर में अजेय है.
रोहित का रिकॉर्ड : रोहित शर्मा ने 33 पारियों में टेस्ट में 1000 रन पूरे किए. उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण, चेतन चौहान जैसे बल्लेबाजों से कम पारियों में ऐसा किया है. भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में 1000 रन बनाने वाले रोहित चौथे बल्लेबाज हैं. उनसे पहले विराट कोहली, एमएस धोनी और युवराज सिंह ने यह कारनामा किया था.
भज्जी के रिकॉर्ड की बराबरी : आर अश्विन ने न केवल भज्जी को सबसे तेज 200 विकेट लेने के मामले में पीछे छोड़ा है, बल्कि टेस्ट करियर में किसी टेस्ट में 5वीं बार 10 विकेट झटके. इसके साथ ही उन्होंने हरभजन के 10 या उससे ज्यादा विकेट लेने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. हालांकि टीम इंडिया की ओर से किसी टेस्ट में 10 या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड मुख्य कोच अनिल कुंबले के नाम है, जिन्होंने 8 बार यह कमाल किया था.
साझेदारी का रिकॉर्ड : दूसरी पारी में मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा के बीच दूसरे विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी हुई. यह भारत में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है.
नहीं लगा शतक, बने 1193 रन : कानपुर टेस्ट में 1193 रनों का अंबार लगा, लेकिन कोई  भी खिलाड़ी शतक नहीं बना पाया. एशियाई महाद्वीप में टेस्ट मैचों के लिहाज से बिना शतक लगे चारों पारियों में बने ये सबसे अधिक रन हैं.
क्रेग के 50 विकेट : न्यूजीलैंड के स्पिनर मार्क क्रेग ने अपने 15वें टेस्ट में 50 विकेट पूरे कर लिए, जो न्यूजीलैंड स्पिनरों में से दूसरा सबसे तेज 50 विकेट रहा. टेस्ट इतिहास में न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने तीसरी बार टीम इंडिया के खिलाफ एक मैच में 10 या अधिक विकेट लिए हैं. इससे पहले नागपुर टेस्ट में उन्होंने 19 विकेट और अहमदाबाद टेस्ट में 12 विकेट लिए थे.

सीतापुर में रोड शो के दौरान राहुल गांधी पर फेंका गया जूता

rahul_story_657_060615124822नई दिल्ली/लखनऊ: यूपी में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्दनेजर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों देवरिया से दिल्ली की किसान यात्रा पर हैं. इसी क्रम में सोमवार को जब राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रोड शो कर रहे थे, तभी उनके ऊपर एक शख्स ने जूता फेंक दिया. हालांकि जूता राहुल गांधी को नहीं लगा और पुलिस ने तुरंत जूता फेंकने वाले शख्स को हिरासत में लिया.
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में राहुल गांधी की सुरक्षा में हुई भारी चूक देखने को मिली. यहां रोड शो कर रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर आज एक शख्स ने जूता फेंकने की कोशिश की. खबरों की मानें तो राहुल सीतापुर के शांतिनगर मुहल्ले से जैसे ही रोड शो के लिए पहुंचे, हरिओम नाम के शख्स ने ट्रांसपोर्ट चौराहे पर कुछ दूरी से उन पर जूता फेंक दिया. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उस शख्स को तत्काल हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए सिटी थाने ले गये.
हरीओम के मुताबिक जब कांग्रेस खुद सरकार में थी तो क्या यूपी बेहाल नहीं था? केवल इतना ही नहीं हरिओम ने कहा कि राहुल गांधी उरी में शहीद हुये 18 सैनिकों की शहादत याद करने की जगह रोड शो कर रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस शख्स ने राहुल पर यह कहते हुए जूता फेंका कि रोड शो बेकार का तमाशा और दिखावा है. पुलिस ने कहा कि युवक से पूछताछ की जा रही है. वह किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं रखता है. फिलहाल राहुल गांधी पर जूता फेंकने वाला शख्स पुलिस की हिरासत में है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

