Wednesday, 5 November 2014

भुवनेश्वर ने जीता 'पीपुल्स च्वाइस पुरस्कार'

इंग्लैंड की महिला कप्तान चालरेट एडवर्डस और श्रीलंका के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज भी दौड़ में थे। भुवनेश्वर चौथे और भारत के तीसरे क्रिकेटर हैं जिन्होंने यह पुरस्कार जीता है। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर (2010) और महेंद्र सिंह धोनी (2013) यह पुरस्कार पा चुके हैं। श्रीलंका के कुमार संगकारा ने 2011 और 2012 में यह पुरस्कार जीता था। 
 
भुवनेश्वर ने आईसीसी की विज्ञप्ति में कहा, सबसे पहले मैं इस पुरस्कार में मेरे लिए वोट करने वाले हर व्यक्ति को धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरे लिए यह पुरस्कार बहुत मायने रखता है क्योंकि यह सिर्फ मेरे प्रदर्शन के आधार पर नहीं बल्कि मेरे प्रशंसकों के प्यार की वजह से मिला है। 
 
उन्होंने कहा, मैं आज अपने माता-पिता और कोचों से मिली सीख की वजह से यहां हूं। मैं अपने साथी खिलाड़ियों का भी शुक्रगुजार हूं क्योंकि उनके सहयोग के बिना यह संभव नहीं होता। बीसीसीआई ने भुवनेश्वर को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। 
 
बोर्ड सचिव संजय पटेल ने कहा, वे पिछले कुछ समय में बल्ले और गेंद से लगातार अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं। बीसीसीआई की ओर से मैं उन्‍हें बधाई देता हूं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी।

शाहरुख-दीपिका के बाद अब सलमान-दीपिका एकसाथ...


बॉलीवुड की डिंपल गर्ल दीपिका पादुकोण सिल्‍वर स्‍क्रीन पर सलमान खान के साथ नजर आनेवाली है. दोनों पहली बार एकसाथ फिल्‍म में नजर आयेंगे. इससे पहले दीपिका पर्दे पर किंग खान शाहरुख, सैफ अली खान और अर्जुन कपूर के साथ नजर आ चुकी है. सबके साथ दीपिका की जोडी हिट हुई है. खासकर शाहरुख के साथ तो उनकी जोडी दर्शकों ने खासा पसंद किया है. अब सलमान दीपिका के साथ जनर आनेवाले है.
यशराज बैनर के तले बनने वाली फिलम में दीपिका और सलमान की जोडी के साथ आने की खबरें आ रही है. सलमान जिसके साथ भी फिल्‍म करते है वह कलाकार हिट हो जाता है. लेकिन यहां तो दोनों ही कलाकार बेहद हिट साबित हुये है. दीपिका ने 'चेन्‍नई एक्‍सप्रेस','रामलीला' और 'हैप्‍पी न्‍यू ईयर' जैसी हिट फिल्‍मों में काम कर चुकी है. वहीं सलमान 'किक', 'एक था टाइगर' और 'दबंग' जैसी हिट फिल्‍में दी है. दोनों ही कलाकरों को दर्शक पर्दे पर देखना चाहते है.
सलमान ने अपने कैरियर के सफर में कई नई हीरोईनों के साथ काम किया है और वे हीरोइनें हिट हो गई है. सलमान ने कई कलाकारों को फिल्‍मों में डेब्‍यू करने का मौका दिया है. वहीं दीपिका ने बॉलीवुड में अपने कैरियर की शुरूआत शाहरुख खान की फिल्‍म 'ओम शांति ओम' से की है. दोनों की कैमेस्‍ट्री को दर्शकों ने खासा पंसद किया था. सलमान के फैंस उनके फिल्‍मों का इंतजार करते रहते है और फिल्‍म रिलीज होते ही दर्शकों की भीड सिनेमाघरों में दिखाई देती है.
दोनों की कैमेस्‍ट्री दर्शकों को कैसी लगेगी यह तो आनेवाले ही दिनों में ही पता चल पाएगा. लेकिन वहीं एक और बात यह भी है कि दर्शक दोनों को खासा पसंद करते है तो दोनों की कैमेस्‍ट्री भी लोगों को पसंद आएगी. फिलहाल दीपिका अमिताभ के साथ फिल्‍म 'पीकू' की शूटिंग में व्‍यस्‍त है. साथ ही अपनी हालिया प्रदर्शित फिल्‍म 'हैप्‍पी न्‍यू ईयर' की कमाई से खुश है.
सलमान अपनी आगामी फिल्‍म 'बजरंगी भाईजान' की शूटिंग को लेकर व्‍यस्‍त है. फिल्‍म में उनके आपोजिट सोनम कपूर है. सलमान डबल रोल में नजर आयेंगे. उनकी फिल्‍म 'किक' बॉक्‍स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी. दोनों की हिट जोडी को दर्शक एकसाथ देखना पसंद करेंगे. 

