Tuesday, 26 November 2013

तलवार दंपत्ति को उम्रकैद, डासना जेल ले जाया गया

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नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में विशेष सीबीआई कोर्ट ने मंगलवार को तलवार दंपति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक दिन पहले ही दंत चिकित्सक राजेश और नूपुर तलवार को दोहरे हत्याकांड में दोषी ठहराया था। फैसला आने के बाद तलवार दंपति को कड़ी सुरक्षा के बीच डासना जेल भेज दिया गया।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस लाल ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानने से इनकार कर दिया। सीबीआई ने कोर्ट से फांसी की सजा की मांग की थी। कोर्ट ने राजेश तलवार को गुमराह करने के आरोप में एक साल कारावास की सजा अलग से सुनाई। 90 दिन में हाईकोर्ट में अपील संभव : तलवार दंपति के पास कोर्ट से सजा पाने के बाद अब 90 दिन के अंदर हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। इस दौरान जमानत याचिका भी दी जा सकती है। अधिवक्ता नरेश चौधरी के मुताबिक इस केस में जमानत मिलने की संभावना बनती है, क्योंकि इससे पहले भी तलवार दंपति जमानत पर ही बाहर थे और कोई सीधा साक्ष्य भी इनके खिलाफ नहीं है। कोर्ट ने क्यों नहीं माना ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ 1. इसे भावनात्मक अपराध की श्रेणी में रखा जाता है, जिनमें अदालत का रुख उदार रहता है 2. तलवार दंपति ने अपराध क्षणिक आवेश में आकर किया, योजनाबद्ध ढंग से नहीं 3. हत्याएं नृशंस ढंग से नहीं की गई थीं जो समाज के मानस को झकझाेर कर रख दें गुनाह 16 मई 2008
नोएडा के जलवायु विहार में तलवार दंपति ने आरुषि और हेमराज का कत्ल किया 17 मई 2008
नौकर हेमराज का शव तलवार दंपति के घर  की छत पर मिला गुंजाइश
1. क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर सजा हुई है जो उच्च अदालतों में सुरक्षित नहीं मानी जाती है
2. सीधा सबूत नहीं है
3. परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर उम्रकैद की सजा टिकाऊ नहीं होती है गम
अदालत में मौजूद एक वकील के मुताबिक आरुषि-हेमराज हत्याकांड में सजा सुनाए जाने के बाद राजेश और नूपुर तलवार के चेहरे पर पछतावे और गम के भाव साफ नजर आ रहे थे। उम्रकैद के मायने
20 साल की सजा होती है उम्रकैद के तहत सभी मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 57 के मुताबिक 14 साल की सजा पूरी होने से पहले माफी नहीं मिल सकती बशर्ते राष्ट्रपति अपने अधिकार इस्तेमाल न करें। यहां से माफ हो सकती है सजा
राज्य सरकार: धारा 433 के मुताबिक 14 साल बाद सजा माफ कर सकती है
राज्यपाल: भारतीय दंड संहिता के अनुच्छेद 161 के अनुसार 14 साल बाद सजा माफ कर सकता है
राष्ट्रपति: किसी भी वक्त सजा खत्म कम या निलंबित कर सकता है। 14 साल सजा की बंदिश लागू नहीं होती। किस धारा में कितनी सजा
धारा  सजा  जुर्माना
302  उम्रकैद  10 हजार रुपये
201  पांच साल             पांच हजार रुपये
203  एक साल  दो हजार रुपये

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