तो वहीं इस हमले को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, अभी हम बस से आ रहे थे किसी ने मेरे ऊपर जूता फेंका, मुझे लगा नहीं. मैं BJP-RSS के लोगों को बताना चाहता हूं कि वो मुझपर कितना भी हमला करे, मैं लड़ता रहूंगा और पीछे नहीं हटूंगा. मेरा भाई चारा और प्यार मेरे साथ है और आप की नफरत आप के साथ.
उत्तर प्रदेश में देवरिया से दिल्ली तक किसान यात्रा पर निकले राहुल गांधी ने अपने अभियान के दूसरे चरण में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखते हुए सोमवार को कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती और समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का रिमोट कंट्रोल मोदी के हाथों में है.
अमौसी हवाईअड्डे पर उतरने के बाद राहुल गांधी लखनऊ से सड़क मार्ग से सीतापुर होते हुए लखीमपुर खीरी पहुंचेंगे. हवाईअड्डे पर उनका स्वागत पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ पूर्व सांसद राजा राम पाल और विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने किया. इसके बाद उनका काफिला सीतापुर की ओर रवाना हो गया.
सीतापुर से पहले भिटौली में उन्होंने छोटी सी सभा में कहा कि उत्तर प्रदेश की दो पार्टियों के दिग्गज मायावती और मुलायम सिंह का रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है.
उन्होंने कहा कि बीएसपी अध्यक्ष मायावती और मुलायम सिंह यादव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से लड़ने का दम नहीं है. सिर्फ कांग्रेस ही उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराने में सक्षम है.
इसके बाद उनका काफिला सीतापुर की ओर रवाना हो गया. राहुल गांधी सीतापुर में रोड शो करने के साथ ही लखीमपुर में रोड शो और खाट पर चर्चा कार्यक्रम भी करेंगे.
सीतापुर में राहुल गांधी करीब चार बजे काजी कमालपुर और हरगांव में राहुल बैठक करेंगे. लखीमपुर खीरी में करीब पांच बजे से खाट पर चर्चा कार्यक्रम होगा. राहुल गांधी इसके बाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे.

खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा : पीएम

सिंधु जल समझौते पर सरकार सख्त, पीएम बोले- खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा
नई दिल्ली: सिधु जल समझौते पर भारत सरकार सख्त हो गई है. आज सिंधु जल समझौते पर बैठक के बाद पीएम मोदी ने बयान दिया कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा. सरकार सिंधु जल समझौते पर पुनर्विचार कर सकती है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि सरकार पाकिस्तान का पानी कम कर सकती है.
बैठक में भारत से पाकिस्तान को पानी नियंत्रित करने वाली व्यवस्था ‘पर्मानेंट इंडस कमीशन’ की बैठक को आतंकवाद मुक्त माहौल बनने तक रोकने का फैसला किया गया है. बैठक में एक अहम फैसले के तहत टुलबुल नेवीगेशन सिस्टम जिसे भारत से सस्पेंड कर दिया था अब भारत उस पर भी पुनर्विचार करेगा. अगर पाकिस्तान अपना रवैया नहीं बदलता है तो इसे दोबारा शुरू किया जा सकता है.
पीएम मोदी की बैठक में एक inter ministerial task force बनाने का फैसला भी लिया है. यह टास्क फोर्स तय करेगी कि भारत कैसे और मजबूती के साथ पश्चमी नदियों के पानी के इस्तेमाल पर अपनी दावेदारी पेश कर सकता है. 1960 में समझौते के मुताबिक अभी भारत पूर्वी नदियों का पानी इस्तेमाल करता है.
इस के साथ बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि तीन नए बांध जिन पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ उन्हें जल्द से क्लीयर काम शुरू किया दाए. एक बात स्पष्ट तौर पर बताना जरूरी है कि सिंधु जल समझौते को रद्द करने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है.
पीएम ने कहा कि जब चीन संधि का हिस्सा नहीं है चिंता क्यों ?
पीएम मोदी ने चीन को लेकर उठ रही चिंताओं पर भी बैठक में बात रखी. पीएम ने कहा कि जब चीन संधिका हिस्सा है ही नहीं तो चिंता करने की कोई बात नहीं. दरअसल कहा जा रहा था कि चीन भारत के लिए सिंधु नदी का पानी रोक सकता है.  1960 में हुए समझौते के तहत आने वाली 6 नदियों में से एक सिंधु नदी की शुरुआत चीन से और दूसरी नदी सतलुज की शुरुआत तिब्बत से होती है.
एक आशंका के मुताबिक कहा जा रहा था कि गर चीन ने भारत में आने वाले पानी को ही रोक दिया तो फिर हमारे यहां भाखड़ा डैम, कारचम वांगटू हाईड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और नाथपा झाकरी डैम में पनी नहीं आएगा.
आपको बता दें कि 56 साल पहले 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी समझौता हुआ था. इसके तहत सिंधु बेसिन में बहने वाली छह नदियों में से सतलुज, रावी और ब्यास पर भारत का पूर्ण अधिकार है. . संधि के मुताबिक भारत इन नदियों के पानी का कुल 20 फीसद पानी रोक सकता है.