फिल्‍म हैपी न्‍यू ईयर को जया बच्‍चन ने बताया ऊटपटांग फिल्‍म

शाहरुख की फिल्‍म हैप्‍पी न्‍यू ईयर बॉक्‍स ऑफि‍स पर अच्छी कमाई कर रही है. फिल्‍म ने अबतक करीब 300 करोड़ की कलेक्‍शन कर ली है. लेकिन अपने जमाने की बेहतरीन एक्‍ट्रेस मानी जाने वाली जया बच्‍चन को यह फिल्‍म ऊटपटांग लगी है.
खास बात यह है कि इस फिल्‍म की जहां अमिताभ बच्‍चन सराहना कर रहे हैं वहीं  जया बच्‍चन ने इस फिल्‍म की आलोचना की है. अमिताभ ने फि‍ल्‍म की 300 करोड़ की केलक्‍शन होने पर ट्विटर पर बधाई देते हुए लिखा है, "वाह! हैप्पी न्यू ईयर ने ग्लोबली 300 करोड़ की कमाई कर ली है. शाहरुख और फराह को ढेरों बधाई. फराह और शाहरुख ये आंकड़ा डिज़र्व करते हैं...फराह आप मुझे अपनी फिल्म का हिस्सा कब बना रही हैं?' लेकिन अमिताभ के इस ट्वीट पर कमेंट करते जया ने हुए इसे बकवास फिल्म बताया है. जया बच्‍चन ने कहा है कि यह फिल्‍म बिलकुल ऊटपटांग हैं.
इस फिल्‍म में इन दोनों हस्तियों के बेटे अभिषेक बच्‍चन ने अहम रोल अदा किया है.

काले हिरण के शिकार मामले में सलमान खान को सुप्रीम कोर्ट की लताड़

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने काले हिरण के शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने पर जयपुर हाईकोर्ट द्वारा लगाई की रोक को चुनौती देने वाली राजस्थान सरकार की याचिका पर फैसला बुधवार को सुरक्षित रख लिया।
हाईकोर्ट ने सलमान को दोषी ठहराने के निचली अदालत के फैसले पर इसलिए रोक लगा दी थी, ताकि फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में ब्रिटेन जाने के लिए उन्हें वीजा मिल सके।
सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति एके गोयल की पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि सलमान को दोषी ठहराए जाने के फैसले पर सिर्फ इसलिए रोक नहीं लग सकती कि इससे उन्हें ब्रिटेन का वीजा नहीं मिल सकता। इस मामले में सलमान के अतिरिक्त अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम के नाम भी शामिल हैं।
आरोप है कि राजस्थान में फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान उन्होंने काले हिरण का शिकार किया था, जो संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आता है। सलमान को निचली अदालत ने 2006 में दोषी ठहराया था और हाईकोर्ट ने पिछले साल इस फैसले पर रोक लगा दी थी।

बसपा से राजाराम व वीर सिंह को फिर राज्यसभा का टिकट

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी ने एक बार फिर राजाराम व वीर सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। दलित वर्ग के ही दो लोगों को राज्यसभा सदस्य के लिए प्रत्याशी बनाए जाने के फैसले पर बसपा प्रमुख मायावती ने सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि विधायकों की संख्या कम होने से सभी प्रमुख जातियों को भागीदारी देने में वह असमर्थ थीं, इसलिए आधार वोट बैंक दलित वर्ग के ऐसे व्यक्तियों को प्रत्याशी बनाया गया है जो बामसेफ के समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं।
माल एवेन्यू स्थित बसपा के प्रदेश मुख्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी प्रमुख मायावती ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। बताया कि राजाराज और वीर सिंह एडवोकेट को फिर से राज्यसभा सदस्य बनाने का निर्णय किया गया है। दोनों ही पार्टी के मूवमेंट के लिए जी-जान से जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह अगर किसी एक वर्ग को भागीदारी देती तो दूसरा वर्ग खुद की उपेक्षा महसूस करता जो कि पार्टी हित में ठीक नहीं था।
राजाराम बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तो वीर सिंह हैं महासचिवः
बसपा से फिर राज्यसभा सदस्य बनने जा रहे राजाराम और वीर सिंह बामसेफ और बीएस-फोर से पार्टी के मूवमेंट से जुड़े हुए हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने दोनों को पार्टी की अहम जिम्मेदारी सौंप रखी है। राजाराम बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है। मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले राजाराम को मायावती ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा व राजस्थान राज्यों का पार्टी प्रभारी भी बना रखा है।
वर्ष 2008 में पहली बार राज्यसभा सदस्य बनने से पहले वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी थे। मुरादाबाद के मूल निवासी वीर सिंह पेशे से वकील हैं। पहली बार 2002 में पार्टी से राज्यसभा सदस्य बने वीर सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा के सदस्य बनेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद का भी दायित्व संभाल रहे वीर सिंह महाराष्ट्र सहित तीन राज्यों के पार्टी प्रभारी भी हैं।
टिकट के लिए 100 करोड़ दे रहे थे अखिलेश दासः
बसपा अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को प्रेस वार्ता में सनसनीखेज खुलासा किया कि राज्यसभा का टिकट दोबारा हासिल करने के लिए डा. अखिलेश दास सौ करोड़ रुपये देने की पेशकश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश 200 करोड़ रुपये देते तो भी उन्हें दोबारा नहीं भेजतीं। उन्हें ही राज्यसभा व विधान परिषद भेजा जाएगा जो पार्टी के मूवमेंट को समझने के साथ ही जमीन से जुड़े हैं और जनाधार बढ़ाने वाले हैं।
बसपा छोडऩे के पीछे पार्टी नेतृत्व पर पैसे के लेन-देन के अखिलेश दास के आरोपों को खारिज करते हुए मायावती ने कहा कि उनके दुख को समझा जा सकता है। अखिलेश जब कांग्रेस छोड़कर आए थे तब उन्होंने राहुल गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। बकौल मायावती, 'मैंने वैश्यों को पार्टी से जोडऩे के उनके वादे पर भरोसा करते हुए उन्हें राज्यसभा भेजा था, पर वह राज्यसभा की बैठकों में भी जाने के बजाय बिजनेस में पैसे को सेट करने में ही लगे रहे।
बसपा प्रमुख ने बताया कि अखिलेश दास पहले लखनऊ में और फिर 21 अक्टूबर को दिल्ली में उनसे मिले थे। अखिलेश ने उनसे कहा कि 'बहन जी आपके सिवा मेरा कोई नहीं है, मुझे राज्यसभा में जरूर रिपीट कर दें। पार्टी को आगे बढ़ाने को धन की जरूरत होती है। जितना भी मेरे से चाहें मैं 50-100 करोड़ रुपये देने को तैयार हूं।इस पर मैने उनसे पूछा कि पार्टी से वैश्यों को कितना जोड़ा? वादे पर खरे नहीं उतरे हो इसलिए 200 करोड़ देने पर भी रिपीट नहीं करूंगी।