शपथ लेने के बाद 3 बार छुए अखिलेश के पैर

लखनऊ. अखिलेश्‍ा सरकार का सोमवार को 8वीं बार विस्तार हुआ। इसमें 10 नेताओं ने कैबिनेट मंत्री के पद पर शपथ ली। बर्खास्‍तगी के 15 दिन बाद ही गायत्री प्रजापति की वापसी हुई है। उन्‍हें 12 सितंबर को सीएम ने मंत्री पद से बर्खास्त किया था। शपथ लेने के बाद गायत्री ने अखिलेश यादव के 3 बार पैर छुए। इसके बाद उन्‍होंने मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव के भी पैर छुए। इस पर गवर्नर राम नाईक ने उन्हें टोक दिया। कहा कि अनुशासन में रहें। बता दें कि प्रजापति 3 साल में चौथी बार मंत्री बने हैं। और किसने ली शपथ...
- न्यूज एजेंसी यूएनआई के मुताबिक, गायत्री प्रजापति मंत्री पद की शपथ लेने के बाद तुरंत सीएम अखिलेश के पास गए और उन्होंने तीन बार उनके पैर छुए।
- बाद में वे मुलायम सिंह और शिवपाल यादव के पास गए और उनसे आशीर्वाद लिया।
- इसके अलावा मनोज पांडेय, शिवाकांत ओझा और जियाउद्दीन रिजवी ने भी कैबिनेट पद की शपथ ली है।
- अभिषेक मिश्र, नरेंद्र वर्मा और अंबेडकरनगर से विधायक शंखलाल मांझी ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। ये राज्य मंत्री से प्रमोट किए गए।
- मिनिस्‍टर ऑफ स्‍टेट फॉर ट्रांसपोर्ट (स्‍वतंत्र प्रभार) यासिर शाह, मिनिस्‍टर ऑफ स्‍टेट फॉर फिशरीज एंड पब्लिक एंटरप्राइजेज (स्‍वतंत्र प्रभार) रियाज अहमद और मिनिस्‍टर ऑफ स्‍टेट फॉर फैमिली वेलफेयर (स्‍वतंत्र प्रभार) रविदास मेहरोत्रा को कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रमोट किया गया है।
- इस बीच, अखिलेश यादव ने राज्‍य मंत्री पप्‍पू निषाद को बर्खास्त कर दिया।
पितृपक्ष में हुआ कैबिनेट का विस्‍तार
- कहा जा रहा है कि हाल के दिनों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई शपथ ग्रहण समारोह पितृपक्ष के दौरान हुआ हो।
- सियासी गलियारों में इसे शुभ नहीं माना जाता है।
अब ये है कैबिनेट की स्थित‍ि
- कैबिनेट मंत्री- 33
- स्वतंत्र प्रभार- 9
- राज्य मंत्री- 18
- 4 ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली
- 3 ने स्वतंत्र प्रभार से प्रमोशन पाया
- 3 ने राज्य मंत्री पद से प्रमोशन पाया
- 1 राज्य मंत्री को बर्खास्त किया गया
गायत्री प्रजापति ने चाैथी बार ली शपथ
- जब फरवरी 2013 में मंत्र‍िमंडल का पहली बार विस्‍तार हुआ था, तब गायत्री प्रजापति को सिंचाई राज्‍य मंत्री बनाया गया।
- इसके बाद जुलाई 2013 में वो सिंंचाई राज्‍य मंत्री से प्रमोट होकर खनन विभाग के राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) बने।
- एक बार फिर प्रमोशन के बाद वे जनवरी 2014 में कैबिनेट मंत्री बने और उन्‍हें खनन विभाग मिला। उन्हें 12 सितंबर 2016 को बर्खास्‍त कर दिया गया था।
- गायत्री पर करप्शन के आरोप हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के ऑर्डर के बाद गायत्री प्रजापति को मंत्री के पद से हटाया गया था।
वोट बैंक को साधने की कोशिश
- कहा जा रहा है कि चुनाव को देखते हुए सपा ने पंडित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के लोगों को साधने की कोशिश की है। साथ ही, बीजेपी के सवर्ण वोटों को भी काटने की कोशिश है।
- शपथ ग्रहण समारोह में अहमद हसन, नावेद सिद्दीकी जैसे कई बड़े नेता मौजूद रहे।