मोदी कैबिनेट का जल्द होगा विस्तार, पार्रिकर बन सकते हैं रक्षा मंत्री

नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट का जल्द विस्तार हो सकता है । सूत्रों के मुताबिक, 12 नवंबर से पहले कैबिनेट का विस्तार होने की संभावना है। इस कैबिनेट विस्तार में देश को नया रक्षा मंत्री मिल सकता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि रक्षा मंत्री किसे बनाया जाएगा, लेकिन गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के नाम की चर्चा जोरों पर है।
सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी की विदेश यात्रा से पहले 9 या 10 नवंबर को केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार किया जा सकता है। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर आज दिल्ली में भाजपा प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर वह इस रक्षा मंत्री और कैबिनेट से जुड़े सवालों के जवाब टाल गए। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि वह इस संबंध में पीएम से होने वाली मुलाकात के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
वैसे, उनकी इस मुलाकात के भी कई मायने निकाले जा रहे हैं। कयास यह लगाए जा रहे हैं कि मोदी उन्हें केंद्र में रक्षा मंत्री का दायित्व दे सकते हैं। इसके अलावा श्रीपद नाइक उनके स्थान पर गोवा के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। सुरेश प्रभु और जयंत सिन्हा को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक 10 से 14 नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे कुछ राज्य मंत्रियों को तरक्की देकर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है, इनमें प्रकाश जावड़ेकर और निर्मला सीतारमन प्रमुख हैं। ऐसे मंत्री जिनके पास कई मंत्रालय हैं उनका भी भार कम किया जा सकता है। इनमें नितिन गडकरी और रविशंकर प्रसाद के नामों की चर्चा जोरों पर है।

अरुण जेटली ने दिए पाकिस्‍तान से बातचीत के संकेत, पाकिस्‍तान को सीमा में रहने कहा

केंद्र सरकार ने पाकिस्‍तान से बातचीत के संकेत दिए हैं और संबंधों को सामान्‍य करने की इच्‍छा जताई है. रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को दो टूक कहा कि पाकिस्‍तान अगर संबंधों को ठीक करने का इच्‍छुक है तो इसकी कुछ सीमाएं है और वह तय करें तभी बातचीत संभव है.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, 'हम पाकिस्तान के साथ बातचीत करने, संबंधों को सामान्य करने के इच्छुक हैं, लेकिन इसकी भ्‍ाी कुछ सीमाएं हैं.'
इकनॉमिक समिट में अरुण जेटली ने पाकिस्‍तान से कहा, 'हम बात करना चाहते हैं लेकिन आपको तय करना होगा कि क्या आप हमारे विदेश सचिव से बात करना चाहते हैं या फिर उनसे, जो भारत को तोड़ना चाहते हैं.'
आपको बता दें कि भारत ने अगस्‍त 2014 में पाकिस्‍तान के साथ विदेश सचिवों की बैठक को आखिरी समय में रद्द कर दिया था, क्‍योंकि पाकिस्‍तान ने कश्‍मीर के अलगाववादियों से मुलाकात कर बातचीत की थी. उन्‍होंने सख्‍ती से कहा कि एलओसी में सीजफायर का बार-बार उल्‍लंघन बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा.
जेटली ने नई दिल्‍ली से पाकिस्‍तान को तीन संदेश दिए. 'पहला कि भारत बातचीत करना चाहता है, दूसरा कि हम विदेश सचिव भेजेंगे, लेकिन पाकिस्‍तान तय करे कि वह विदेश सचिव से बात करना चाहता है या अलगाववादियों से. और तीसरा, अंतरराष्‍ट्रीय बॉर्डर के हालात इस तरह से नहीं चल सकते हैं.'
उन्‍होंने कहा कि इस तरह तनाव के हालात में बातचीत संभव नहीं है. भारत, पाकिस्‍तान के साथ संबंधों को सामान्‍य करना चाहता है, लेकिन पाकिस्‍तान पर निर्भर करता है वह ऐसा करना चाहता है या नहीं.
इसके अलावा उन्‍होंने श्रम कानून पर भी बात की. जेटली ने कहा, 'श्रम कानून के कुछ पहलुओं को निश्चित रूप से सुधारा जा सकता है.' उन्‍होंने कहा, 'भारत डब्ल्यूटीओ के तहत व्यापार सुगमता के खिलाफ नहीं, कृषि क्षेत्र में हिस्सेदारी के लिए स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए.' जेटली ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में किसानों के लिए मुआवजा बढ़ाने संबंधी प्रावधान को लेकर कोई विवाद नहीं, लेकिन भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जटिल बना दी गई है. उन्‍होंने कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था को सुधारने में काफी समय लगेगा.

अरुण जेटली ने दिए पाकिस्‍तान से बातचीत के संकेत, पाकिस्‍तान को सीमा में रहने कहा

केंद्र सरकार ने पाकिस्‍तान से बातचीत के संकेत दिए हैं और संबंधों को सामान्‍य करने की इच्‍छा जताई है. रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को दो टूक कहा कि पाकिस्‍तान अगर संबंधों को ठीक करने का इच्‍छुक है तो इसकी कुछ सीमाएं है और वह तय करें तभी बातचीत संभव है.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, 'हम पाकिस्तान के साथ बातचीत करने, संबंधों को सामान्य करने के इच्छुक हैं, लेकिन इसकी भ्‍ाी कुछ सीमाएं हैं.'
इकनॉमिक समिट में अरुण जेटली ने पाकिस्‍तान से कहा, 'हम बात करना चाहते हैं लेकिन आपको तय करना होगा कि क्या आप हमारे विदेश सचिव से बात करना चाहते हैं या फिर उनसे, जो भारत को तोड़ना चाहते हैं.'
आपको बता दें कि भारत ने अगस्‍त 2014 में पाकिस्‍तान के साथ विदेश सचिवों की बैठक को आखिरी समय में रद्द कर दिया था, क्‍योंकि पाकिस्‍तान ने कश्‍मीर के अलगाववादियों से मुलाकात कर बातचीत की थी. उन्‍होंने सख्‍ती से कहा कि एलओसी में सीजफायर का बार-बार उल्‍लंघन बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा.
जेटली ने नई दिल्‍ली से पाकिस्‍तान को तीन संदेश दिए. 'पहला कि भारत बातचीत करना चाहता है, दूसरा कि हम विदेश सचिव भेजेंगे, लेकिन पाकिस्‍तान तय करे कि वह विदेश सचिव से बात करना चाहता है या अलगाववादियों से. और तीसरा, अंतरराष्‍ट्रीय बॉर्डर के हालात इस तरह से नहीं चल सकते हैं.'
उन्‍होंने कहा कि इस तरह तनाव के हालात में बातचीत संभव नहीं है. भारत, पाकिस्‍तान के साथ संबंधों को सामान्‍य करना चाहता है, लेकिन पाकिस्‍तान पर निर्भर करता है वह ऐसा करना चाहता है या नहीं.
इसके अलावा उन्‍होंने श्रम कानून पर भी बात की. जेटली ने कहा, 'श्रम कानून के कुछ पहलुओं को निश्चित रूप से सुधारा जा सकता है.' उन्‍होंने कहा, 'भारत डब्ल्यूटीओ के तहत व्यापार सुगमता के खिलाफ नहीं, कृषि क्षेत्र में हिस्सेदारी के लिए स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए.' जेटली ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में किसानों के लिए मुआवजा बढ़ाने संबंधी प्रावधान को लेकर कोई विवाद नहीं, लेकिन भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जटिल बना दी गई है. उन्‍होंने कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था को सुधारने में काफी समय लगेगा.